चीन के स्वदेशी विमान C919 ने अपनी पहली नियमित अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की, जो बीजिंग से मंगोलिया के उलानबटार तक थी।
चीन का C919 विमान (सोशल मीडिया)
डिजिटल डेस्क, बीजिंग। चीन के विमानन इतिहास में आज से एक नया अध्याय जुड़ गया है। वजह है कि चीन में ही विकसित विमान C919 ने अपनी पहली नियमित अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक उड़ान सफलतापूर्व पूरी कर ली है। इस कदम को वैश्विक एविएशन बाजार में दशकों से दबदबा बनाए बैठी दिग्गज अमेरिकी कंपनी बोइंग और यूरोपीय कंपनी एयरबस के एकाधिकार को चुनौती देने के रूप में देखा जा रहा है।
एयर चाइना की उड़ान संख्या CA723 ने बीजिंग कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दोपहर करीब 3 बजे उड़ान भरी और मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में सुरक्षित लैंडिंग की। इसके बाद वापसी की उड़ान CA724 उलानबटार से शाम को चलकर वापस बीजिंग लौटी। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार एयर चाइना अब इस रूट पर रोजाना इस स्वदेशी विमान का संचालन करेगी।
बता दें कि मई 2023 में कमर्शियल सेवा में आने के बाद से यह विमान मुख्य रूप से चीन के घरेलू नेटवर्क पर ही उड़ रहा था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह अभी तक केवल एयर शो या प्रदर्शन उड़ानों तक सीमित था, लेकिन अब यह नियमित अंतरराष्ट्रीय रूट पर उतर चुका है।
इस नैरो-बॉडी (एक गलियारे वाले) विमान को चीन की सरकारी कंपनी कमर्शियल एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना (COMAC) ने विकसित किया है। इस विमान में एक बार में 158 से 192 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। बात अब अगर इस विमान की क्षमता की करें तो इसकी उड़ान क्षमता लगभग 4075 से 5555 किलोमीटर तक है, जो इसे क्षेत्रीय और मध्यम दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए उपयुक्त बनाती है।
इस बात को ऐसे समझिए कि ग्लोबल कमर्शियल एविएशन सेक्टर में लंबे समय से बोइंग (जैसे 737 सीरीज) और एयरबस (जैसे A320 सीरीज) का दबदबा रहा है। ऐसे में C919 को इन्हीं के विकल्प के तौर पर खड़ा किया गया है। चीन सरकार चाहती है कि विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम हो और चीन खुद का मजबूत एविएशन हब बने। मंगोलिया के लिए नियमित उड़ान शुरू होना इसी दिशा में पहला बड़ा कदम है।
हालांकि C919 ने घरेलू स्तर पर तो करोड़ों यात्रियों को सफर कराया है, लेकिन अमेरिका और यूरोप के प्रमुख एविएशन नियामकों से इसे अभी औपचारिक अप्रूवल मिलना बाकी है। इसके अलावा, इसके कुछ अहम पार्ट्स अभी भी विदेशी कंपनियों पर निर्भर हैं।