Shreeom Singh
Date: 25-09-26 10:55
रोम: इटली की सरकार ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनने पर रोक लगाने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की कैबिनेट ने गुरुवार को इससे जुड़े आदेश को मंजूरी दी. इसके साथ ही स्कूलों की हर क्लास में इटैलियन भाषा की कम जानकारी रखने वाले छात्रों की संख्या सीमित करने का भी फैसला लिया गया है. मेलोनी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार के इन फैसलों की जानकारी दी.
इटैलियन न जानने वाले छात्रों की संख्या सीमित
प्रधानमंत्री मेलोनी ने बताया कि जिन छात्रों को इटैलियन भाषा की अच्छी जानकारी नहीं है, उनकी संख्या एक क्लास में 30 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होगी. सरकार की ओर से ऐसे छात्रों को इटैलियन सीखने में मदद देने के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है.
मेलोनी ने इन फैसलों को स्कूलों में बेहतर एकीकरण की दिशा में उठाया गया कदम बताया. उनका कहना है कि ये नियम लोगों को अलग करने के बजाय समाज में घुलने-मिलने में मदद करेंगे.
शिक्षा मंत्री ग्यूसेप वाल्डिटारा ने स्पष्ट किया कि 30 प्रतिशत की सीमा छात्रों की नागरिकता पर नहीं, बल्कि उनकी इटैलियन भाषा की जानकारी पर आधारित होगी. वहीं, बुर्का और नकाब पर रोक को सरकार ने लैंगिक समानता से जोड़कर पेश किया है. दूसरी ओर, विपक्षी दलों का आरोप है कि मेलोनी सरकार अगले साल होने वाले चुनाव से पहले अपनी दक्षिणपंथी नीतियों को आगे बढ़ा रही है.
हिजाब पर नहीं लगाई रोक
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, कैबिनेट बैठक से पहले इस आदेश के कई ड्राफ्ट तैयार किए गए थे. हालांकि, इसमें यह साफ था कि चेहरे को ढंकने वाले बुर्के और नकाब पर रोक होगी. हिजाब इस नियम के दायरे में नहीं आएगा, क्योंकि इसमें चेहरा दिखाई देता है.
नए नियमों के तहत अगर किसी बच्चे को स्कूल और समाज में घुलने-मिलने में परेशानी होती है, तो सोशल सर्विस को मामले में शामिल किया जा सकता है. ऐसे मामलों में माता-पिता को मुफ्त इटैलियन भाषा की क्लास में शामिल होने के लिए कहा जाएगा. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन पर 1000 यूरो तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
तुरंत लागू हो सकता है आदेश
कैबिनेट ने इस फैसले को डिक्री लॉ के तौर पर मंजूरी दी है. इसका मतलब है कि नियम तुरंत प्रभावी हो सकता है. हालांकि, इसे 60 दिनों के भीतर संसद से मंजूरी मिलना जरूरी होगा.
मेलोनी सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले इंटीग्रेशन यानी समाज में नए लोगों के घुलने-मिलने का मुद्दा चर्चा में है.
इटली के स्कूलों में इटैलियन भाषा को लेकर पहले से कुछ दिशा-निर्देश लागू हैं. साल 2010 में जारी एक सरकारी नोटिस में उन छात्रों के लिए 30 प्रतिशत की सीमा तय की गई थी, जिनके पास इटैलियन नागरिकता नहीं थी. नया आदेश इसी सीमा को कानूनी आधार देने की दिशा में कदम बताया जा रहा है.
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