UP News: नया गोरखपुर की नींव गुरुकुल सिटी के रूप में जमीन पर उतारने की तैयारियों के बीच, अब इसके लिए बड़े स्तर पर भूमि जुटाने की तैयारी शुरू हो गई है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण सदर और चौरीचौरा तहसील के छह गांवों में समझौते, अनिवार्य अधिग्रहण और लैंड पुलिंग जैसे विकल्पों के जरिए जमीन हासिल करेगा। खास बात यह है कि ग्रामीणों को सर्किल रेट से चार गुना तक मुआवजा देने की बात कही जा रही है, हालांकि अंतिम दरों पर अभी मुहर लगनी बाकी है।
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण-नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बालापार टिकरिया मार्ग पर तहसील सदर के ग्राम बैजनाथपुर और गोरखपुर से कुशीनगर जाने वाले मुख्य मार्ग पर चौरीचौरा तहसील के पांच ग्राम कुसम्ही, भैंसहा, रूद्रापुर, अराज मतौनी और अराजी बसडौला में भूमि अधिग्रहित की जाएगी। प्राधिकरण और तहसील सदर एवं चौरीचौरा की टीमें संयुक्त रूप से सर्वेक्षण कर दोनों चयनित ग्राम पंचायतों में अधिग्रहण के लिए गाटा और अराजी चिह्नित कर रही हैं।
बोर्ड बैठक में इन ग्रामों में जमीनों के अधिग्रहण की स्वीकृति देते हुए सभी तीन विकल्प का मार्ग खोला रखा गया है। इन राजस्व ग्रामों में जमीन आपसी सहमति के आधार पर किसानों से सीधे क्रय की जा सकती है। इसके अलावा लैंड पुलिंग का भी विकल्प किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। अंतिम विकल्प के रूप में अनिवार्य अधिग्रहण की प्रक्रिया पर अमल किया जाएगा।
समझौते और अनिवार्य अधिग्रहण से प्राधिकरण नया गोरखपुर के लिए 6000 एकड़ भूमि जुटाएगा। समझौते के आधार पर अब तक ग्राम मानीराम 39.133 हेक्टेयर, रहमत नगर में कुल 9.0064 हेक्टेयर और ग्राम बालापार में कुल 40.224 हेक्टेयर भूमि अर्जित की गई है। इसके अलावा गोरखपुर-कुशीनगर रोड पर चौरीचौरा तहसील के माड़ापार गांव में 151.261 हेक्टेयर और सदर तहसील के तकिया मेदनीपुर और कोनी गांव में क्रमशः 44.076 और 56.482 हेक्टेयर भूमि अनिवार्य अधिग्रहण के लिए जल्द ही अवार्ड होने वाली है।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन ने बताया कि बोर्ड बैठक में छह और राजस्व गांवों में जमीन अधिग्रहण को हरी झंडी मिल चुकी है। इसके साथ ही जीडीए और तहसील की संयुक्त टीमें गाटा और अराजी नंबरों का ब्योरा जुटाने में लग गई हैं। खास बात यह है कि यहां सिर्फ अनिवार्य अधिग्रहण ही नहीं, बल्कि समझौते और लैंड पुलिंग जैसे विकल्प भी किसानों के लिए खुले रहेंगे, जिससे उन्हें अपनी सुविधा के अनुसार निर्णय लेने का मौका मिलेगा।
सदर तहसील के ग्राम रुद्रापुर का सर्कल रेट 50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर, रुद्रापुर का 65 लाख, कुसम्ही का 60 लाख, अराजी बसडीला का 60 लाख, भैंसहा का 48 लाख और अराजी मतौनी का 26 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है। इन राजस्व ग्राम में सर्कल रेट का चार गुना तक मुआवजा मिल सकता है लेकिन अभी मुआवजे की राशि पर निर्णय लिया जाना है।
अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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