मध्य प्रदेश के दतिया जिले में पुलिस ने 11 महीने पुराने ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सॉल्व करते हुए मृतक उदयभान सिंह के बेटे नितिन बुंदेला और उसके ताऊ कल्ली को गिरफ्तार किया है। आरोपी नितिन ने ट्रैक्टर की किस्त के 40 हजार रुपये का हिसाब मांगने पर अगस्त 2025 में सोते समय कुल्हाड़ी से पिता की हत्या कर दी थी। आरोपी ने पिता की लाश को करीब छह महीने तक बक्से में छिपाए रखा। बाद में ताऊ के साथ मिलकर उसने लाश को नदी में फेंक दिया। लेकिन वैज्ञानिक और एफएसएल जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया।
करीब 11 महीने पुराने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए बड़ौनी थाना पुलिस ने मृतक के सगे बेटे नितिन सिंह बुन्देला और उसके ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह बुन्देला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का खुलासा होने के महज एक घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार, ग्राम छता निवासी शिवसिंह ने 28 जून को अपने भाई उदयभान सिंह के करीब 11 महीने से लापता होने की सूचना दी थी। जांच के दौरान मृतक के बेटे नितिन पर संदेह गहराया।पूछताछ में उसने पहले कहानी गढ़ी कि ट्रैक्टर के कल्टीवेटर का फाल सिर पर गिरने से पिता की मौत हुई और डर के कारण उसने शव को घर में रखे एक बक्से में छिपा दिया था।
हालांकि जब पुलिस ने सामली नदी से बरामद हड्डियों, कपड़ों और अन्य साक्ष्यों की एफएसएल जांच कराई तो रिपोर्ट ने आरोपी के झूठ की पोल खुल गई। इसके बाद सख्ती से पूछताछ में नितिन टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसके पिता ने ट्रैक्टर की किस्त जमा करने के लिए उसे 40 हजार रुपये दिए थे। जब पिता लगातार पैसों का हिसाब मांगने लगे तो अगस्त 2025 में उसने सोते समय कुल्हाड़ी से सिर पर कई वार कर उनकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद शव को घर के बक्से में छिपाकर पूरे गांव और परिजनों को यह कहता रहा कि उसके पिता काम के सिलसिले में मुंबई चले गए हैं। करीब छह महीने बाद उसने अपने ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह को पूरी घटना बताई। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश को कथरी में लपेटा और सामली नदी में फेंक दिया।
बड़ौनी थाना पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अस्थियां, खाट, कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और गहन जांच के आधार पर हत्या का खुलासा किया। पूछताछ में नितिन ने पहले दावा किया कि अगस्त 2025 में ट्रैक्टर के कल्टीवेटर का फाल बदलते समय हादसे में उसके पिता की मौत हो गई थी।
आरोपी बेटे ने पुलिस को बताया कि कहा कि डर के कारण उसने शव को बक्से में छिपा दिया और बाद में ताऊ के साथ मिलकर नदी में फेंक दिया। वहीं पुलिस ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, एफएसएल जांच और आरोपियों के बयान के आधार पर नितिन बुंदेला और कल्ली उर्फ अस्पेंद्र बुंदेला के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।
कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
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शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
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