प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (CBCI) की ओर से आयोजित क्रिसमस समारोह को संबोधित करते हुए ईसाई समुदाय, भारत की नई नीतियों और ईसा मसीह के संदेशों को लेकर भाषण दिया.
उन्होंने कहा, “यह अवसर, यह दिन हम सबके लिए यादगार रहने वाला है. यह अवसर इसलिए भी खास है क्योंकि इसी साल CBCI की स्थापना के 80 वर्ष पूरे हो रहे हैं. मैं CBCI से जुड़े सभी लोगों को बधाई देता हूं. मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे हमेशा आपसे स्नेह मिला है. पोप फ्रांसिस से भी मुझे वही स्नेह मिलता है. इटली में G7 की बैठक के दौरान, मैं उनसे मिला. यह तीन साल में मेरी उनसे दूसरी मुलाकात थी. मैंने उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया.”
Interacted with Archbishops, Bishops and CBCI members. Also wished His Eminence, Oswald Cardinal Gracias for his 80th birthday. pic.twitter.com/8aoJndwLOt
जर्मनी में हुए हमले को लेकर पीएम ने क्या कहा?
पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल ही जर्मनी में क्रिसमस मार्केट में लोगों को जानबुझकर कार से कुचलने की घटना को लेकर कहा, “ईसा मसीह हमें प्यार का संदेश देते हैं. लेकिन पिछले दिनों जर्मनी में क्रिस्मस मार्केट में हमला हुआ इसे देख कर दुख होता है. कुछ साल पहले ईस्टर में कोलंबो में लोगों को मारा गया. मैंने मृतकों को श्रद्धांजलि दी.”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मेरे लिए वह बहुत संतोषजनक क्षण था जब हम एक दशक पहले युद्धग्रस्त अफगानिस्तान से फादर एलेक्सिस प्रेम कुमार को सुरक्षित बचाकर वापस लाए थे. वे 8 महीने तक वहां बड़ी विपत्ति में फंसे हुए थे, बंधक बने हुए थे. हमारी सरकार ने उन्हें वहां से निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए. हमारे लिए ये सभी मिशन महज कूटनीतिक मिशन नहीं हैं, बल्कि परिवार के सदस्यों को वापस लाने की भावनात्मक प्रतिबद्धता है. आज का भारत, भारत के हर बेटे को, चाहे वे किसी भी मुश्किल परिस्थिति में फंसे हों, साथ लाता है.”
कोरोना में भी हमने दुनिया की चिंता की: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कोविड -19 का जिक्र करते हुए कहा, “कोरोना की महामारी में बड़े देशों ने केवल अपने हितों की चिंता की, हमने दुनिया के 150 से ज्यादा देशों में दवाईयां पहुंचाई. गयाना दौरे पर, कुवैत दौरे पर लोगों ने भारत की तारीफ की है. बीते 10 साल में 25 करोड़ लोगों ने गरीबी को परास्त किया. ये इसलिए हुआ क्योंकि लोगों में ये उम्मीद जगी कि गरीबी से जंग जीती जा सकती है. भारत की दस साल की विकास यात्रा ने हमें उम्मीदें दी है. बाइबल कहती है हम एक दूसरे की चिंता करें, दूसरे की भलाई की कामना करें.”
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