भास्कर न्यूज | तारापुर/संग्रामपुर
श्रावणी मेला में इस बार श्रद्धालुओं को पारंपरिक सुविधाओं के साथ तकनीक का भी अनुभव मिलेगा। पहली बार कांवरिया पथ पर एलईडी स्क्रीन के जरिए बाबा बैद्यनाथ मंदिर की आरती और पूजा का सीधा प्रसारण होगा। मंदिर में दर्शन के लिए चल रहे प्रतीक्षा समय की जानकारी भी लगातार प्रदर्शित की जाएगी, ताकि कांवरिए अपनी यात्रा और विश्राम की बेहतर योजना बना सकें। गुरुवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणिकर ने गोगाचक धर्मशाला, मौजमा टेंट सिटी, कांवरिया पथ और कुमरसार नदी क्षेत्र का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि 16 से 20 जुलाई के बीच सभी विभाग अपने-अपने कार्य हर हाल में पूरे करें। इसके बाद अधूरे कार्य मिलने पर संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
असरगंज | कंमराय गांव के पास कच्चे कांवरिया पथ में मिट्टी भराई हो रही है। ट्रैक्टर से गंगा बालू बिछाया जा रहा है। जेसीबी से भी काम चल रहा है। असरगंज थाना चौक के पास नया चापाकल लगाने का काम शुरू हुआ। शौचालय की टंकी की सफाई हो रही है। मरम्मत का काम भी तेज है। स्थानीय दुकानदारों ने बांस-बल्ला लगाने का काम शुरू किया। स्थल पर मिट्टी भराई भी कराई जा रही है। गुरुवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज के निरीक्षण को लेकर प्रखंड की सीमा कंमराय पर प्रखंड और जिला के अलग-अलग विभागों के अधिकारी जमे रहे। जिलाधिकारी सीधे अनुमंडल कार्यालय तारापुर में हुई मीटिंग में शामिल होने चले गए। कांवरिया पथ का निरीक्षण नहीं हो पाया। भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए पहली बार एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। असरगंज के कमराय से कुमरसार नदी तक 26 किलोमीटर लंबे मार्ग पर जहां कीचड़ और जलभराव मिला, वहां तत्काल बालू बिछाने के निर्देश दिए गए। चौरा नदी पुल पर रेलिंग लगाने, राज्य पथ-22 को मोटरेबल बनाने, अतिक्रमण हटाने और बिना रेलिंग वाले अन्य पुलों पर सुरक्षा कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। कुमरसार नदी में स्नान के दौरान बैरिकेडिंग, दंडाधिकारी, पुलिस बल और सीसीटीवी की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, हेल्प डेस्क, चलंत एटीएम, पार्किंग, निर्बाध बिजली आपूर्ति और सूचना केंद्रों को समय पर चालू करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं को पूरी यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।लुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु आवागमन को एक साथ प्राथमिकता दी गई है।
सुविधाओं का विस्तार, यात्रा होगी और अधिक व्यवस्थित इस वर्ष कांवरियों के ठहरने के लिए तीन के बजाय पांच टेंट सिटी विकसित की जा रही हैं। पीएचईडी की ओर से अलग अस्थायी शिविर भी बनाया जाएगा। पेयजल के लिए नौ आरओ प्लांट लगाए जा रहे हैं, जबकि 127 चापाकलों में से 90 की मरम्मत पूरी हो चुकी है। शेष कार्य तेजी से कराया जा रहा है। चार मीटर चौड़े कच्चे कांवरिया पथ पर महीन बालू बिछाई जाएगी ताकि बारिश के दौरान भी पैदल यात्रा आसान रहे। धर्मशालाओं, रेन शेल्टर और विश्राम स्थलों पर शौचालय, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। गोगाचक धर्मशाला के चापाकल का पानी जांच में अनुपयुक्त मिलने पर उसे तत्काल पेयजल योग्य बनाने का निर्देश दिया गया।
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