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दाऊद इब्राहिम का करीबी मोहम्मद सलीम डोला तुर्की से भारत प्रत्यर्पित किया गया है। वह इस्तांबुल में 'हमजा' बनकर छिपा था और एक कूरियर मंगवाने की गलती से …और पढ़ें
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुंबई के डोंगरी से फरार और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खास गुर्गे मोहम्मद सलीम डोला को तुर्की से भारत प्रत्यर्पित कर लिया गया है। मोहम्मद सलीम डोला इस्तांबुल में ‘हमजा’ बनकर छिपा हुआ था, जिसे इस्तांबुल पुलिस ने भारतीय इनपुट के आधार पर गिरफ्तार किया।
गुरुवार को कोर्ट में पेशी के बाद उसे 8 मई तक के लिए एनसीबी की रिमांड पर भेज दिया गया है, जहां उससे दाऊद के ड्रग नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जाएगी।
मुंबई के डोंगरी निवासी डोला को भारत के अनुरोध पर 2024 में जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर तुर्की में गिरफ्तार किया गया। 59 वर्षीय डोला भारत में कई नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में वांछित था और फरार था।
कई वर्षों से भारतीय सुरक्षा एजेंसियां डोला का पता लगाने में सक्रिय रूप से लगी हुई थीं। इस अभियान में शामिल अधिकारियों ने कहा कि उसे ढूंढना भूसे के ढेर में सुई ढूंढने जैसा था। क्योंकि सलीम डोला भारत से भागकर इस्तांबुल चला गया और भूमिगत हो गया। डेढ़ साल तक वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकला और उसने किसी से भी सीधे तौर पर संवाद नहीं किया।
हालांकि, कुछ दिन पहले, उसने अपने छिपने के स्थान के पते पर कूरियर से सामान मंगवाया, जिसके कारण वह पकड़ा गया। इसी लेन-देन के जरिए भारतीय एजेंसियां, इंटरपोल की मदद से, डोला के ठिकाने का पता लगाने में सक्षम हुईं। इसके बाद भारतीय अधिकारियों ने इस्तांबुल पुलिस को सूचित किया, जिन्होंने उस स्थान पर छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया।
सलीम डोला के कमरे की तलाशी के दौरान , सलीम डोला से दो भारतीय पासपोर्ट और एक बल्गेरियाई पासपोर्ट बरामद किए गए। वह बुल्गारियाई पासपोर्ट पर ‘हमजा’ के छद्म नाम से तुर्की में रह रहा था। फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि उसका बल्गेरियाई पासपोर्ट वैध था या नकली।