Shreeom Singh
Date: 25-10-26 16:11
ईरान और इजरायल के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से ईरान की मौजूदा सत्ता को हटाने की चेतावनी के बाद तेहरान ने कड़ा जवाब दिया है. ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि अगर ईरान की सुरक्षा और हितों पर हमला हुआ, तो इजरायल को एक घंटे से भी कम समय में रहने लायक नहीं छोड़ा जाएगा.
अजीजी ने इसके साथ एक नक्शा भी साझा किया है, जिसमें इजरायल के कई अहम ठिकानों को दिखाया गया है. इनमें पानी की सप्लाई, बिजलीघर, तेल रिफाइनरी, ईंधन भंडारण केंद्र और परिवहन नेटवर्क शामिल हैं. हालांकि, यह ईरान की ओर से दी गई धमकी है. इससे यह साफ नहीं होता कि इन जगहों पर हमला करने का कोई फैसला लिया जा चुका है.
ईरान ने क्या चेतावनी दी?
इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नेतन्याहू के बयान के जवाब में यह पोस्ट किया. नेतन्याहू ने ईरान की मौजूदा सत्ता को हटाने की बात कही थी. इसके बाद अजीजी ने चेतावनी दी कि ईरान के राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा के खिलाफ किसी भी कदम का जवाब दिया जाएगा.
ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, साझा किए गए नक्शे में इजरायल के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को चिह्नित किया गया है. इनमें डिमोना का परमाणु अनुसंधान केंद्र, समुद्री पानी को पीने लायक बनाने वाले संयंत्र, बिजलीघर, तेल रिफाइनरी और प्रमुख पुल शामिल हैं.
इस धमकी से संकेत मिलता है कि संभावित संघर्ष की स्थिति में ईरान केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात नहीं कर रहा, बल्कि इजरायल की जरूरी सेवाओं और बुनियादी ढांचे पर हमले की चेतावनी भी दे रहा है.
पानी, बिजली और तेल को निशाना बनाने की धमकी
ईरान की ओर से साझा नक्शे में इजरायल के कई अहम बुनियादी ढांचों का जिक्र किया गया है. इनमें सोरेक, हदेरा, अशदोद और अशकेलोन के समुद्री जल शोधन संयंत्र शामिल हैं. ये संयंत्र समुद्र के पानी को पीने लायक बनाते हैं और पानी की सप्लाई में अहम भूमिका निभाते हैं.
इसके अलावा ओरोत राबिन और एश्कोल बिजली संयंत्रों का भी उल्लेख किया गया है. हाइफा और अशदोद की तेल रिफाइनरी तथा ईंधन भंडारण केंद्रों को भी संभावित निशानों में शामिल बताया गया है. नक्शे में डिमोना स्थित परमाणु अनुसंधान केंद्र के साथ प्रमुख पुलों और हाईवे से जुड़े स्थानों का भी जिक्र है.
अगर भविष्य में दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर संघर्ष होता है, तो ऐसे बुनियादी ढांचों पर हमले से आम लोगों की जिंदगी प्रभावित हो सकती है. पानी, बिजली और ईंधन की सप्लाई पर असर पड़ने का खतरा भी पैदा हो सकता है.
क्या अमेरिका ईरान पर हमले की तैयारी कर रहा है?
ईरान की यह धमकी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका और इजरायल की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर तनाव बना हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में एक रैली के दौरान ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य अभियान दोबारा चलाने की संभावना का जिक्र किया. उन्होंने पहले चलाए गए अभियान का संदर्भ देते हुए कहा कि अमेरिका एक छोटा ‘एपिक फ्यूरी’ अभियान फिर से चला सकता है.
हालांकि, अमेरिकी प्रशासन की ओर से मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला करने की योजना से इनकार किया गया है. व्हाइट हाउस की उप प्रेस सचिव अन्ना केली ने समाचार वेबसाइट ‘ड्रॉप साइट’ को दिए बयान में कहा कि अमेरिका मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा.
रिपोर्ट में अमेरिकी हथियारों को पश्चिम एशिया की ओर भेजे जाने का भी जिक्र किया गया है. ऐसे में क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, लेकिन अमेरिका या इजरायल की ओर से किसी नई सैन्य कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.
भारत 24 लाइव — भारत का विश्वसनीय हिंदी समाचार पोर्टल। ताज़ा खबरें, विश्लेषण, वीडियो।
लाइव भारत 24 ऐप डाउनलोड करें और लाइव समाचार देखें