कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला दल भगवान शिव की पवित्र भूमि के दर्शन कर शनिवार सुबह सकुशल भारत लौट आया। लिपुलेख दर्रे पर भारतीय और चीनी अधिकारियों के बीच टेकओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यात्रियों का दल गुंजी होते हुए बुंदी के लिए रवाना हो गया।
शनिवार सुबह 8:55 बजे पहले दल के यात्रियों ने भारत में प्रवेश किया। वहीं सुबह 8:30 बजे तीसरे दल के सदस्यों ने लिपुलेख दर्रे से चीन में प्रवेश किया। इस दौरान चीनी अधिकारियों ने यात्रियों के दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी। दूसरी ओर दूसरा दल फिलहाल कैलाश परिक्रमा पर है, जबकि चौथा दल शनिवार को धारचूला से गुंजी के लिए रवाना हुआ।
पहले दल में 49 यात्री थे, 48 ने पूरी की यात्रा पहले दल में कुल 49 यात्री शामिल थे, जिनमें 15 महिलाएं और 34 पुरुष थे। यात्रा के दौरान एक यात्री गुंजी से ही वापस लौट गया था। इसके बाद 48 यात्रियों ने सफलतापूर्वक कैलाश मानसरोवर की यात्रा पूरी की। दल के साथ एक डॉक्टर और तीन भारतीय कुक सहित कुल 52 सदस्य शामिल रहे।
बुंदी में विश्राम, फिर जागेश्वर के लिए रवाना होगा दल भारत लौटने के बाद पहला दल गुंजी होते हुए बुंदी पहुंचा, जहां यात्री शनिवार को विश्राम करेंगे। रविवार सुबह दल धारचूला के रास्ते चौकोड़ी पहुंचेगा। यहां से पाताल भुवनेश्वर गुफा के दर्शन करने के बाद यात्रियों का दल अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर धाम के लिए रवाना होगा।
तीसरा दल चीन पहुंचा, दूसरा कर रहा परिक्रमा शनिवार सुबह तीसरे दल के यात्रियों ने लिपुलेख दर्रे से चीन में प्रवेश किया। सीमा पर चीनी सुरक्षा एजेंसियों ने सभी यात्रियों के दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें आगे बढ़ाया। वहीं दूसरा दल इस समय कैलाश परिक्रमा पर है, जबकि चौथा दल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार धारचूला से गुंजी के लिए रवाना हो गया है।
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