मेरठ। चौधरी चरण सिंह विवि कैंपस में छात्र-छात्रा जल्द ही जापानी भाषा भी सीख सकेंगे। विवि रशियन और फ्रेंच के बाद अब जापानी भाषा की शुरुआत करने जा रहा है। इसी महीने इसकी प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। मिनिन विवि के साथ सीसीएसयू कैंपस में चल रहे रूसी भाषा अध्ययन केंद्र पर भी छात्रों को अधिक मौके मिलेंगे। मिनिन विवि के विशेषज्ञ सीसीएसयू कैंपस में छात्र-छात्राओं को रूसी भाषा सिखाएंगे। फिलहाल कैंपस में 30-30 विद्यार्थियों के दो समूह रशियन लैंग्वेज सीख रहे हैं। मिनिन विवि के विशेषज्ञ इन दोनों समूहों को यह भाषा सिखा रहे हैं।
विवि प्रशासन के अनुसार कैंपस में अभी रशियन और फ्रेंच लैंग्वेज में सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम चल रहे हैं। अभी तक विभाग में केवल एक ही फेकल्टी कार्यरत थी, लेकिन हाल में विदेशी भाषा विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति हुई है।
विवि के अनुसार रूसी भाषा सीखने में विद्यार्थियों की रुचि है और पंजीकरण की संख्या भी बढ़ी है। इसी क्रम में छात्रों को जापानी भाषा सिखाने पर काम होगा। इसके लिए सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा कोर्स की शुरुआत करने की तैयारी है। इन पाठ्यक्रमों को बाहर से भी विद्यार्थी सीख सकेंगे। विदेशी भाषा की कक्षाएं शाम को होती हैं।
केंद्र एवं राज्य सरकारें भी युवाओं को जापानी भाषा सिखाने पर जोर दे रही हैं। कौशल विकास मंत्रालय एवं नेशनल स्किल डवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) के जरिए youths को जापानी भाषा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जापान में कुशल कामगारों की अत्यधिक मांग के चलते सरकार युवाओं को जापानी भाषा का प्रशिक्षण दे रही है।
ताजमहल देखने पहुंचे रूसी कलाकार
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मिनिन विवि से कैंपस पहुंचे रूसी कलाकारों के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को आगरा में ताजमहल का भ्रमण किया। वाइस रेक्टर लिलिया इरुस्किना ने विवि कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला, प्रो.जितेंद्र सिंह और डॉ.प्रितीश को यात्रा को यादगार बनाने के लिए धन्यवाद दिया। लिलिया ने कहा कि रूसी विद्यार्थियों को भारत की ऐतिहासिक विरासत ताजमल को देखना अद्वितीय क्षण रहा। प्रतिनिधिमंडल आज कैंपस में रूसी संस्कृति, कला और संगीत पर केंद्रित प्रस्तुतियां भी देगा.
शॉर्ट बायो : प्रवीण दीक्षित पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान मेरठ में उच्च शिक्षा, मौसम एवं प्रदूषण बीट पर काम कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
प्रवीण दीक्षित भारतीय मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) उच्च शिक्षा, मौसम एवं प्रदूषण बीट पर काम कर रहे हैं। 2008 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
कॅरियर का सफर
प्रवीण दीक्षित ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2006 में अमर उजाला अखबार से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2008 में हिन्दुस्तान के साथ जुड़े। अमर उजाला और हिन्दुस्तान दोनों ही समाचार पत्रों में उन्हें शिक्षा, मौसम और पर्यावरण बीट पर काम करने का मौका मिला। 2008 से वे हिन्दुस्तान में लगातार इन बीट को कवर कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएससी बायोलॉजी, बीएड के साथ-साथ हिन्दी और पत्रकारिता में स्नातकोत्तर होने से प्रवीण को विज्ञान, हिन्दी और पत्रकारिता का विशेष संयोजन मिला। इसी वजह से वह शिक्षा, विशेष रूप से उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा पर कमांड के साथ ही इनोवेशन, रिसर्च और डाटा विश्लेषण पर केंद्रित स्टोरीज़ लिख रहे हैं।
उच्च शिक्षा और लक्ष्य
उच्च शिक्षा, मौसम और इससे जुड़े रिसर्च के विषयों पर प्रवीण की गहरी समझ है। उच्च शिक्षा में उन्होंने अनेक एक्सक्लूसिव स्टोरी ब्रेक की हैं। प्रवीण का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता के साथ सटीक सूचना देने पर केंद्रित है। इसी को केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, शोध, यूजीसी, एआईसीटीई और एनसीटीई । डाटा विश्लेषण और इस पर केंद्रित समाचार
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