कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर ग्रामीण मजदूरी में बड़ी वृद्धि दर्शाने के लिए आंकड़ों में हेराफेरी करने का आरोप लगाया है। पार्टी का आरोप है कि सरकार ने जून 2025 से मार्च 2026 के बीच रिपोर्ट की गई वार्षिक ग्रामीण मजदूरी वृद्धि 17-18 प्रतिशत बताई है, जबकि औसत दैनिक मजदूरी केवल एक महीने में 12.7 प्रतिशत बढ़ी हुई दर्ज की गई। कांग्रेस का दावा है कि हकीकत में वार्षिक मजदूरी वृद्धि लगभग 4.3 प्रतिशत है, जो पिछले चार वर्षों में सबसे कमजोर वृद्धि है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर आंकड़ों में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए सरकार पर तंज कसा।
उन्होंने कहा कि आंकड़ों में हेराफेरी सरकार का एंटायर पॉलिटिकल साइंस(संपूर्ण राजनीति विज्ञान) है। उन्होंने कहा कि 2024 में कांग्रेस ने यह मुद्दा उठाया था कि केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से रोजगार की परिभाषा को बदलकर रोजगार सृजन में भारी उछाल का दावा किया। जयराम ने कहा कि सरकार ने वित्त वर्ष 2018 के बाद से 16.8 करोड़ नए रोजगार सृजित होने का दावा किया। बाद में, इस प्रयास में भूमिका निभाने वाले रिजर्व बैंक के शीर्ष नेतृत्व को सरकार में महत्वपूर्ण पदों से नवाजा गया। उन्होंने दावा किया कि अब सरकार ग्रामीण मजदूरी के आंकड़ों के साथ भी यही करने की कोशिश कर रही है।
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