'चरमपंथियों की…', हिंदुओं पर हमलों को लेकर मोदी सरकार ने बांग्लादेश को दिया कड़ा संदेश – Aaj Tak

Feedback
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर भारत की तरफ से लगातार चिंता जताई जा रही है. इस मामले पर अब भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान दिया है. मंत्रालय ने कहा है कि हिंसा की घटनाओं को केवल यह कहकर खारिज नहीं किया जा सकता कि मीडिया इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है. विदेश मंत्रालय की तरफ से यह भी कहा गया कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी बयानबाजी हो रही है जिससे भारत चिंतित है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘भारत ने हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर खतरों और निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों के मुद्दे को बांग्लादेश सरकार के सामने मजबूती से और लगातार उठाया है… अंतरिम सरकार को सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए.’
उन्होंने आगे कहा, ‘हम चरमपंथी बयानबाजी में बढ़ोतरी को लेकर चिंतित हैं. हिंसा और उकसावे की बढ़ती घटनाओं को केवल यह कहकर खारिज नहीं किया जा सकता कि मीडिया इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है. हम बांग्लादेश से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने का आह्वान करते हैं…’
इस्कॉन से जुड़े चिन्मय कृष्ण दास की राजद्रोह मामले में गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश में तनाव और बढ़ गया. हिंदू संगठनों ने ढाका समेत देश के बड़े शहरों में विरोध-प्रदर्शन किए हैं.
चिन्मय दास की गिरफ्तारी पर भी विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी की है. मंत्रालय ने कहा कि उम्मीद है, चिन्मय दास और बाकियों के खिलाफ चल रही जांच पारदर्शी और न्यायपूर्ण होगी. मंत्रालय ने भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापार को लेकर कहा कि द्विपक्षीय व्यापार जारी है.
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले के पीछे कौन?
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों के पीछे कथित तौर पर जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश के लोग हैं. अगस्त में छात्र आंदोलन के कारण शेख हसीना की सत्ता गिर गई थी. इस दौरान हो रही हिंसा में बांग्लादेश की कई जेलों से लगभग 700 कैदी भी फरार हो गए. इनमें से बहुत से कैदी जमात-उल-मुजाहिदीन के समर्थक थे. छात्र आंदोलन के दौरान हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ शुरू हुई हिंसा अब भी जारी है. 
अभी खबर आ रही है कि चटगांव के राधा गोविंद और शांतनेश्वरी मातृ मंदिर पर चरमपंथियों ने हमला किया है जिससे वहां के हिंदू समुदाय को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा.
Copyright © 2024 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News