'क्रेजी लव…', नेतन्याहू ने की भारत की तारीफ, बताया इजरायल का सबसे बड़ा समर्थक – AajTak

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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत और इजरायल के बीच लगातार गहरे होते रिश्तों को लेकर एक बार फिर बयान दिया है. नेतन्याहू ने कहा है कि दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में उन्हें और इजरायल को भारत से सबसे मजबूत और अटूट समर्थन मिल रहा है.
गुरुवार को वेस्ट बैंक में आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने वैश्विक स्तर पर इजरायल की रणनीतिक पहुंच में भारत के विशेष स्थान को रेखांकित किया. उन्होंने भारत में इजरायल के प्रति जनता के बीच दिखने वाले लगाव को अटूट बताया.
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, ‘पूरी दुनिया में हमारे खिलाफ और हमारी वैधता को खत्म करने की कोशिशें और समस्याएं चल रही हैं, लेकिन भारत में ऐसा बिल्कुल नहीं है. भारत में इजरायल के लिए जबरदस्त प्यार है, सच में क्रेजी लव. मुझे लगता है कि दुनिया में किसी भी अन्य जगह की तुलना में भारत में मेरे सबसे ज्यादा फॉलोअर्स हैं.’
Netanyahu:

I’ll say this: we face delegitimization in much of the world — but not in India.

In India, there is an absolutely crazy love for Israel, truly crazy.

I think I have more followers from India than from anywhere else. pic.twitter.com/FRIo2cdVb3
‘अगला टारगेट गाजा पर 70 फीसदी नियंत्रण’
इसी दौरान प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने गाजा युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि इजरायली सेना अब गाजा पट्टी के 60 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण कर चुकी है और अगला लक्ष्य इसे बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक ले जाना है. उन्होंने कहा कि हमास के खिलाफ सैन्य अभियान चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा. नेतन्याहू के बयान के दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पूरे गाजा पर कब्जा करने की मांग वाले नारे भी लगाए. 
पीएम मोदी के दौरे से नई ऊंचाइयों पर पहुंचे रिश्ते
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ महीने पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में इजरायल का महत्वपूर्ण दौरा किया था. इस दौरे को दोनों देशों के रिश्तों में एक बड़ा मोड़ माना गया. यरुशलम में हुई बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल संबंधों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फॉर पीस, इनोवेशन एंड प्रॉस्पेरिटी तक बढ़ाने का ऐलान किया था.
दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, साइबर सिक्योरिटी, कृषि, ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी. इसके अलावा सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, फिनटेक, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल हेल्थ सेक्टर में भी साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा हुई थी.
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे के दौरान गाजा शांति योजना का भी समर्थन किया था और पश्चिम एशिया में शांति एवं स्थिरता की जरूरत पर जोर दिया था. दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंधों को भी भारत-इजरायल रिश्तों की मजबूती की बड़ी वजह माना जाता है.
2017 का ऐतिहासिक दौरा था टर्निंग पॉइंट
भारत और इजरायल के बीच साल 1992 में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे, लेकिन साल 2017 में पीएम मोदी का पहला इजरायल दौरा दोनों देशों के इतिहास का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. वह इजरायल की यात्रा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बने थे. उस दौरे ने दुनिया को यह साफ संदेश दिया था कि नई दिल्ली अब पुरानी हिचकिचाहट को छोड़कर इजरायल के साथ खुलकर आगे बढ़ने के लिए तैयार है.
आज के समय में भारत, एशिया में इजरायल के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है. दोनों देश न केवल रक्षा और तकनीक में साथ हैं, बल्कि ‘इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर’ (IMEC) और ‘I2U2’ (भारत, इजरायल, अमेरिका और यूएई) जैसे बड़े वैश्विक मंचों पर भी कंधे से कंधा मिलाकर रणनीतिक रूप से आगे बढ़ रहे हैं. नेतन्याहू और पीएम मोदी की इस सियासी केमेस्ट्री को इतिहास की सबसे मजबूत राजनीतिक साझेदारियों में गिना जा रहा है.
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