प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव से मुलाकात की और रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव।
चौथी बार उज्बेकिस्तान पहुंचे पीएम मोदी, राष्ट्रपति मिर्जियोयेव से मिले।
दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा।
व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर जोर।
डिजिटल डेस्क, ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को उज्बेकिस्तान पहुंचे। यहां वह राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत करेंगे। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। ताशकंद हवाई अड्डे पर पहुंचने पर राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने पीएम मोदी का स्वागत किया। यह पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान का चौथा दौरा है।
पीएम मोदी ने वहां पहुंचने के बाद एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव द्वारा गर्मजोशी से स्वागत के बीच ताशकंद पहुंचा। इस खास पहल के लिए उनका आभारी हूं। यह उज्बेकिस्तान का मेरा चौथा दौरा है। यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहराई और बढ़ती गति को दर्शाता है।
ताशकंद पहुंचने के बाद उन्होंने यांगी उज्बेकिस्तान पार्क का दौरा किया और स्वतंत्रता स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव भी पीएम मोदी के साथ स्मारक पर गए। यह स्मारक देश की आजादी की 30वीं वर्षगांठ पर बनाया गया था।
मोदी अपने दो देशों के दौरे के पहले चरण में ताशकंद में हैं। इस दौरे में किर्गिज गणराज्य भी शामिल है। इसका मकसद मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना और इस क्षेत्र के साथ सभ्यतागत संबंधों को गहरा करना है।
उज्बेकिस्तान की अपनी दो दिन की यात्रा के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ व्यापार, निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा करेंगे। -1788025809280.webp)
रवानगी से पहले अपने बयान में पीएम मोदी ने कहा कि मैं राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ व्यापार, निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने तथा ‘विकसित भारत’ और ‘यांगी उज्बेकिस्तान’ के साझा विजन को आगे बढ़ाने पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं।
उन्होंने कहा कि वह शास्त्री मेमोरियल और ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी आफ ओरिएंटल स्टडीज में महात्मा गांधी सेंटर भी जाएंगे, जो दोनों देशों को जोड़ने वाले गहरे सांस्कृतिक और आपसी संबंधों का प्रतीक है। ताशकंद से प्रधानमंत्री किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिश्केक जाएंगे।