आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) के एमएससी फिजिक्स के छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद कैंपस में लगातार विरोध प्रदर्शन और तनाव का माहौल बना हुआ है. एक तरफ जहां छात्र मुआवजे, स्वतंत्र जांच और उच्च अधिकारियों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ IIT के पूर्व छात्रों के वैश्विक नेटवर्क ‘पैन आईआईटी एलुमनाई इंडिया’ ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और छात्रों की मेंटल हेल्थ को लेकर चिंता जताई है.
‘कोई भी हार जिंदगी से बड़ी नहीं’
PanIIT Alumni India के अध्यक्ष प्रभात कुमार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि संगठन इस दुखद घटना से बेहद आहत है. उन्होंने कहा कि हम IIT दिल्ली के युवा छात्र के दुखद निधन से गहरे शोक में हैं. इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं छात्र के परिवार, दोस्तों, सहपाठियों, शिक्षकों और पूरे IIT दिल्ली समुदाय के साथ हैं. हर छात्र और युवा पेशेवर को यह समझना चाहिए कि किसी भी अकादमिक विफलता, व्यक्तिगत संघर्ष या कठिन दौर का सामना अकेले करने की जरूरत नहीं है. अपनों से बात करना और मदद मांगना बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है.
संस्थानों और समाज को मिलकर काम करने की जरूरत
PanIIT ने इस बात पर जोर दिया कि शैक्षणिक संस्थानों और समाज को एक ऐसा माहौल बनाना होगा जहां छात्र खुद को सुरक्षित और समर्थित महसूस करें. अध्यक्ष ने कहा कि हमारी संस्थाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर युवा की बात सुनी जाए, उसे समझा जाए और संकट की घड़ी में उसे यह भरोसा रहे कि मदद के लिए कोई न कोई हमेशा मौजूद है.
कैंपस में बनी हुई है गहमागहमी
गौरतलब है कि छात्र की मौत के बाद से ही IIT दिल्ली कैंपस में माहौल गरमाया हुआ है. प्रदर्शनकारी छात्र जहां एक करोड़ रुपये के मुआवजे और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग पर अड़े हैं, वहीं PanIIT के इस बयान ने छात्रों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव और डिप्रेशन के मुद्दे को एक बार फिर बहस के केंद्र में ला दिया है.