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आज के समय में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI सिर्फ फोन, लैपटॉप या ऐप्स तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पढ़ाई में इस्तेमाल होने वाले डिवाइस में भी इसकी एंट्री हो गई है. अब एक ऐसा AI कैलकुलेटर चर्चा में है, जो सिर्फ जोड़-घटाव करने के बजाय सवाल को समझकर उसे सॉल्व करने में मदद कर सकता है.
इसकी मदद से स्टूडेंट्स के लिए मुश्किल सवालों को समझना आसान हो सकता है, लेकिन इसी वजह से एग्जाम में चीटिंग को लेकर भी डर बढ़ गया है. आइए जानते हैं कि इस AI कैलकुलेटर में ऐसा क्या खास है.
आम कैलकुलेटर से कितना अलग है?
आम कैलकुलेटर में नंबर डालने पर उसका जवाब मिल जाता है. लेकिन AI वाला कैलकुलेटर इससे थोड़ा अलग तरीके से काम करता है. इसमें AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी मदद से यह सवाल को समझकर उसका जवाब निकालने में मदद कर सकता है.
यानी सिर्फ 10+20 का जवाब देने के बजाय यह मुश्किल मैथ्स के सवाल को समझने और उसे हल करने में भी मदद कर सकता है. यही वजह है कि इसे सामान्य कैलकुलेटर से ज्यादा एडवांस माना जा रहा है.
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स्टूडेंट्स के लिए कैसे आएगा काम?
अगर किसी स्टूडेंट को पढ़ाई के दौरान कोई सवाल समझ नहीं आ रहा है तो AI कैलकुलेटर उसकी मदद कर सकता है. इससे सवाल का जवाब जानने के साथ-साथ उसे हल करने का तरीका समझने में भी मदद मिल सकती है.
खासकर मैथ्स और साइंस जैसे सब्जेक्ट में इसका इस्तेमाल काफी काम का हो सकता है. स्टूडेंट किसी सवाल को समझने के लिए AI की मदद ले सकते हैं और अपनी पढ़ाई को थोड़ा आसान बना सकते हैं. लेकिन अगर स्टूडेंट हर छोटे-बड़े सवाल के लिए AI पर निर्भर रहने लगे तो उसकी खुद से सोचने और सवाल हल करने की आदत भी कम हो सकती है.
एग्जाम में क्यों बढ़ा चीटिंग का डर?
AI कैलकुलेटर को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा एग्जाम में इसके इस्तेमाल को लेकर हो रही है. इसकी वजह भी साफ है. अगर कोई डिवाइस एग्जाम के दौरान सवाल को समझकर उसका जवाब निकाल सकता है तो इसका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है.
मान लीजिए किसी एग्जाम में कैलकुलेटर ले जाने की परमिशन है. ऐसे में अगर कोई AI वाला कैलकुलेटर चुपके से एग्जाम में लेकर चला जाए तो चीटिंग के चांस काफी बढ़ सकते हैं, क्योंकि देखने में यह एक नॉर्मल कैलकुलेटर जैसा ही नजर आता है.
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क्या एग्जाम में लगेगा बैन?
अब सवाल यह है कि क्या ऐसे AI कैलकुलेटर को एग्जाम में इस्तेमाल करने की परमिशन दी जाएगी या नहीं. कई परीक्षाओं में पहले से ही स्मार्ट डिवाइस और इंटरनेट से जुड़े गैजेट्स पर रोक रहती है.आने वाले समय में एग्जाम सेंटर पर कैलकुलेटर को लेकर नियम और सख्त हो सकते हैं. हो सकता है कि सिर्फ कुछ तय मॉडल वाले नॉर्मल कैलकुलेटर को ही परीक्षा में इस्तेमाल करने की इजाजत मिले.
पढ़ाई के लिए अच्छा या एग्जाम के लिए खतरा?
देखा जाए तो AI कैलकुलेटर स्टूडेंट्स के लिए एक अच्छा लर्निंग टूल बन सकता है. इससे मुश्किल सवाल समझने और उसे हल करने का तरीका सीखने में मदद मिल सकती है.लेकिन एग्जाम के दौरान इसका गलत इस्तेमाल चीटिंग को आसान बना सकता है. इसलिए सबसे जरूरी है कि AI का इस्तेमाल पढ़ाई सीखने के लिए किया जाए, न कि परीक्षा में गलत तरीके से फायदा उठाने के लिए.
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