पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। पूर्णिया कॉलेज के संस्कृत विभाग में प्राचार्य प्रो. सावित्री सिंह के मार्गदर्शन में संस्कृत दिवस की पूर्व संध्या पर संस्कृत दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारम्भ अतिथियों द्वारा वाग्देवी सरस्वती पर पुष्पांजलि देकर तथा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। विभाग के छात्र-छात्राओं में शांभवी, सिन्धुजा,प्रतिभा, प्राची ,किरण , आदित्य एवं सिकंदर द्वारा सुमधुर सरस्वती वंदना, कुलगीत एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। स्वागत भाषण के क्रम में विभागाध्यक्ष डॉ सविता ओझा ने कहा कि संस्कृत दिवस का प्रारंभ भारत वर्ष में 1968 ईस्वी में हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य संस्कृत भाषा की ओर समाज के सभी लोगों को प्रेरित करना था।समारोह
में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गोरेलाल मेहता कॉलेज बनमनखी प्राचार्य डॉ. प्रमोद भारतीय ने संस्कृत के उच्चारण की बारीकियों पर विस्तार से विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होने संस्कृत के महत्व को बताते हुए मनुस्मृति में उद्धृत श्लोक में निहित भ्रांतियों की ओर सभागार में उपस्थित लोगों का ध्यान आकृष्ट किया और उसका निराकरण किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत प्राचीन से प्राचीन एवं आधुनिक भाषा भी है। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्णिया विश्वविद्यालय के डीआर एकेडमिक डॉक्टर नवनीत कुमार ने संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता पर बल देते हुए कहा कि संस्कृत भाषा आधुनिक युग में भी विशिष्ट रूप से प्रवहमान है क्योंकि कंप्यूटर के लिए सबसे उत्तम भाषा संस्कृत ही है ,ऐसा विद्वानों ने सिद्ध किया है। मंचस्थ अतिथि के रूप में भौतिक विभाग पूर्णिया कॉलेज के अध्यक्ष डॉक्टर मनोज सेन और पूर्णिया कॉलेज के वर्तमान परीक्षा नियंत्रक डॉ. रमन गुंजन उपस्थित रहे। डॉ मनोज सेन ने अपने संबोधन में कहा कि एनईपी 2020 में त्रिभाषा सूत्र के अंतर्गत संस्कृत का महत्व बढ़ा है और वर्तमान युग में संस्कृत का विशेष महत्व देखा जा रहा है। कार्यक्रम में आदित्य, रचित तथा सावन के द्वारा संस्कृत सुमधुर गीत प्रस्तुत किए गए। वही स्नातक के ही छात्र पीयूष और सोनू के द्वारा संस्कृत भाषा में संवाद एवं श्रवण द्वारा भाषण का प्रस्तुतीकरण हुआ। कार्यक्रम के अंत में विभाग में संपन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया और द्वितीय सत्र स्नातक के छात्र पीयूष द्वारा संस्कृत भाषा में ही धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। जीएलएम कॉलेज बनमनखी की हिन्दी विभाग की प्राध्यापिकाओं के अतिरिक्त पूर्णिया कॉलेज के विभिन्न विभागों के शिक्षकों में डॉ साजिदा अंजुम ,डॉ कंचन, सुमी दत्ता,नयनिका और डॉ उत्तम घोष आदि के साथ- साथ संस्कृत विभाग के विद्यार्थीगण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहे। राष्ट्रगान से कार्यक्रम का समापन हुआ।
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