नई दिल्ली. इंडोनेशिया के अनुभवी कोच इरवानस्याह आदि प्रतामा की देखरेख में प्रैक्टिस शुरू करने वाली दो बार की ओलंपिक मेडल विजेता पीवी सिंधू ने कहा कि करियर के इस चरण में उनके पास सफलता हासिल करने के लिए अभी काफी जज्बा बाकी है. हैदराबाद की इस 29 साल की पूर्व विश्व चैंपियन ने पिछले दो साल में कई कोच के साथ काम किया है लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. इसमें पेरिस ओलंपिक में मेडल जीतने से विफल रहना भी शामिल है.
पिछले महीने अपनी शादी के बाद मलेशिया ओपन से चूकने के बाद इंडिया ओपन सुपर 750 में वापसी करने वाली सिंधू ने कोच इरवानस्याह की देख-रेख में प्रैक्टिस शुरू कर दिया. इंडोनेशिया के इस कोच को जोनाथन क्रिस्टी और एंथोनी गिंटिंग जैसे मेंस सिंगल खिलाड़ियों के करियर को संवारने का श्रेय दिया जाता है.
सिंधू ने इंडिया ओपन की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘मैं अभी बेंगलुरु में कोच इरवानस्याह के देखरेख में प्रैक्टिस कर रही हूं. अभी डेढ़ सप्ताह ही हुए हैं. मूल रूप से वह महिला सिंगल कोच हैं और साथ ही वह कुछ युवा लड़कों को भी प्रशिक्षित कर रहे हैं. मैं उनके साथ काम जारी रखना चाहती हूं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘कोच और खिलाड़ी के बीच समझ काफी अहम होती है. इसमें समय लगेगा. हमें एक-दूसरे की सोच को समझने के लिए कुछ प्रैक्टिस सत्रों की आवश्यकता होगी. भारत की इस शीर्ष महिला खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मैंने उसके बारे में बहुत कुछ सुना है और मुझे लगा कि वह मेरे लिए सही कोच है. जिस तरह से वह प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों को लेकर जिस तरह से योजना बनाते हैं वह शानदार है.’’