कहानी OPERATION SINDOOR की: “7 मई की सुबह… जब ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ” — एक सैनिक की यादों से – ABP News

एक साल पहले, मई 2025 में, भारत ने आतंक के खिलाफ अपनी नीति को नए सिरे से परिभाषित किया. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के महज़ 15 दिन बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक और समन्वित कार्रवाई की. यह सिर्फ जवाबी हमला नहीं था, बल्कि एक स्पष्ट संदेश था—हमले की कीमत तय होगी, और वह भी तेजी से.
इस ऑपरेशन ने भारत की सैन्य क्षमता, खुफिया समन्वय और राजनीतिक इच्छाशक्ति को एक साथ सामने रखा. सीमापार आतंक के ढांचे को निशाना बनाकर भारत ने यह दिखाया कि अब रणनीति रक्षात्मक से आगे बढ़कर सक्रिय प्रतिरोध की है. एक साल बाद, ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि सुरक्षा नीति में बदलाव का प्रतीक बन चुका है.
कश्मीर से गुजरात तक फैली भारतीय सेना की यह वीर गाथा है. भुज सीमा पर तैनात एक जेसीओ की जुबानी सुनिए, उस दिन कैसे हालात बदले, कैसे दुश्मन की हर चाल नाकाम हुई और कैसे जवानों ने साहस व रणनीति से मोर्चा संभालते हुए देश की सुरक्षा सुनिश्चित की.
#WATCH | Bhuj, Gujarat: The Indian Army displayed its firepower and preparedness by conducting drills with L-70 air defence guns, 130 mm artillery, T-72 tanks, and MMG firing at the range.

These exercises highlighted the forces’ combat readiness and operational capability,… pic.twitter.com/JOBXHycgyK

 
“पिछले साल की बात है… 7 मई 2025 की वह सुबह आज भी मेरे भीतर वैसे ही ताज़ा है, जैसे सब कुछ अभी-अभी हुआ हो… हम अपनी नियमित ड्यूटी पर थे, तभी खबर मिली कि देश की सशस्त्र सेनाओं ने दुश्मन के आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया है… उसी के साथ ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत हुई.
उस पल माहौल बदल गया.. जिम्मेदारी का एहसास और गहरा हो गया… मैंने अपने सेक्शन के सभी जवानों को इकट्ठा किया… उनकी आंखों में जो जज़्बा था, उसने मुझे यकीन दिला दिया कि हम हर चुनौती के लिए तैयार हैं… मैंने बस इतना कहा—अब वक्त है कि हम हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब दें…
8 मई की दोपहर, जब हम अपनी पोज़िशन पर थे, तभी दुश्मन का एक ड्रोन हमारे अहम ठिकाने की तरफ बढ़ता दिखा… कुछ सेकंड के भीतर आदेश मिला—एंगेज करो… हमने बिना समय गंवाए कार्रवाई की… मेरे साथियों ने बेहद सटीक निशाना लगाया और कम से कम गोला-बारूद का इस्तेमाल करते हुए उस ड्रोन को गिरा दिया…”
#WATCH | Bhuj, Gujarat: A JCO of Army Air Defence says, “On the morning of 7th May (in 2025), we came to know that the armed forces of the country have destroyed the adversary’s terrorist hideouts. With that, Operation Sindoor began. I inspired all the jawans of our section and… pic.twitter.com/P4ryVa6fHL

 
“लेकिन दुश्मन इतनी आसानी से पीछे हटने वाला नहीं था… अगले दिन फिर वही चुनौती सामने आई—इस बार दो ड्रोन एक साथ… तनाव था, लेकिन घबराहट नहीं। हम सब अपनी-अपनी जगह पर डटे रहे… जैसे ही मौका मिला, हमने दोनों ड्रोन को मार गिराया… उस वक्त सिर्फ एक ही बात दिमाग में थी—हमारे इस महत्वपूर्ण ठिकाने की सुरक्षा किसी भी कीमत पर समझौता नहीं हो सकती… ऑपरेशन सिंदूर मेरे लिए सिर्फ एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि यह हमारे संकल्प, हमारी ट्रेनिंग और हमारे विश्वास की असली परीक्षा थी.
दुश्मन ने कई बार कोशिश की, लेकिन हम हर बार उससे एक कदम आगे रहे… आज पीछे मुड़कर देखता हूं, तो गर्व होता है… हमने यह साबित किया कि भारतीय सेना और एयर डिफेंस के जवान हर हाल में देश के महत्वपूर्ण ठिकानों की रक्षा करने में सक्षम हैं… वह कुछ दिन सिर्फ ड्यूटी नहीं थे—वह हमारे फर्ज़, हमारी हिम्मत और हमारे देश के प्रति अटूट समर्पण की कहानी थे…”
 
#WATCH | Bhuj, Gujarat: The Indian Army displayed its firepower and preparedness by conducting drills with L-70 air defence guns, 130 mm artillery, T-72 tanks, and MMG firing at the range.

These exercises highlighted the forces’ combat readiness and operational capability,… pic.twitter.com/38OqtqUmoF

भारतीय सेना ने अपनी मारक क्षमता और उच्च स्तर की तैयारी का प्रदर्शन करते हुए L-70 एयर डिफेंस गन, 130 मिमी आर्टिलरी, T-72 टैंक और मीडियम मशीन गन (MMG) के साथ व्यापक फायरिंग अभ्यास किया. यह अभ्यास केवल नियमित ड्रिल नहीं था, बल्कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और सटीक निशानेबाजी की क्षमता को परखने का अहम मंच भी बना.
इन एक्सरसाइज के जरिए सेना ने अपनी ऑपरेशनल रेडीनेस और कॉम्बैट क्षमता को मजबूती से प्रदर्शित किया. खास बात यह रही कि इसमें वही सिस्टम्स शामिल थे, जिनका उपयोग ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया गया था, जिससे उनकी प्रभावशीलता और विश्वसनीयता भी सामने आई.
मयंक प्रताप सिंह एक वरिष्ठ पत्रकार और डिजिटल न्यूज़ प्रोफेशनल हैं, जिनके पास इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 18 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उन्होंने देश के प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ काम करते हुए ब्रेकिंग न्यूज़, पॉलिटिकल कवरेज, ग्राउंड रिपोर्टिंग और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी के क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाई है. अपने करियर की शुरुआत से ही मयंक ने न्यूज़रूम की बदलती जरूरतों के अनुरूप टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म दोनों पर कंटेंट डेवलपमेंट और न्यूज़ मैनेजमेंट में विशेषज्ञता हासिल की. उन्होंने इंडिया टुडे ग्रुप में लंबे समय तक कार्य करते हुए राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख खबरों, विशेष श्रृंखलाओं और डिजिटल न्यूज़ पैकेजिंग पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके बाद उन्होंने GNT (Good News Today) में इनपुट लीड के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़रूम ऑपरेशन, स्टोरी प्लानिंग, रिपोर्टर कोऑर्डिनेशन और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल की जिम्मेदारियाँ संभालीं. ज़ी न्यूज़ में रहते हुए उन्होंने मल्टी-प्लेटफॉर्म न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल एंगल स्टोरीज़ और स्पेशल प्रोजेक्ट्स पर काम किया. IBN7 (वर्तमान News18 India) में इनपुट टीम का हिस्सा रहते हुए मयंक ने पॉलिटिकल, सोशल और नेशनल इश्यूज़ पर कई महत्वपूर्ण कवरेज को लीड किया. वर्तमान में मयंक सिंह ABP News में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं, जहाँ वे डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए कंटेंट स्ट्रेटेजी, ब्रेकिंग न्यूज़ मैनेजमेंट, एक्सप्लेनेर और इन-डेप्थ वेब कॉपीज़ पर विशेष ध्यान देते हैं. वे SEO-फ्रेंडली न्यूज़ लेखन, डेटा-ड्रिवन स्टोरीज़, ग्राउंड-आधारित रिपोर्टिंग और रियल-टाइम डिजिटल पब्लिशिंग में दक्ष हैं. मयंक की पत्रकारिता का फोकस राजनीति, चुनाव, सामाजिक मुद्दे, पब्लिक पॉलिसी और ग्राउंड रियलिटी आधारित रिपोर्टिंग रहा है. वे न्यूज़रूम में स्पीड, एक्युरेसी और एनालिटिकल अप्रोच के लिए जाने जाते हैं. उनका उद्देश्य डिजिटल युग में पाठकों को विश्वसनीय, तथ्यपरक और प्रभावशाली पत्रकारिता उपलब्ध कराना है.
Source: IOCL
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