ईरान के विदेश मंत्री बोले- अमेरिका ने आगे की बातचीत का अनुरोध किया – BBC

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची रूस के दौरे पर हैं. उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात की है.
रौनक भैड़ा, सुमंत सिंह
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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची रूस के दौरे पर हैं. उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात की है.
इस बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अराग़ची ने कहा कि ईरान "दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति (अमेरिका) के सामने डटा हुआ है" और अमेरिका "अपने एक भी लक्ष्य हासिल नहीं कर सका है."
उन्होंने कहा, "इसी वजह से उन्होंने बातचीत का अनुरोध किया है और हम इस पर विचार कर रहे हैं."
अमेरिका की ओर से इस पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि इस युद्ध ने दिखाया है कि ईरान के "रूस जैसे बड़े दोस्त और सहयोगी" हैं. उन्होंने समर्थन के लिए क्रेमलिन का धन्यवाद भी किया.
अराग़ची के इस दौरे पर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का भी बयान आया है.
सरकारी समाचार एजेंसी तास के मुताबिक़, लावरोव ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि बातचीत "उपयोगी" रही.
वहीं, रूसी समाचार एजेंसी इंटरफै़क्स ने बताया कि यह वार्ता "क़रीब डेढ़ घंटे" तक चली.
इससे पहले पुतिन ने अराग़ची को ईरान युद्ध समाप्त कराने में रूस की ओर से मदद की पेशकश की थी, जबकि क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि रूस शांति समझौते तक पहुंचने में मध्यस्थता के लिए तैयार है.
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हिंदी सिनेमा में 70, 80 और 90 के दशक के दिग्गज अभिनेता भरत कपूर का मुंबई में सोमवार को निधन हो गया. उनकी आयु तक़रीबन 80 वर्ष थी.
सोमवार की शाम परिजनों और क़रीबी दोस्तों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया.
भरत कपूर के दोस्त और अभिनेता अवतार गिल ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से उनके निधन की पुष्टि की है.
अवतार गिल ने बीबीसी के सहयोगी पत्रकार इक़बाल परवेज़ से कहा, “मुंबई में दोपहर तीन बजे उनका निधन हुआ. और शाम को क़रीब 6.30 बजे सायन अस्पताल के पास श्मशान में उनका अंतिम संस्कार हुआ.”
उन्होंने हिन्दी सिनेमा में 1970, 80 और 90 के दशक में कई तरह के चरित्रों में अपने अभिनय से जान भरी.
भरत कपूर ने नूरी (1979), राम बलराम (1980), लव स्टोरी (1981), बाज़ार (1982), ग़ुलामी (1985), आख़िरी रास्ता (1986) जैसी चर्चित फ़िल्मों में काम किया.
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आईपीएल फ़्रेंचाइज़ पंजाब किंग्स की ओनर प्रीति ज़िंटा और उनकी क्रिकेट टीम के खिलाड़ी युज़वेंद्र चहल के सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो रहे हैं.
दरअसल, प्रीति ज़िंटा ने एक्स पर हैशटैग पीज़ीचैट के साथ यूजर्स से सवाल पूछने का न्यौता दिया.
इस पर युज़वेंद्र चहल ने मज़ाकिया अंदाज़ में कमेंट किया, "मैम, एक मैच में ओपन बैटिंग करने का मौक़ा मिल जाए तो."
चहल के इस कमेंट पर प्रीति ज़िंटा ने भी मज़ाकिया अंदाज़ में ही जवाब दिया.
उन्होंने कहा, "बिल्कुल युज़ी, आपके लिए कुछ भी. आईपीएल ख़त्म होने दो, उसके बाद जिस भी मैच में आप ओपनिंग करना चाहें. मुझे पूरा भरोसा है कि प्रभ और प्रियांश को कोई आपत्ति नहीं होगी."
युज़वेंद्र चहल पंजाब किंग्स टीम का हिस्सा हैं. इस साल आईपीएल में पंजाब किंग्स टॉप पर बनी हुई है. टीम अब तक एक भी मैच नहीं हारी है.
पंजाब किंग्स ने सात मैचों में छह मैच जीते हैं, जबकि एक मैच बेनतीजा रहा है.
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संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष एनालीना बेयरबॉक एक दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं. इस दौरान वह विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाक़ात करेंगी.
यूएन की वेबसाइट के मुताबिक़, बेयरबॉक विदेश मंत्री जयशंकर से द्विपक्षीय वार्ता करेंगी. वह भारत के एआई रेगुलेशन और गवर्नेंस मॉडल को समझने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रतिनिधियों से भी मुलाक़ात करेंगी.
संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष यूएन हाउस में प्रेस कॉन्फ़्रेंस भी करेंगी. इसके अलावा वह एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दौरा करेंगी. इसके बाद वह चीन के दौरे पर रवाना होंगी.
इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी पिछले हफ़्ते बयान जारी कर एनालीना बेयरबॉक की यात्रा की जानकारी दी थी.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, विदेश मंत्री जयशंकर के बुलावे पर बेयरबॉक 28 अप्रैल को भारत दौरे पर रहेंगी.
मंत्रालय का कहना है कि इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री और महासभा अध्यक्ष आपसी हितों से जुड़े बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे.
विश्व हिन्दू परिषद की क्या मांगें?
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इस बीच, विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) ने बेयरबॉक को पत्र लिखकर 'पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचारों और धर्मांतरण' का मुद्दा उठाया है.
ये पत्र विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने लिखा है.
आलोक कुमार ने पत्र के ज़रिए चार मांगे रखी हैं. इसमें उन्होंने "जबरन धर्मांतरण और अल्पसंख्यकों पर हिंसा की स्वतंत्र और निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच, पीड़ितों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था" जैसी मांगें रखीं.
इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तान और बांग्लादेश से "अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुरूप जवाबदेही तय करने और महिलाओं और नाबालिग़ों की सुरक्षा के लिए सख़्त क़ानूनी और संस्थागत उपाय लागू करने" की मांग की.
अतीत में भारत सरकार ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को लेकर संसद में बयान दिया था.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी में दिसंबर 2024 को छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़, भारत के विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्द्धन सिंह ने लोकसभा में कहा था कि साल 2024 में 8 दिसंबर तक बांग्लादेश में हिंदुओं और दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों के ख़िलाफ़ हिंसा की 2,200 घटनाएं हो चुकी हैं.
उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा की घटनाओं के आंकड़े भी दिए.
बांग्लादेश ने 'अल्पसंख्यक उत्पीड़न' पर भारत की संसद में पेश किए गए आंकड़ों और उस पर आधारित भारतीय मीडिया में छपी कई रिपोर्टों का विरोध किया था.
तत्कालीन अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार की प्रेस विंग ने कहा, "जानकारी भ्रामक और बढ़ा-चढ़ा कर पेश की गई है"
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रूस के सरकारी टेलीविज़न पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची का बयान प्रसारित हुआ है.
अराग़ची ने कहा है कि रूस और ईरान के बीच संबंध "रणनीतिक साझेदारी" का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो "आगे भी मज़बूत होते रहेंगे."
अराग़ची रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात करने रूस पहुंचे हैं. इस वक्त दोनों नेताओं की बैठक चल रही है.
ईरानी प्रतिनिधिमंडल में उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी और मॉस्को में ईरान के राजदूत काज़ेम जलाली भी शामिल हैं.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि ईरान से जुड़े किसी समझौते पर भविष्य की बातचीत में रूस "दोनों पक्षों के मुताबिक़ मध्यस्थता" के लिए तैयार है.
उन्होंने कहा, "हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश करने को तैयार रहेंगे कि शांति सुनिश्चित हो और दुश्मनी दोबारा शुरू न हो."
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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात की है.
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास के मुताबिक़, राष्ट्रपति पुतिन ने अराग़ची से कहा कि ईरानी लोग अपनी संप्रभुता के लिए साहस के साथ संघर्ष कर रहे हैं.
तास ने पुतिन के हवाले से यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस कठिन दौर से निकलने के बाद ईरान में शांति आएगी.
समाचार एजेंसी के मुताबिक़, पुतिन ने अराग़ची से यह भी कहा कि रूस "जितनी जल्दी संभव हो सके, मध्य पूर्व में शांति लाने के लिए हर संभव कोशिश करेगा."
इस मुलाक़ात की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं.
ईरानी विदेश मंत्री के टेलीग्राम चैनल पर साझा तस्वीरों में अराग़ची को पुतिन से हाथ मिलाते और दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ मेज़ पर बातचीत करते देखा जा सकता है.
पुतिन के साथ रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव और रूस की जीआरयू सैन्य ख़ुफ़िया एजेंसी के प्रमुख इगोर कोस्त्युकोव भी मौजूद हैं.
इस मुलाक़ात से पहले क्रेमलिन की ओर से एक बयान आया था.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के हवाले से सरकारी समाचार एजेंसी तास ने कहा कि "मध्य पूर्व में और ईरान के आसपास हालात जिस तरह बदल रहे हैं, उसे देखते हुए इस बातचीत की अहमियत का अंदाज़ा लगाना मुश्किल है."
अराग़ची सोमवार को रूस पहुंच चुके हैं. वह ऐसे समय रूस का समर्थन मांगने पहुंचे हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त कराने की कूटनीतिक कोशिशें रुक सी गई हैं.
बातचीत दोबारा शुरू होने की उम्मीदों को शनिवार को झटका लगा, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और जैरेड कुशनर की इस्लामाबाद यात्रा रद्द कर दी.
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व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप डिनर पार्टी के दौरान हुई गोलीबारी के बाद सीक्रेट सर्विस के नेतृत्व के दृढ़ता से साथ हैं.
अधिकारी के मुताबिक़, राष्ट्रपति का मानना है कि सीक्रेट सर्विस ने उनकी और दूसरे अधिकारियों की सुरक्षा में बेहतरीन काम किया. साथ ही, चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ सूज़ी वाइल्स इस हफ़्ते एक बैठक बुलाएंगी, जिसमें बड़े आयोजनों के लिए प्रोटोकॉल और व्यवस्थाओं पर चर्चा होगी.
अधिकारी ने आगे कहा, "बैठक में उन प्रक्रियाओं और इंतज़ामों पर चर्चा होगी, जिन्होंने शनिवार की घटना के दौरान सुरक्षा प्रतिक्रिया में मदद की."
"साथ ही अतिरिक्त विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा, ताकि आने वाले महीनों में राष्ट्रपति ट्रंप के कई बड़े आयोजनों की सुरक्षा के लिए सभी संबंधित टीमें हर संभव कदम उठा सकें, क्योंकि वह अमेरिका के 250वीं वर्षगांठ समारोह की तैयारी कर रहे हैं."
इस गोलीबारी के बाद कई सवाल उठे हैं और कार्यक्रम में शामिल कई लोगों ने यह भी पूछा है कि क्या सुरक्षा घेरा पर्याप्त मज़बूत था.
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राजस्थान के बांसवाड़ा ज़िले के एक गांव में रविवार को एक युवक की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया. मृतक युवक के परिजनों और आक्रोशित ग्रामीणों ने दूसरे पक्ष के क़रीब तीस घरों में आग लगा दी.
यह घटना ज़िले के मोटागाँव पुलिस थाना इलाक़े के टामटिया गांव की है.
इस आगजनी की वजह से कई पशुओं की जलकर मौत हुई है. पुलिस के मुताबिक़, कई घरों में तोड़फोड़ भी की गई है.
घटना की सूचना पर मौक़े पर पहुंची पुलिस पर भी पथराव किया गया. देर रात कलेक्टर, एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौक़े पर पहुंचे. ज़िला मुख्यालय से अतिरिक्त फ़ोर्स बुलाकर स्थिति को काबू किया गया.
मोटागाँव पुलिस थाना प्रभारी रमेश पाटीदार ने घटना की जानकारी देते हुए बीबीसी से फ़ोन पर कहा, "सोमवार दोपहर में मृतक के परिजनों की ओर से दो दर्जन नामजद लोगों के ख़िलाफ़ हत्या समेत अन्य धाराओं में एफ़आईआर दर्ज करवाई गई है."
उन्होंने कहा, "कुछ अनजान अभियुक्त भी शामिल हैं. एफ़आईआर दर्ज होने के बाद परिजनों को साथ लेकर शव का पोस्टमॉर्टम करने अस्पताल पहुंचे हैं."
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थाना प्रभारी ने बताया, "मृतक युवक का गांव की ही एक युवती से प्रेम प्रसंग था. दोनों पक्षों के बीच इस बात को लेकर विवाद चल रहा था. रविवार को युवक की हत्या के बाद घरों में आग लगने की घटना हुई है. आरोपी पक्ष के सभी परिवारजन फ़रार हैं."
घटना के बाद से इलाक़े में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पांच थानों की पुलिस तैनात की गई है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच हुए फ़्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफ़टीए) को 'ऐतिहासिक' बताया है.
इससे पहले न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफ़र लक्ज़न ने भी इस समझौते को भारत और न्यूज़ीलैंड के रिश्तों में एक 'ऐतिहासिक पड़ाव' बताया था.
पीएम मोदी ने एक्स पर न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा, "आज भारत-न्यूज़ीलैंड की साझेदारी में एक ऐतिहासिक पल दर्ज हुआ है."
उन्होंने कहा, "भारत-न्यूज़ीलैंड एफ़टीए हमारी विकास साझेदारी को अभूतपूर्व गति देगा. यह दोनों देशों को जोड़ने वाले गहरे भरोसे, साझा मूल्यों और महत्वाकांक्षा को दिखाता है."
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा, "इस समझौते से हमारे किसान, युवा, महिलाएं, एमएसएमई, कारीगर, स्टार्टअप, स्टूडेंट्स और इनोवेशन से जुड़े लोगों को बड़ा फ़ायदा मिलेगा. इससे विकास के नए रास्ते खुलेंगे, अवसर पैदा होंगे और अलग-अलग क्षेत्रों में हमारी साझेदारी और मज़बूत होगी."
उन्होंने कहा कि न्यूज़ीलैंड की ओर से '20 अरब डॉलर का निवेश' एग्रीकल्चर, मैन्युफ़ैक्चरिंग, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग को और मज़बूत करेगा.
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच सोमवार को मुक्त व्यापार समझौता हुआ है. भारत की ओर से केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूज़ीलैंड की ओर से व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने समझौते पर हस्ताक्षर किए.
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लद्दाख के उप-राज्यपाल विनय कुमार (वीके) सक्सेना ने केंद्र शासित प्रदेश में पांच ज़िलों के गठन की घोषणा की है. उप-राज्यपाल ने इसकी जानकारी देते हुए इस दिन को 'ऐतिहासिक' बताया है.
ये पांच नए ज़िले होंगे- नुब्रा, शाम, चांगथांग, ज़ास्कर और द्रास.
लद्दाख में केवल दो ही ज़िले हैं- कारगिल और लेह. उप-राज्यपाल की अनुमति के बाद अब लद्दाख में अब कुल सात ज़िले हो जाएंगे.
वीके सक्सेना ने कहा, "मैंने लद्दाख में पांच नए ज़िले बनाने की अधिसूचना को मंज़ूरी दे दी है. इससे लद्दाख के लोगों की लंबे समय से लंबित मांग और उनकी आकांक्षाएं पूरी हुई हैं."
सक्सेना के मुताबिक़, नए ज़िले बनाने के लिए अगस्त 2024 में गृह मंत्रालय ने मंज़ूरी दी थी.
"इससे ज़मीनी स्तर पर प्रशासन मज़बूत होगा, प्रशासनिक ढांचे का विकेंद्रीकरण होगा और लद्दाख के लोगों, ख़ासकर दूरदराज़ इलाक़ों में रहने वालों तक सार्वजनिक सेवाएं तेज़ी से पहुंच सकेंगी."
उप-राज्यपाल का कहना है कि नए ज़िलों के गठन से 'जनता और सरकार के बीच क़रीबी बढ़ेगी. साथ ही विकास, रोज़गार और उद्यमिता के नए अवसर भी बनेंगे.'
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भारत और न्यूज़ीलैंड ने सोमवार को फ़्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफ़टीए) पर हस्ताक्षर किए.
भारत की ओर से केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूज़ीलैंड की ओर से व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने दोनों देशों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए.
इस दौरान पीयूष गोयल ने कहा, "भारत-न्यूज़ीलैंड एफ़टीए सिर्फ़ 9 महीनों के रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ. यह रफ़्तार हमारे देशों के बीच भरोसे की गहराई और साझा महत्वाकांक्षा को दिखाती है."
उन्होंने कहा, "पिछले साढ़े तीन सालों में यह सातवां एफ़टीए है जिस पर मैं हस्ताक्षर कर रहा हूं, जबकि दो और बाक़ी हैं. आने वाले कुछ महीनों में यह यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ होगा."
इस समझौते के बाद न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफ़र लक्ज़न ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इसे भारत और न्यूज़ीलैंड के रिश्तों में एक 'ऐतिहासिक पड़ाव' बताया.
न्यूज़ीलैंड के पीएम ने एक्स पर लिखा, "न्यूज़ीलैंड के लिए यह एफ़टीए दुनिया के सबसे सक्रिय बाज़ारों में से एक का दरवाज़ा खोलता है और व्यापार, निवेश, इनोवेशन और जुड़ाव के अभूतपूर्व अवसर पैदा करता है. यह समझौता न्यूज़ीलैंड के निर्यात बाज़ारों में विविधता लाने में मदद करेगा."
उन्होंने कहा, "भारत के लिए यह समझौता विकास, इनोवेशन और नए अवसर लेकर आता है. इससे भारतीय निर्यातकों को पहले ही दिन से न्यूज़ीलैंड के बाज़ार में बिना किसी टैरिफ़ के पहुंच मिलेगी और भारतीय उपभोक्ताओं को हमारे उच्च गुणवत्ता वाले निर्यात उत्पादों तक बेहतर पहुंच मिलेगी."
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पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी समर्थकों के बीच हिंसक झड़प की घटना में पुलिस ने टीएमसी के एक पार्षद गोपाल राउत समेत चार लोगों को गिरफ़्तार किया है.
यह घटना उत्तर 24-परगना ज़िले के जगद्दल इलाक़े की है. सोमवार को इसी इलाक़े में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक रैली को संबोधित करना है.
पुलिस की ओर से जारी एक बयान में इस घटना की जानकारी देते हुए बताया गया कि बाक़ी अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के लिए तलाशी अभियान जारी है.
चुनाव आयोग ने इस घटना पर पुलिस से रिपोर्ट मांगी है और दोषियों की शीघ्र गिरफ़्तारी का निर्देश दिया है.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोमवार को इलाक़े में प्रधानमंत्री की प्रस्तावित सभा से पहले रविवार देर रात दोनों दलों के समर्थक आपस में भिड़ गए. इसकी सूचना मिलते ही केंद्रीय बल के जवान मौक़े पर पहुंच गए.
इस घटना की शिकायत करने नोआपाड़ा के बीजेपी उम्मीदवार और पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार बैरकपुर के पूर्व सांसद के साथ जगद्दल थाने पहुंचे.
बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमला किया और पत्थर फेंके.
वहीं, बीजेपी उम्मीदवार राजेश कुमार ने पत्रकारों से कहा, "थाना परिसर में ही हमारे ऊपर हमला किया गया. इसके लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भड़काऊ भाषण ही ज़िम्मेदार हैं."
दूसरी ओर, भाटपाड़ा सीट के तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार अमित गुप्त ने पत्रकारों से बातचीत में बीजेपी समर्थकों पर पार्टी के एक कार्यकर्ता से मारपीट का आरोप लगाया.
चश्मदीदों का कहना है कि रविवार रात को क़रीब 11 बजे दोनों दलों के समर्थक आपस में भिड़ गए. इस दौरान केंद्रीय बल का एक जवान भी घायल हो गया.
स्थानीय लोगों के मुताबिक़, दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर पथराव किया. इस दौरान बम फोड़े गए और फ़ायरिंग भी हुई. हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है.
फ़िलहाल इलाक़े में भारी तादाद में पुलिस और केंद्रीय बलों के जवान तैनात हैं.
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व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में शनिवार रात वॉशिंगटन डीसी में गोलीबारी करने वाले संदिग्ध शख़्स को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा.
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक़, आरोपी की पहचान 31 साल के कोल टोमस एलन के रूप में की है, जो कैलिफ़ोर्निया के टॉरेंस से है.
अमेरिका के अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि आरोपी ट्रंप प्रशासन के सदस्यों को निशाना बना रहा था. उनका कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी संभावित टारगेट थे.
अधिकारियों ने बीबीसी के अमेरिकी पार्टनर सीबीएस न्यूज़ को बताया कि संदिग्ध को वॉशिंगटन डीसी के नॉर्थ-वेस्ट इलाक़े में मेट्रोपॉलिटन पुलिस डिपार्टमेंट स्टेशन में रखा गया था.
आज उसे राजधानी के साउथ-ईस्ट हिस्से में एक डिटेंशन सेंटर ले जाया जाएगा.
रविवार को एक बयान में व्हाइट हाउस ने कहा कि कैबिनेट सदस्यों और राष्ट्रपति की 'हत्या की कोशिश में गोली चलने' के बाद भी ट्रंप 'डरे हुए नहीं हैं.'
व्हाइट हाउस कॉरस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष वेइजिया जियांग ने इस हमले को 'डरावना' बताया.
संबंधित कहानी: ट्रंप और प्रशासन के आला अधिकारी थे हमलावर के संभावित टारगेट, मैकेनिकल इंजीनियर था संदिग्ध
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ईरान: आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ़ क्यों दिखाई नहीं दे रहे हैं?
वो संगठन जिनके इशारे पर बीजेपी और टीएमसी के बड़े नेताओं को भी चलना पड़ता है
बिहार: जाति आधारित गाने बजाने पर चिराग पासवान और लालू यादव समर्थकों में मारपीट, ऐसे गानों का ट्रेंड क्यों बढ़ रहा है?
ट्रंप और प्रशासन के आला अधिकारी थे हमलावर के संभावित टारगेट, मैकेनिकल इंजीनियर था संदिग्ध
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डिनर पार्टी में हुई फ़ायरिंग के बाद कहा कि वह इसको लेकर घबराए नहीं.
डोनाल्ड ट्रंप ने बीबीसी के अमेरिकी साझेदार सीबीएस न्यूज़ को इंटरव्यू दिया. इसमें कहा, "मैं घबराया नहीं था. मैं ज़िंदगी को समझता हूं. हम एक क्रेज़ी वर्ल्ड में रहते हैं."
ट्रंप से इंटरव्यू में पूछा गया कि जेडी वेंस को सबसे पहले कमरे से बाहर निकाला गया, उन्हें क्यों नहीं? इस पर ट्रंप ने कहा कि वह अपनी इच्छा से वहां रुके हुए थे.
उन्होंने कहा, "मैं देखना चाहता था कि क्या हो रहा है… मैं जानना चाहता था कि क्या चल रहा है."
गौरतलब है कि वॉशिंगटन हिल्टन होटल में कॉरस्पॉन्डेंट्स डिनर में शनिवार को फ़ायरिंग हो गई थी. इसके बाद जल्दबाज़ी में राष्ट्रपति ट्रंप और उप राष्ट्रपति वेंस को वहां से निकाला गया.
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राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों का बीजेपी में विलय स्वीकार कर लिया.
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पोस्ट में इसकी पुष्टि की है.
जिन सांसदों का बीजेपी में विलय हुआ है, वो हैं राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता.
राज्यसभा की वेबसाइट अब दिखा रही है कि ये सात सांसद बीजेपी सांसदों की सूची में शामिल हो गए हैं.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इस बदलाव के बाद बीजेपी की राज्यसभा में बीजेपी सांसदों की संख्या 113 हो गई है.
राघव चड्ढा ने 24 अप्रैल को 6 सांसदों के साथ आम आदमी पार्टी छोड़ी थी. उन्होंने कहा था कि दो-तिहाई से अधिक सांसदों के पार्टी छोड़ने पर दल बदल क़ानून लागू नहीं होगा.
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा था कि वो इन सांसदों को राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे.
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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची रूस पहुंच चुके हैं. यहां पर उन्होंने कहा कि वो रूस से लगातार बातचीत करते रहे हैं, बस युद्ध की वजह से कुछ समय से मुलाक़ातें नहीं हो सकीं.
रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में अब्बास अराग़ची ने कहा, "हमने अपने रूसी दोस्तों से युद्ध से जुड़े हालात और मौजूदा स्थिति पर चर्चा और ताज़ा हालात की समीक्षा करेंगे. यह स्वाभाविक है कि ज़रूरी तालमेल भी किया जाए."
अराग़ची ने पाकिस्तान का ज़िक्र करते हुए कहा, "इस देश ने ईरान-अमेरिका की बातचीत में मध्यस्थ की अहम भूमिका निभाई है. हमने पाकिस्तान में अपने दोस्तों से अच्छी बातचीत की, अल्लाह का शुक्र है कि यह बहुत सफल यात्रा रही."
उन्होंने कहा, "हमने अब तक जो हुआ उसकी समीक्षा की और आगे बातचीत किस तरह और किन शर्तों पर जारी रह सकती है, इस पर चर्चा की."
गौरतलब है कि इससे पहले अब्बास अराग़ची पाकिस्तान और ओमान गए थे, जहां पर मध्य पूर्व के ताज़ा हालात को लेकर चर्चा हुई थी.
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आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी किया. उन्होंने इसमें आप को छोड़ने के कारण बताए.
राघव चड्ढा ने कहा, "मैं एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हूं, मेरे सामने बेहतरीन करियर था, मैं उसे छोड़कर राजनीति में आया."
उन्होंने कहा, "मैंने जिस पार्टी को 15 साल तक ख़ून-पसीने से सींचा, उसने मुझे काम करने से रोका, संसद में बोलने से रोका जाता है. ये राजनीतिक दल आज चंद भ्रष्ट लोगों के हाथ में रह गया है, जो देश के लिए नहीं बल्कि अपने निजी फ़ायदे के लिए काम करते हैं."
"ऐसी स्थिति में मेरे सामने तीन ऑप्शन थे. पहला, मैं राजनीति ही छोड़ दूं. दूसरा, मैं इस पार्टी में रहकर चीज़ें ठीक करने की कोशिश करूं, जो कि हुआ नहीं. तीसरा, मैं अपनी एनर्जी और एक्सपीरियंस लेकर दूसरे दल के साथ पॉज़िटिव पॉलिटिक्स करूं. इसलिए मैंने अकेले ने नहीं, बल्कि कुल 7 सांसदों ने आम आदमी पार्टी से रिश्ता तोड़ दिया."
राघव चड्ढा ने हाल ही में 6 सांसदों के साथ आम आदमी पार्टी छोड़ी थी. उन्होंने कहा था कि दो-तिहाई से अधिक सांसदों के पार्टी छोड़ने पर दल बदल क़ानून लागू नहीं होगा.
सात सदस्यों के निकलने के बाद पार्टी के राज्यसभा में सिर्फ़ तीन सांसद रह जाएंगे.
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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस स्वर्णकांता के सामने पेश नहीं होंगे.
केजरीवाल ने सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को चिट्ठी लिखकर कहा है कि आबकारी मामले में सीबीआई की अपील याचिका पर वो ख़ुद या उनके वकील पेश नहीं होंगे.
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "पूरी विनम्रता और न्यायपालिका के प्रति सम्मान के साथ, मैंने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को यह पत्र लिखा है. इसमें बताया है कि गांधीजी के सत्याग्रह के सिद्धांतों पर चलते हुए, मेरे लिए या मेरे वकील के लिए इस केस को उनकी अदालत में आगे बढ़ाना संभव नहीं होगा."
उन्होंने लिखा, "मैंने यह कठिन फ़ैसला इसलिए लिया है क्योंकि मुझे साफ़ तौर पर लगा कि उनकी अदालत में चल रही कार्यवाही उस मूल सिद्धांत को पूरा नहीं करती कि न्याय सिर्फ़ होना ही नहीं चाहिए बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए."
केजरीवाल ने कहा, "अगर मैं ख़ुद या वकील के ज़रिए इन कार्यवाहियों में शामिल भी हो जाऊं, तो उससे कोई ख़ास फ़ायदा नहीं होगा."
केजरीवाल ने एक वीडियो भी पोस्ट किया. इसमें उन्होंने कहा, "जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा जी से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट चुकी है. अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनते हुए, गांधी जी के सिद्धांतो को मानते हुए और सत्याग्रह की भावना के साथ, मैंने फ़ैसला किया है कि मैं इस केस में उनके सामने पेश नहीं होऊंगा और कोई दलील भी नहीं रखूंगा."
केजरीवाल ने कहा, "जस्टिस स्वर्णकांता के दोनों बच्चे केंद्र सरकार के लिए काम करते हैं. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता उनके बच्चों को केस सौंपते हैं."
गौरतलब है कि दिल्ली की शराब नीति मामले से जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को हटाने की अरविंद केजरीवाल और अन्य की याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था.
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