भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने सरकार द्वारा उनकी संपत्तियों से 14,131.6 करोड़ रुपये की वसूली पर सवाल उठाया है. विजय माल्या का कहना है कि उनके कर्ज से दोगुना पैसा सरकार ने वसूला है. माल्या ने कानूनी औचित्य की मांग की है. किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़े फाइनेंशियल छेड़छाड के आरोपों के बीच 2016 में भारत से भागे माल्या ने एक्स पर पोस्ट करके दावा किया कि वह राहत के हकदार हैं.
विजय माल्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”लोन वसूली ट्रिब्यूनल ने माल्या की कंपनी KFA का लोन 6,203 करोड़ रुपये तय किया है, जिसमें 1200 करोड़ रुपये का ब्याज शामिल है. वित्त मंत्री ने संसद में ऐलान की कि ED के माध्यम से बैंकों ने 6,203 करोड़ रुपये के लोन की तुलना में 14,131.6 करोड़ रुपये वसूल किए हैं. जब तक ईडी और बैंक कानूनी रूप से यह साबित नहीं कर देते कि उन्होंने दोगुने से अधिक ऋण कैसे लिया है, तब तक मैं राहत पाने का हकदार हूं, जिसके लिए मैं प्रयास करूंगा.”
यूके से प्रत्यापर्ण के प्रयास में है सरकार
प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत उनकी प्रॉपर्टी जब्त कर ली गई और पब्लिक सेक्टर के बैंकों को बकाया राशि वसूलने के लिए उनका परिसमापन कर दिया गया. भारत सरकार उन्हें भारत में मुकदमे का सामना करने के लिए यूनाइटेड किंगडम (UK) से प्रत्यर्पित करने के अपने प्रयास जारी रखे हुए है.
माल्या को लेकर सीतारमण ने क्या कहा था?
माल्या का यह पोस्ट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा को सूचित किए जाने के बाद आई है कि पब्लिक सेक्टर के बैंकों ने उनकी संपत्तियों की बिक्री से 14,131.6 करोड़ रुपये की वसूली की है. यह वसूली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा आर्थिक अपराधों से जुड़े गलत तरीके से इस्तेमाल किए गए पैसे को वापस पाने के लिए चलाए जा रहे बड़े अभियान का हिस्सा है. सीतारमण ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों में वसूली का की जानकारी दी.
सीतारमण ने कहा कि इन मामलों में कुल 22,280 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की गई है. उन्होंने कहा कि हम उनके पीछे पड़ गए हैं. ईडी ने यह पैसा इकट्ठा करके बैंकों को वापस कर दिया है.
The Debt Recovery Tribunal adjudged the KFA debt at Rs 6203 crores including Rs 1200 crores of interest. The FM announced in Parliament that through the ED,Banks have recovered Rs 14,131.60 crores from me against the judgement debt of Rs 6203 crores and I am still an economic…
वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद माल्या भारत से भाग गए, खास तौर पर उनकी बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के लिए लोन के मामले में. उनके भागने की वजह से उन्हें वित्तीय अपराध के मामलों में भारत के सबसे हाई-प्रोफाइल भगोड़ों में से एक माना जाने लगा. सीतारमण ने ब्लैक मनी एक्ट, 2015 के प्रभाव पर भी प्रकाश डाला, जिसने विदेशी संपत्तियों के स्वैच्छिक खुलासे को बढ़ावा दिया है, जो 2021-22 में 60,467 से बढ़कर 2024-25 में 200,000 हो गया है. उन्होंने खुलासा किया कि अधिनियम के तहत ₹17,520 करोड़ से अधिक की मांग की गई है, और 163 अभियोग चलाए गए हैं.
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