कैब जल्दी चाहिए तो Tip दें! नहीं चलेगा एक्स्ट्रा पेमेंट का खेल, सरकार ने एग्रीगेटर्स को दिया आदेश – AajTak

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Cab Booking Tip Rules: अगर आप ओला, उबर या किसी दूसरे ऐप से कैब बुक करते हैं और बुकिंग पूरी होने से पहले ही स्क्रीन पर टिप देने या एक्स्ट्रा पैसे देने का विकल्प दिखाई देता है, तो अब ऐसा नहीं होगा. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कैब एग्रीगेटर्स को अपने मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म से ऐसे सभी फीचर्स हटाने का निर्देश दिया है. मंत्रालय का कहना है कि सफर शुरू होने से पहले एक्स्ट्रा पेमेंट के लिए इस तरह के मैसेज मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस, 2025 के नियमों का उल्लंघन करते हैं.
मंत्रालय ने 11 अगस्त को जारी अपनी एडवाइजरी में कहा है कि कैब बुक करने के दौरान यात्रियों को ऐसे मैसेज या विकल्प नहीं दिखाए जाने चाहिए, जिनसे उन्हें टिप देने के लिए कहा जाए. इनमें “एडवांस टिप”, “चूज एन एड ऑन” और “इंप्रूव योर चांसेज ऑफ क्विकर राइड कंफर्मेशन” जैसे विकल्प शामिल हैं. इसी तरह, अगर ऐप पर यह मैसेज आता है कि, आप राइड जल्दी पाने के लिए ड्राइवर को टिप दें तो इसे भी हटाना होगा.
सरकार के मुताबिक किसी भी फीचर से यात्री को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि कैब फेयर के अलावा एक्स्ट्रा पैसे देने से कैब जल्दी कन्फर्म होगी, ड्राइवर के ट्रिप स्वीकार करने की संभावना बढ़ेगी या उसे बेहतर सेवा मिलेगी. मंत्रालय ने साफ किया है कि ऐप का कोई भी फीचर ऐसा नहीं होना चाहिए जो एक्स्ट्रा पेमेंट को बेहतर सर्विस से जोड़ता हो. यानी यात्री को यह संकेत नहीं दिया जा सकता कि टिप या किसी दूसरे ऐड-ऑन के लिए पैसे देने पर ड्राइवर जल्दी मिलेगा, राइड जल्दी कन्फर्म होगी, इंतजार का समय कम होगा या सर्विस क्वॉलिटी बेहतर होगी.
सरकार का मानना है कि, इस तरह के ऑप्शन पैसेंजर पर एक्स्ट्रा पेमेंट का दबाव बना सकते हैं. इसलिए ऐप का इंटरफेस इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि यात्री बिना किसी दबाव के अपनी राइड बुक कर सके. सरकार के इस निर्देश से कैब से यात्रा करने वाले लोगों को एक बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. 
ऐसा आमतौर पर देखा जाता है कि, कैब कंपनियां हर राइड के दौरान एक और ऑप्शन देती हैं. जिसमें बताया जाता है कि, यदि आप कैब की बुकिंग जल्दी चाहते हैं तो आप अपने सर्च को और बेहतर करने के लिए ड्राइवर को टिप के तौर पर एक्स्ट्रा पेमेंट कर सकते हैं. 
राइड खत्म होने के बाद ही दे सकेंगे टिप
मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस, 2025 के क्लॉज 14.15 का हवाला देते हुए मंत्रालय ने कहा कि यात्री ड्राइवर को टिप केवल यात्रा पूरी होने के बाद अपनी इच्छा से दे सकता है. टिप देना पूरी तरह स्वैच्छिक होना चाहिए. खास बात यह है कि यात्री की ओर से दिया गया पूरा टिप (Tip Amount) ड्राइवर को ही मिलना चाहिए. एग्रीगेटर इसमें से किसी तरह की कटौती नहीं कर सकता. नियमों के मुताबिक ऐप पर ऐसा कोई टिपिंग फीचर या तरीका भी नहीं होना चाहिए, जो किसी तरह का कन्यूफ्यूजन पैदा करने वाला हो.
ऐप्स को तुरंत बदलाव के निर्देश
मंत्रालय ने सभी मोटर वाहन एग्रीगेटर्स से अपने मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म को तत्काल प्रभाव रिव्यू करने को कहा है.अगर किसी ऐप में ऐसा कोई इंटरफेस, मैसेज, पेमेंट ऑप्शन, ऐड-ऑन या दूसरा फीचर मौजूद है, जो इन नियमों के खिलाफ है, तो उसे बिना देरी के बदलना होगा. मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि राइड पूरी होने से पहले ऐसा कोई विकल्प नहीं दिखाया जाना चाहिए जो डायरेक्ट या इन-डायरेक्ट पैसेंजर को एक्स्ट्रा पेमेंट करने के लिए कहे.
सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अर्थारिटी यानी CCPA भी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म पर बुकिंग से पहले टिप मांगने की व्यवस्था को लेकर आपत्ति जता चुका है. अब सड़क परिवहन मंत्रालय ने भी अपनी स्थिति साफ कर दी है. सरकार के निर्देश का सीधा मतलब है कि कैब बुक करते समय यात्री को टिप देने के लिए किसी तरह का दबाव या लालच नहीं दिया जा सकता. यानी अब बेहतर राइड, जल्दी कन्फर्मेशन या ड्राइवर के एक्सेपटेंस के नाम पर बुकिंग से पहले टिप मांगने के विकल्पों पर सीधे तौर पर रोक लगेगी.
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