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पूर्व क्रिकेटर और टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर अपनी धार्मिक आस्था को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं. गंभीर ने कुछ दिन पहले ही मध्य प्रदेश के दतिया स्थित मां बगलामुखी के दर्शन किए. उन्होंने वनखंडेश्वर महादेव की पूजा भी की. गौतम गंभीर की पीतांबरा पीठ में गहरी आस्था है और वह अक्सर यहां आते रहते है. टी-20 विश्व कप जीतने के बाद भी गंभीर यहां आए थे और मां पीतांबरा का आशीर्वाद लिया था. अपनी इस धार्मिक यात्रा के दौरान गौतम गंभीर और उनके साथ मौजूद लोग पीले कपड़ों में दिखाई दिए.
गंभीर ने क्यों पहने पीले कपड़े?
पीतांबरा पीठ देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में गिनी जाती है. यहां विराजमान मां पीतांबरा देवी को मां बगलामुखी के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी का स्वरूप पीत वर्ण यानी पीले रंग का है. यही वजह है कि मां को पीले वस्त्र, पीले फूल और पीले रंग की मिठाइयां अर्पित करने की परंपरा है. विशेष रूप से भक्त यहां आकर देवी को बेसन के लड्डू चढ़ाकर प्रसन्न करते हैं.
ज्योतिष शास्त्र में भी पीले रंग का विशेष महत्व बताया गया है. पीला रंग को देवगुरु बृहस्पति का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि पूजा के दौरान पीले वस्त्र धारण करने और पीले रंग का प्रयोग करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है. साथ ही ज्ञान, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति का वरदान भी मिलता है. यही कारण है कि मां बगलामुखी की साधना और पूजा में पीले रंग का विशेष महत्व माना जाता है.
गंभीर की धार्मिक यात्रा
गौतम गंभीर अपनी धार्मिक यात्राओं को लेकर बहुत चर्चा में रहते हैं. हाल ही में उन्होंने राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर और सालासर बालाजी मंदिर के भी दर्शन किए थे. कुछ दिन पहले ही वह अपने परिवार संग माता वैष्णो देवी के दर्शन करने भी पहुंचे थे. माता के दरबार में विधिवत पूजा अर्चना के बाद वह केबल कार के जरिए भैरव घाटी स्थित बाबा भैरो नाथ के दर्शन करने भी गए थे. साल 2026 की शुरुआत में उन्होंने उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन भी किए थे.
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