उनके लिए मठ हमारे लिए डंडे – Hindustan

अब तक राजनीति में ही ‘बचाओ-बचाओ’ की गुहार लगती थी, अब लेखकों से कहा जा रहा है कि बचाओ-बचाओ, संविधान बचाओ, जनतंत्र बचाओ, आजादी बचाओ… हमें बचाओ। लेखकों को हमेशा विरोध की राजनीति करने को कहा जाता था। लेखक का काम हमेशा सत्ता के विरोध में रहना बताया जाता था, विरोध की कविता-कहानी करना बताया जाता था, सत्ता से सवाल करने वाली रचना करने और सवाल में भी कठिन सवाल पूछने को कहा जाता था।
एक दौर ऐसा भी रहा, जब लेखक दूसरे से पूछते रहते थे कि ‘साथी तुम्हारी राजनीति क्या है?’ या कि ‘तय करो किस ओर हो तुम’? बहुत से लेखक ऐसे सवाल सुनकर झटका खा जाते और सोचने लगते कि यह पूछ क्या रहा है? यह कैसा सवाल है, जो साहित्यकार से किया जा रहा है? जैसे ही कोई जवाब में कहता कि मैं तो अ-राजनीतिक हूं, साहित्य का राजनीति से भला क्या संबंध? साहित्य अलग है और राजनीति अलग… मेरे लिए रचना प्रथम, राजनीति दोयम या अंतिम है’, फौरन उसे रूपवादी, भाववादी, यथास्थितिवादी, प्रतिक्रियावादी, सत्तावादी, तानााशह और ‘फासिस्ट’ करार देकर साहित्य के रौरव नरक में डाल दिया जाता।
फिर प्रगतिशील आंदोलन ने साहित्य को एक नई लाइन दी कि साहित्य को ‘एजिट प्रॉप’ का काम करना चाहिए। ‘एजिट प्रॉप’ का पूरा नाम था- ‘एजीटेशनल प्रोपेगेंडा साहित्य’, यानी आंदोलनात्मक राजनीतिक प्रचारात्मक साहित्य लेखन। प्रगतिशील आंदोलन वाले चाहते थे कि हिंदी लेखक ‘एजीटेशनल प्रोपेगेंडा’ करने वाला साहित्य लिखें। उनकी ‘पॉलिटिकल लाइन’ पर पैंपलेट लिखना ही असली रचनाकर्म कहा जाता, बाकी सब रचनाएं यथास्थितिवादी मानी जातीं। वे सत्ता को मजबूत करने वाली कही जातीं और सत्ता की दलाली करने वाली बताई जातीं।
बताइए, इतने प्रगतिशील हुकुमनामों के बीच साहित्यकार करे, तो क्या करे? वह कविता-कहानी करे या राजनीति करे? वह कब अपने परिवार को पालने-पोसने का जुगाड़ करे और कब कविता-कहानी-आलोचना आदि करे? वह किसी विपक्षी सत्ता के आदेश पर राज्य-सत्ता का प्रतिरोध करने वाली रचना लिखे या सत्ता पक्ष के इशारों पर विपक्ष की सत्ता के प्रतिरोध में अपनी कलम चलाए?
एक ओर साहित्य लेखन है, जो व्यक्ति का निजी शौक है, तो दूसरी ओर राजनीतिक कर्म है, जो एक प्रकार का खट्कर्म, धंधा या ‘प्रोफेशन’ है। एक ओर रचना-कर्म जैसा उदात्त, पवित्र कर्म है, तो दूसरी ओर राजनीति जैसा निर्लज्ज, भ्रष्ट और विध्वंसक कर्म। ऐसे में, कोई साहित्यकार कुछ पढ़े-लिखे, सोच-विचार करे और रचना रचे या कि किसी नेता या राजनीतिक गुट के फायदे के लिए किसी का प्रतिरोध करे, उसके खिलाफ नारे लगाए और पुलिस के डंडे खाए?
प्रतिरोध जोखिम वाला कर्म है। यूरोप के कथित प्रतिरोध आंदोलन के चक्कर में कई यूरोपीय लेखकों को अपनी जान तक देनी पड़ी थी। ऐसे में, हिंदी वाला किसी दूसरे की खातिर ऐसो जोखिम क्यों ले? वह साहित्य करे या किसी के लिए सत्ता के रथ को रोके? फिर भी वे कह रहे हैं कि प्रतिरोध करके इतिहास में अमर हो जा, यानी ‘चढ़ जा बेटा सूली पे, भली करेंगे राम’। पिछले साठ सत्तर बरस से हिंदी साहित्य साहित्य न रहकर, राजनीति की ‘प्रॉक्सी’ बन गया है!
एक वक्त था, जब कई लेखक मुक्तिबोध के हवाले से मठ और गढ़ तोड़ने का आवाहन किया करते थे- अब अभिव्यक्ति के सारे खतरे उठाने ही होंगे/ तोड़ने ही होंगे मठ और गढ़ सब। हुआ उल्टा! मठ और गढ़ तोड़ने के नाम पर कई नए मठाधीश और गढ़ाधीश बन गए। अब यही मठाधीश और गढ़ाधीश हम जैसों से कह रहे हैं- लेखक तुम प्रतिरोध करो, हम तुम्हारे साथ हैं, यानी उनके लिए मठ और हमारे लिए डंडे! यह आपका कैसा कवि-न्याय है प्रभो। सत्ता किसी की हो, लेखक के लिए उसके पास डंडे ही हैं!
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। करीब एक सदी से यह अखबार हिंदी भाषी पाठकों की पसंद बना हुआ है। देश-दुनिया की Hindi News को पढ़ने के लिए यह अखबार लगातार पाठकों की पसंद बना हुआ है। इसके अतिरिक्त समकालीन मुद्दों पर त्वरित टिप्पणी, विद्वानों के विचार और साहित्यिक सामग्री को भी लोग पसंद करते रहे हैं। यहां आप ग्लोबल से लोकल तक के सभी समाचार एक ही स्थान पर पा सकते हैं। हिन्दुस्तान अखबार आपको उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, झारखंड, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों की खबरें प्रदान करता है। दक्षिण भारत के राज्यों की खबरें भी आप यहां पाते हैं।

इसके अतिरिक्त मनोरंजन, बिजनेस, राशिफल, करियर, ऑटो, गैजेट्स और प्रशासन से जुड़ी खबरें भी यहां आप पढ़ सकते हैं। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है।
लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
आरएसएसविज्ञापन र॓टहमार॓ साथ काम करेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT AutoHealthshotsHT SmartcastFAB Play

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News