Feedback
दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर कवि और पूर्व आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास चर्चा में हैं. वजह है दिल्ली विधानसभा में होने वाली उनकी ‘संगीतमय राम कथा’ और उससे जुड़े पोस्टर, जिन्होंने नई बहस छेड़ दी है.
दरअसल, दिल्ली विधानसभा में पहली बार राम कथा का आयोजन किया जा रहा है. इसमें कुमार विश्वास रामायण और भगवान राम के जीवन को संगीत के जरिए पेश करेंगे. इस कार्यक्रम को लेकर राजधानी में कई जगह बड़े-बड़े पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस पोस्टर की हो रही है, जो देर रात आम आदमी पार्टी (AAP) के दफ्तर के बाहर लगाया गया.
‘आप भी आमंत्रित हैं’ ने बढ़ाया सस्पेंस
इन पोस्टरों में कुमार विश्वास की तस्वीर के साथ लिखा गया है कि ‘आप भी आमंत्रित हैं’. यही लाइन अब चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि ‘आप’ शब्द को लोग आम आदमी पार्टी से जोड़कर देख रहे हैं. कुछ जानकारों का कहना है कि यह सिर्फ निमंत्रण नहीं, बल्कि AAP नेतृत्व, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर एक प्रतीकात्मक तंज भी माना जा रहा है. दिलचस्प बात यह है कि ऐसे पोस्टर सिर्फ AAP दफ्तर के बाहर ही नहीं, बल्कि दिल्ली के कई इलाकों में भी लगाए गए हैं. इससे यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है.
पोस्टर हटने से और बढ़ी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, AAP दफ्तर के बाहर लगाया गया पोस्टर कुछ समय बाद हटा दिया गया. इसके बाद सवाल उठने लगे कि आखिर इसे क्यों हटाया गया. हालांकि आम आदमी पार्टी की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पोस्टर हटने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग तरह की बातें हो रही हैं.
कुमार विश्वास और AAP का पुराना रिश्ता
कुमार विश्वास कभी आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते थे. पार्टी के शुरुआती दौर में वे अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाते थे. लेकिन समय के साथ दोनों के रिश्तों में दूरी बढ़ी और कुमार विश्वास ने कई मौकों पर पार्टी नेतृत्व पर सवाल भी उठाए. ऐसे में अब AAP दफ्तर के बाहर लगे ‘आप भी आमंत्रित हैं’ वाले पोस्टरों को सिर्फ सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है.
विधानसभा में पहली बार राम कथा
दिल्ली विधानसभा के अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्यक्रम ‘संगीतमय राम कथा’ के रूप में आयोजित किया जाएगा. इसमें भगवान राम के जीवन और उनके आदर्शों को आधुनिक तरीके से लोगों तक पहुंचाया जाएगा. जानकारी के अनुसार, इस आयोजन के लिए करीब ढाई हजार लोगों को निमंत्रण भेजा जा रहा है. इसमें केंद्रीय मंत्री, उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक और पूर्व विधायक शामिल हैं.
राजनीतिक और सांस्कृतिक संदेश दोनों?
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह आयोजन सिर्फ धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रह गया है. जिस तरह से इसके पोस्टर लगाए गए और ‘आप’ शब्द का इस्तेमाल किया गया, उसने इसे राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बना दिया है.
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या आम आदमी पार्टी के नेता इस कार्यक्रम में शामिल होंगे या इससे दूरी बनाए रखेंगे. वहीं कुमार विश्वास के समर्थक इसे संस्कृति और राम कथा से जुड़ा सकारात्मक आयोजन बता रहे हैं.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू