प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के मुखिया के तौर पर 25 साल पूरे कर लिए हैं, जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री तक का सफर शामिल है।
मुखिया के तौर पर पीएम मोदी के 25 साल। (फोटो- पीटीआई।)
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 2001 में शासन की बागडोर संभाली।
प्रधानमंत्री के तौर पर जन धन, स्वच्छ भारत, उज्ज्वला जैसी योजनाएं लागू कीं।
अनुच्छेद 370 हटाया, राम मंदिर निर्माण और आत्मनिर्भर भारत पर ध्यान केंद्रित किया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के मुखिया के तौर पर अपने 25 साल पूरे कर रहे हैं। 2001 में नरेंद्र मोदी ने अचानक ही शासन की मुख्य जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय गुजरात में स्थानीय चुनावों में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था और कच्छ में आए भीषण भूकंप से निपटने में मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल की सरकार का काम संतोषजनक नहीं था।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ ही महीनों बाद गोधरा ट्रेन अग्निकांड के बाद राज्य में दंगे भड़क उठे। 2002 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत ने उनकी स्थिति मजबूत कर दी और जब उन्होंने अपना गवर्नेंस एजेंडा लागू करना शुरू किया तो पार्टी के भीतर उनके विरोधी हाशिए पर चले गए।
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