Yuvraj Singh
Date: 15-10-26 19:57
नई दिल्ली: अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को दुरुस्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) कराने की घोषणा की है. इस सूची में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर जैसे चुनावी राज्य भी शामिल हैं. खास बात यह है कि मतदाता सूची को अपडेट करने की यह प्रक्रिया ऐसे समय शुरू हो रही है, जब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है. आयोग ने इस अभियान के लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित की है.
नए और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं पर फोकस
चुनाव आयोग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करना और मौजूदा रिकॉर्ड में मौजूद गलतियों को ठीक करना है. इस दौरान युवाओं और पहली बार मतदान करने जा रहे नागरिकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि कोई भी योग्य व्यक्ति मताधिकार से वंचित न रहे. आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजकर प्रक्रिया की जानकारी दी है. पुनरीक्षण के जरिए मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाने की कोशिश की जाएगी.
यूपी समेत पांच राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव
मतदाता सूची का पुनरीक्षण इसलिए भी अहम है, क्योंकि अगले साल कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त होगा. वहीं, मणिपुर की 60, गोवा की 40, पंजाब की 117 और उत्तराखंड की 70 सदस्यीय विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर पूरा होगा. ऐसे में चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करना आयोग के लिए महत्वपूर्ण है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम और अन्य जानकारियां सही समय पर अपडेट की जा सकें.
कार्यकाल खत्म होने से छह महीने पहले भी हो सकते हैं चुनाव
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत चुनाव आयोग को विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले भी चुनाव कराने की अनुमति है. इसी वजह से चुनावी राज्यों में मतदाता सूची का समय पर पुनरीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है. दूसरी ओर, एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन किए हैं. मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया और उसकी पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है.
मतदाता सूची पर सियासी घमासान भी जारी
मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक माहौल के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संयोजक अभिजीत दिपके ने भी अपनी पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के विरोध में लोगों से अपील की है. उन्होंने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा फहराने का आह्वान किया है. ऐसे में चुनाव आयोग की नई प्रक्रिया जहां आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को अपडेट करने पर केंद्रित है, वहीं एसआईआर को लेकर चल रहा विवाद इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बना रहा है.
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