क्रिकेट की पिच हो या यूट्यूब चैनल, पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन खुलकर ‘खेलते’ हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वह लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं, फिर चाहे वह बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी हो या कोई अन्य मुद्दा। हालांकि इस बार अपने एक बयान के कारण विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने हिंदी को लेकर ऐसी बात कह दी है जिसपर बवाल मच सकता है।
सोशल मीडिया पर अश्विन का वीडियो वायरल हो रहा है। वह किसी प्राइवेट कॉलेज के कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने ग्रैजुएशन गाउन पहना हुआ था। कार्यक्रम में वह पोडियम पर भाषण देने आए। अपना भाषण शुरू करने से पहले उन्होंने छात्रों से जानने की कोशिश की कि वह किस भाषा में उन्हें सुनना चाहते हैं।
अश्विन ने सबसे पहले कहा कि जो अंग्रेजी में सुनना चाहते हैं वह ‘ये’ (चीयर) करें। इस दौरान छात्रों में शांति रही। कुछ देर बाद उन्होंने यही सवाल तमिल के लिए किया। इसके बाद छात्र चीयर करने लगे। आखिर में अश्विन ने हिंदी के लिए पूछा तो कुछ आवाजें आईं। अश्विन ने फिर से पूछा। जब ज्यादा छात्रों की आवाज नहीं आई तो उन्होंने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा नहीं है। हिंदी आधिकारिक भाषा है।’ इसके बाद फिर से चीयरिंग की आवाजें आने लगी। अश्विन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। लोगों को ऐसा लग रहा है कि इस मामले पर विवाद हो सकता है।
No Live Match
मोदी सरकार सड़क हादसे में पीड़ितों को राहत देने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि दुर्घटना के पीड़ितों के इलाज के लिए सरकार कैशलेस योजना लाने वाली है। इस योजना के तहत एक लाख रुपये से ज्यादा का इलाज मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि मार्च तक एक संशोधित योजना लाए जाने की तैयारी है।