शेयर की कीमत कंपनी के सुझाए गए 135 डॉलर या उससे अधिक पर बनी रहती है, तो संस्थापक एलन मस्क दुनिया के पहले खरबपति बन सकते हैं.
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चंदन कुमार जजवाड़े, अरशद मिसाल
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स्पेसएक्स के शेयर आज यानी शुक्रवार को, अमेरिकी शेयर बाज़ार में लिस्ट हो गए हैं. इसके साथ ही यह इतिहास का सबसे बड़ा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) बन गया है.
अगर शेयर की कीमत कंपनी के सुझाए गए 135 डॉलर या उससे अधिक पर बनी रहती है, तो संस्थापक एलन मस्क दुनिया के पहले खरबपति बन सकते हैं.
कंपनी ने आईपीओ के ज़रिये 75 अरब डॉलर जुटाए हैं, जो एक नया विश्व रिकॉर्ड है. इससे पहले यह रिकॉर्ड सऊदी अरामको के पास था, जिसने 2019 में 25.6 अरब डॉलर जुटाए थे.
कारोबार शुरू होते ही शेयर का वास्तविक बाज़ार मूल्य तुरंत दिखाई नहीं देगा, क्योंकि शुरुआती कीमत निवेशकों की डिमांड-सप्लाई के आधार पर तय होती है.
मस्क के पास स्पेसएक्स के 80 फ़ीसदी से ज़्यादा शेयर हैं. यह कंपनी रॉकेट और स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर बनाती है, जिनका उपयोग अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा भी करता है.
स्पेसएक्स, मस्क के अन्य उपक्रमों में भी हिस्सेदारी रखती है, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एक्सएआई और इंटरनेट सेवा कंपनी स्टारलिंक शामिल हैं.
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फ़र्ज़ी हस्ताक्षर मामले में शुक्रवार को, क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) के अधिकारियों की एक टीम तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित घर पहुंची.
इसके बाद अभिषेक बनर्जी के वकील भी उनके घर पहुंचे.
टीएमसी के नेता मदन मित्रा ने एएनआई से कहा, "आना-जाना उनका काम है और वे आए हैं. अभिषेक बनर्जी सहयोग कर रहे हैं, उन्होंने सहयोग किया है और आगे भी करेंगे."
उन्होंने आगे कहा, "सरकारी एजेंसी हमारे अधीन काम नहीं करती है. वो हमारे निर्देशों के अनुसार काम नहीं करेंगे. इसलिए, उन्हें अपना काम करने दें."
इससे पहले गुरुवार को, सीआईडी ने कोलकाता के अलीपुर इलाके में स्थित एजेंसी के हेडक्वार्टर 'भवानी भवन' में अभिषेक बनर्जी से इस मामले में पूछताछ की थी. ये पूछताछ करीब साढ़े पांच घंटे तक चली.
इसके बावजूद अभिषेक बनर्जी को सीआईडी ने एक बार फिर रविवार को पूछताछ के लिए बुलाया है.
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बिन्यामिन नेतन्याहू ने एक्स पर एक पोस्ट कर कहा कि जब तक वो इसराइल के प्रधानमंत्री हैं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे.
उन्होंने आगे कहा, "इस मुद्दे पर मेरी और डोनाल्ड ट्रंप की पूरी सहमति है. पिछले 30 सालों से ज़्यादा समय से मैं ईरान के परमाणु कार्यक्रम के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय अभियान में सबसे आगे की पंक्ति में रहा हूं."
"अगर यह अभियान न होता, तो ईरान बहुत पहले ही इसराइल को नष्ट करने के लिए परमाणु बम हासिल कर चुका होता. ईरान यहूदी राज्य को नष्ट करने की कोशिश कर रहा है, और मैं इसे रोकने के लिए अपना जीवन समर्पित करता हूं."
नेतन्याहू ने कहा, "जब तक मैं इसराइल का प्रधानमंत्री हूं, ऐसा नहीं होने दूंगा."
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न्यूज़ीलैंड के सबसे सफल और सभी फॉर्मेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ केन विलियमसन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है.
न्यूज़ीलैंड क्रिकेट ने एक्स पर पोस्ट इसकी जानकारी दी.
विलियमसन की इस घोषणा के साथ, उनके 16 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत हो गया.
इस दौरान उन्होंने अपने देश के लिए 378 मैच खेले, अनगिनत बल्लेबाज़ी रिकॉर्ड बनाए और पूरी क्रिकेट दुनिया का सम्मान और प्रशंसा हासिल की.
35 साल के विलियमसन, न्यूज़ीलैंड के लिए सभी प्रारूपों में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ के रूप में करियर समाप्त कर रहे हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 19,346 रन बनाए, जिनमें 48 शतक और छह दोहरे शतक शामिल हैं.
2010 में न्यूज़ीलैंड क्रिकेट में अपना डेब्यू करने वाले विलियमसन ने कहा कि अब पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का ये सही समय है.
केन विलियमसन के संयास के बाद विराट कोहली ने भी एक्स पर पोस्ट अपनी यादें शेयर की.
विराट कोहली ने एक्स पर लिखा, "विरोधी से दोस्त बनने तक का सफ़र, इतने सालों तक आपको बैटिंग करते और आपके ख़िलाफ़ खेलते हुए देखना बहुत अच्छा रहा, लेकिन उससे भी ज़्यादा मैं हमारी दोस्ती, खेल और उसके बाहर की चीज़ों पर हमारी एक जैसी सोच को अहमियत देता हूं."
उन्होंने आगे कहा, "हमारी हर बातचीत और मुलाक़ात मेरे लिए बहुत खास है. भाई, मैं हमेशा आपके लिए सब कुछ अच्छा होने की कामना करता हूं. आपने अपना काम बखूबी किया है, अब आपको इसका पूरा आनंद लेना चाहिए और आराम करना चाहिए."
विराट कोहली ने आगे लिखा, "बहुत बढ़िया दोस्त, ज़िंदगी तो अभी शुरू हुई है."
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ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों को ले जा रहे कॉमर्शियल जहाज़ों पर लगातार किए जा रहे हमलों को लेकर भारत ने अमेरिका के राजनयिक को तलब किया था.
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने एक्स पर एक प्रेस रिलीज़ जारी कर बताया कि अमेरिकी राजनयिक जेसन मीक्स के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया गया.
विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, "अमेरिकी राजनयिक के सामने अमेरिकी नौसैनिक बलों के ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों को ले जा रहे, कमर्शियल जहाज़ों पर लगातार किए जा रहे हमलों के संबंध में कड़ा विरोध दर्ज कराया गया."
"इन हमलों के कारण पहले ही तीन भारतीय नागरिकों की दुखद मौत हो चुकी है, जिसे टाला जा सकता था."
"मंत्रालय ने एक बार फिर नागरिक समुद्री जहाज़ों के ख़िलाफ़ घातक बल के प्रयोग पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की."
"मंत्रालय ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाइयां स्वीकार करने लायक नहीं हैं और एक संवेदनशील क्षेत्र में, कठिन परिस्थितियों के दौरान, अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा, संरक्षा और स्थिरता को कमज़ोर करती हैं."
बयान के मुताबिक, "अमेरिकी प्रभारी राजनयिक से अनुरोध किया गया कि वो भारत की गंभीर चिंताओं को अपनी सरकार तक पहुंचाएं, साथ ही यह सुनिश्चित करें कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सेना नागरिकों की मौत रोकने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाएं."
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कांग्रेस पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के ख़िलाफ़ दिल्ली में प्रदर्शन किया है और राष्ट्रपति भवन की ओर जाने की कोशिश की.
मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मीनाक्षी नटराजन के लिए इंसाफ़ की मांग की.
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा, “आप देख रहे हैं किसी तरह से बीजेपी ने देश में घोषित रूप से तानाशाही कर दी है. मीनाक्षी जी का अधिकार था, उनकी सुनवाई होनी चाहिए थी. उनका कोई अपराध नहीं है. उनका पर्चा स्वीकार होना चाहिए था. हम चुनाव आयोग के पास गए, वहां न्याय नहीं मिला. जब तक मीनाक्षी जी को न्याय नहीं मिलेगा, हम संघर्ष करते रहेंगे.”
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होना था, इनमें दो सीटों पर बीजेपी की जीत निश्चित मानी जा रही थी, जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में आती दिख रही थी.
लेकिन रिटर्निंग ऑफ़िसर से मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया.
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन बिना पर्याप्त क़ानूनी आधार के और राजनीतिक कारणों से रद्द किया गया. पार्टी का आरोप है कि रिटर्निंग अधिकारी का फ़ैसला मनमाना और पक्षपातपूर्ण था.
कांग्रेस ने इसकी शिकायत बुधवार को चुनाव आयोग से भी की थी. लेकिन आयोग से राहत नहीं मिलने पर मीनाक्षी नटराजन ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिसपर आज यानी शुक्रवार को सुनवाई हुई.
लाइव लॉ के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस सदस्य मीनाक्षी नटराजन की उस रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मध्य प्रदेश से उनकी राज्यसभा उम्मीदवारी को खारिज किए जाने को चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने उन्हें 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम' के तहत दायर चुनाव याचिका में इस मामले को उठाने की छूट दी.
लेकिन इससे पहले ही गुरुवार को मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीनों सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है.
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने एएनआई को दिए इंटरव्यू में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और बागी गुट के बारे में बात की है.
सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, "मैं ममता दीदी के साथ था, ममता दीदी के साथ हूं और हमेशा ममता दीदी के साथ ही रहूंगा. न तो अभिषेक बनर्जी और न ही कोई और मेरा नेता है. मेरी नेता सिर्फ़ ममता बनर्जी हैं. यह एकता दिखाने और ममता बनर्जी के साथ खड़े होने का समय था, उन्हें छोड़ने का नहीं. ममता बनर्जी एक परिपक्व और अनुभवी नेता हैं."
उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी और पार्टी के दूसरे नेताओं में से कोई मेरा नेता नहीं है. ये सभी मेरे साथी रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा, "जो लोग भी दबाव या मजबूरी में कथित बागी गुट में गए हैं, उन्हें सोचना चाहिए कि वे जो शिकायतों का पिटारा लेकर आए हैं, उसके लिए क्या यही घड़ी थी ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और दूसरे नेताओं के खिलाफ शिकायत करने की."
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से बात करते हुए '370 की बिरयानी' मामले पर कहा कि मनोरंजन के नाम पर यदि कोई समाज की सीमाओं और मर्यादाओं का उल्लंघन करता है, तो यह सही नहीं होगा.
उन्होंने कहा, " भारत के संविधान ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को दी है. लेकिन उसके साथ-साथ इसका दुरुपयोग न हो, इस प्रकार की व्यवस्था भी उसी संविधान ने तैयार की है."
"जब कोई अभिव्यक्ति अमर्यादित हो जाती है, तो समाज के मर्यादित लोगों के जीने के अधिकार पर वह आक्रमण करती है और इस प्रकार का आक्रमण हमारे संविधान को मंज़ूर नहीं है."
उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि स्टैंडअप कॉमेडी सभी को पसंद है. मैं खुद भी देखता हूं. उससे मनोरंजन भी होता है. लेकिन मनोरंजन करते-करते यदि समाज की सीमाओं और मर्यादा की सीमाओं का उल्लंघन किया जाएगा, तो यह सही नहीं होगा और यह लोगों के साथ अन्याय होगा."
उन्होंने आगे कहा कि जो मर्यादा के पैरामीटर्स हैं, उन्हें ध्यान में रखते हुए स्टैंडअप कॉमेडी करनी चाहिए.
महाराष्ट्र साइबर सेल ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कंटेंट फैलाने के मामले में प्रणित मोरे और अन्य लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.
दरअसल, कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो में एक व्यक्ति ने महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद से लोग नाराज़गी जाहिर कर रहे थे.
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तृणमूल कांग्रेस के सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया ने आरोप लगाया है कि टीएमसी के बड़े नेता घर से बाहर तक नहीं निकल पा रहे हैं.
उन्होंने कहा, "दीदी, अभिषेक कौन घर से निकल पा रहा है. अभिषेक निकले तो उन पर अंडे फेंके गए. जो लोग घर से निकलते हैं उनका घेराव होता है."
"पब्लिक गंदे नारे लगाती है. इसलिए कौन आवाज़ उठाएगा. हमारे शीर्ष नेता को सुरक्षा नहीं है तो हमें कैसे सुरक्षा मिलेगी."
समाचार एजेंसी एएनआई से बाचतीत में उन्होंने टीएमसी को लेकर भी आरोप लगाया है, "हमने साल 2019 में आवाज़ उठाई थी और बड़ी बैठकों में अपनी बात रखी थी, लेकिन कोई सुनता नहीं हैं. अगर कोई ज़्यादा बोलेगा तो उसका पद काट दिया जाएगा. एक सांसद के तौर पर हमारे पास कोई आज़ादी नहीं है."
जगदीश बर्मा बसुनिया पश्चिम बंगाल की कूच बिहार लोकसभा सीट से सांसद हैं.
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– अमेरिकी हमले में मारे गए सुरेश पटनाला की आख़िरी बातचीत में अपनी पत्नी से किया वादा अधूरा रह गया
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अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने पीएम मोदी पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया है.
एमटी सेटेबेलो जहाज़ पर खाड़ी क्षेत्र में बुधवार यानी 10 जून को हमला हुआ था, इसमें 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे. इस हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए. बाकी 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया था.
कन्हैया कुमार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ''अमेरिकी सैन्य हमले में भारत के तीन नागरिकों की मौत पर प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं?…अमेरिका का नाम तक लेने की किसी मंत्री की हिम्मत नहीं है.''
ग़ौरतलब है कि खाड़ी क्षेत्र में अब तक तीन ऐसे जहाज़ों पर हमले हुए हैं जिनके अधिकांश क्रू मेंबर भारतीय हैं.
गुरुवार 11 जून को 'एमटी जलवीर' जहाज़ पर हमला हुआ था जिसपर 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे, जिन्हें बचा लिया गया.
इससे पहले 'एमटी मेरीवेक्स' जहाज़ पर सोमवार, 8 जून को हमला हुआ था, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे. इन्हें ओमान के सुरक्षा बलों ने बचाया.
अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों के मारे जाने के बाद मोदी सरकार का रुख़ घेरे में
अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे के एक साल पूरा होने पर इस हादसे में जीवित बचे एक मात्र शख़्स विश्वासकुमार रमेश ने कहा है कि आज भी वो कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं.
विश्वासकुमार रमेश ने कहा, "लोग देखते हैं कि मैं बच गया हूँ, लेकिन वे हमेशा उन चुनौतियों को नहीं देख पाते जो बंद दरवाज़ों के पीछे बनी रहती हैं. मुझे अब भी नींद न आने, एंग्जायटी और मुश्किल यादों से जूझना पड़ता है. एक साल बीतने के बाद भी, मैं अपनी ज़िंदगी को फिर से संवारने और अपने परिवार की हर संभव मदद करने की कोशिश कर रहा हूँ."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ उन्होंने कहा, "मैं ज़िंदा रहने के लिए शुक्रगुज़ार हूँ, लेकिन ज़िंदा बचना कहानी का सिर्फ़ एक हिस्सा है. उसके बाद मैंने जिन हालात का सामना किया है, वे इतने मुश्किल रहे हैं कि उन्हें शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता."
पिछले साल 12 जून 2025 को गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था.
इस हादसे में विमान सवार 242 लोगों में से 241 लोगों की मौत हो गई थी.
एयर इंडिया विमान हादसे में अकेले ज़िंदा बचे शख़्स की आपबीती
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पेट्रोलियम मंत्रालय ने पेट्रोल पंपों पर किसी ग्राहक को एक दिन में 200 लीटर से ज़्यादा हाई स्पीड डीज़ल बेचने पर रोक लगा दी है.
नए सरकारी आदेश के मुताबिक़ इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल यूज़र्स को पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीज़ल ख़रीदने से रोक दिया है और उनसे कहा है कि वे अपनी ज़रूरत का ईंधन बल्क सेल पॉइंट से ख़रीदें.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, ''ये पाबंदियां 90 दिनों तक लागू रहेंगी. कुछ इलाक़ों में डीज़ल की मांग में असामान्य बढ़ोतरी के बाद यह क़दम उठाया गया है, क्योंकि बल्क यूज़र्स कीमत के अंतर के कारण पेट्रोल पंपों से ईंधन ख़रीदने लगे थे.''
टेलीकॉम टावर और बिजली बनाने या अन्य ज़रूरतों के लिए डीज़ल का इस्तेमाल करने वाले बड़े उद्योगों को बल्क में ज़्यादा क़ीमत पर डीज़ल बेचा जाता है.
दिल्ली में पेट्रोल पंपों पर डीज़ल की कीमत 95.20 प्रति लीटर है, जबकि बल्क सेल में इसकी कीमत 134.50 रुपये है.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 11 जून को 'मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीज़ल (रिटेल आउटलेट्स के ज़रिए सप्लाई का अस्थायी रेग्युलेशन) आदेश, 2026' जारी किया.
इसमें ईंधन बेचने वालों और तेल मार्केटिंग कंपनियों को निर्देश दिया गया कि वे एक बार में 90 दिनों तक की अवधि के लिए रिटेल आउटलेट्स से बल्क ख़रीद पर रोक लगाएं.
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राजधानी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाक़े के तुग़लक़ाबाद एक्सटेंशन में शुक्रवार तड़के पांच मंज़िला इमारत में आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई है.
बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा ने दिल्ली पुलिस के हवाले से बताया है कि हादसे में मारे गए लोगों में 22 साल का एक लड़का और दो महिलाएं शामिल हैं, जबकि दो अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है.
आग लगने की इस घटना के बारे में तड़के 2:24 पर पीसीआई कॉल की गई थी.
पुलिस के मुताबिक़ आग लगने के बाद इमारत धुएं से भर गई, जिसमें फंसे 8 लोगों को निकालकर एम्स और सफ़दरजंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.
पुलिस ने अपने बयान में बताया है कि शुरुआती जांच से पता चला है कि आग ग्राउंड फ्लोर पर बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी, आग ने पास में पार्क किए गए टू-व्हीलर को अपनी चपेट में ले लिया.
इस हादसे को लेकर आगे की जांच जारी है.
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अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शूटर जसपाल राणा का 49 साल की उम्र में निधन हो गया है. मशहूर शूटर होने के साथ ही वो भारत की ओलंपिक मेडल विजेता मनु भाकर के कोच भी थे.
उनके निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "जसपाल राणा के आकस्मिक निधन से मैं स्तब्ध और शोकाकुल हूँ. एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और कोच होने के साथ-साथ अत्यंत सहज, सरल और बहुत ही नेकदिल इंसान थे. भारत में शूटिंग को एक खेल के रूप में लोकप्रिय बनाने में उनकी बड़ी प्रभावी भूमिका थी.''
उन्होंने लिखा, ''जसपाल राणा ने वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप एवं एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड मेडल दिला कर भारत का नाम पूरे विश्व में रोशन किया. उनके निधन से भारतीय खेल जगत को एक बड़ी क्षति हुई है.''
साल 1994 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय जूनियर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर जसपाल राणा ने निशानेबाज़ी में अपना सिक्का जमाया था और तब से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
जसपाल राणा ने एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और देश-विदेश की प्रतियोगिताओं में कई पदक जीते थे.
मैक्स अस्पताल ने क्या बताया
शूटर जसपाल राणा की मौत के बाद मैक्स अस्पताल (साकेत) ने बायान जारी उनकी मौत की वजह के बारे में बताया है.
बयान के मुताबिक, "जसपाल राणा को हार्ट अटैक आया था, जो तीन दिन पुराना हो चुका था. वो यात्रा कर रहे थे और अस्पताल पहुंचने तक उन्हें लगातार सीने में दर्द हो रहा था. उनकी हालत बहुत गंभीर थी. हार्ट अटैक के लिए ज़िम्मेदार आर्टरी पूरी तरह से बंद हो गई थी."
"जांच में पता चला कि उनके दिल की पंपिंग क्षमता बहुत कमज़ोर हो गई थी और उन्हें हार्ट फ़ेलियर की समस्या हो गई थी."
"हार्ट अटैक के बाद देर से अस्पताल पहुंचने वाले मरीज़ों में गंभीर जटिलताओं का ख़तरा होता है, जिसमें कार्डियक रप्चर (दिल की दीवार का फटना) भी शामिल है, जिससे अचानक मौत हो सकती है."
"बयान में बताया गया था कि राणा काफ़ी हद तक ठीक हो गए थे और आज उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलने वाली थी. लेकिन दुर्भाग्य से, सोते समय उन्हें अचानक कार्डियक रप्चर हुआ, जिससे उनकी मौत हो गई."
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ओमान कोस्ट के पास अमेरिका के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर कांग्रेस पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
एक बयान में कांग्रेस ने कहा, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ओमान के तट पर तीन भारतीय नाविकों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करती है. हम उनके परिवारों और प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं.''
कांग्रेस ने आगे कहा, ''अमेरिका की उन लापरवाह सैन्य कार्रवाइयों की भी कड़ी निंदा करते हैं, जिन्होंने इस क्षेत्र में आम नागरिकों के जहाज़ों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को ख़तरे में डाल दिया है. प्रधानमंत्री ने बार-बार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को एक कूटनीतिक उपलब्धि के तौर पर पेश किया है.''
''वे अपनी ज़िम्मेदारी से तब पीछे नहीं हट सकते जब वही संबंध भारतीयों की जान और हितों की रक्षा करने में नाकाम साबित हों.''
बुधवार यानी 10 जून को एमटी सेटेबेलो जहाज़ पर हमला हुआ था, इसमें 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे. इस हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए. बाकी 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया.
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बीते चार दिनों में भारतीय क्रू मेंबर्स वाले कम से कम तीन जहाज़ों पर हमला हुआ है.
8 जून को एमटी मारिवेक्स जहाज़ पर हमला हुआ था, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे. हालांकि, बाद में इन्हें सुरक्षित बचा लिया गया. ओमान स्थित भारत के दूतावास ने इसकी पुष्टि की थी.
एमटी जलवीर जहाज़ पर 11 जून को हमला होने की सूचना सामने आई. इस पर 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे. हालांकि हमले में कोई घायल नहीं हुआ है.
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हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों के मारे जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.
ओवैसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर क्षेत्र को अस्थिर करने और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को ख़तरे में डालने का आरोप लगाया है.
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने कहा, “ट्रंप बेकाबू हो गए हैं. उनकी वजह से पूरी दुनिया परेशान है. मैं जहाज़ पर हुए हमले की निंदा करता हूँ. क्या सेंटकॉम को यह नहीं पता कि वहाँ कितने जहाज़ चल रहे हैं? पूरे इलाक़े में उथल-पुथल है.वे हमारे जहाज़ों पर हमला कर रहे हैं. ज़रा सोचिए, हमारे कितने लोग मारे जा रहे हैं.”
एमटी सेटेबेलो जहाज़ पर बुधवार यानी 10 जून को हमला हुआ, इसमें भी 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे. इस हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए. बाकी 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया था.
इसके साथ ही खाड़ी क्षेत्र में गुरुवार 11 जून को एमटी जलवीर पर हमला हुआ है. इस जहाज़ पर 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे.
इससे पहले एमटी मेरीवेक्स जहाज़ पर सोमवार, 8 जून को हमला हुआ था, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे.
अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों के मारे जाने पर मोदी सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर विशेषज्ञ उठा रहे हैं तीखे सवाल
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ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने खाड़ी क्षेत्र में भारत के कमर्शियल जहाज़ों पर हुए हमले को लेकर अमेरिका पर निशाना साधा है.
एक सोशल मीडिया पोस्ट में बकाई ने लिखा, ''भारतीय कमर्शियल जहाज़ों पर अमेरिका के हमलों में कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है. ये हमले अमेरिका की हथियारबंद लूट और समुद्री डकैती की नीति का स्पष्ट सबूत हैं.''
उन्होंने कहा, ''हम मारे गए भारतीय नाविकों के परिवारों और मित्रों के प्रति सहानुभूति जताते हैं और भारत के लोगों और सरकार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं.''
उन्होंने मांग की, "अंतराष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका के गैरकानूनी व्यवहार के लिए उसे जवाबदेह ठहराना चाहिए, क्योंकि यह वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए ख़तरा बना हुआ है और साथ ही अमेरिकी कार्रवाई समुद्री आवाजाही की आज़ादी को भी ख़तरे में डाल रहा है."
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बीते चार दिनों में भारतीय क्रू मेंबर्स वाले इन जहाज़ों पर हमला हुआ है-
एमटी मारिवेक्स: इस जहाज़ पर सोमवार यानी 8 जून को हमला हुआ था, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे. हालांकि, बाद में इन्हें सुरक्षित बचा लिया गया. ओमान स्थित भारत के दूतावास ने इसकी पुष्टि की थी.
एमटी सेटेबेलो: इस जहाज़ पर बुधवार यानी 10 जून को हमला हुआ, इसमें भी 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे. इस हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए. बाकी 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया.
एमटी जलवीर: इस जहाज़ पर 11 जून को हमला होने की सूचना सामने आई. इस पर 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे. अभी तक किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है.
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