जनगणना के दौरान घर-घर सर्वे के काम के लिए निर्धारित लगभग आधा समय बीत चुका है। लोगों के घर पहुंच रहे प्रगणकों को लोगों से सही सूचनाएं नहीं मिल पा रही हैं। सही जानकारी देने से लोग हिचकिचा रहे हैं। उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि कहीं उनकी गिनती संपन्
घर-घर पहुंच रहे प्रगणकों की मानें तो उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही है। दरअसल, प्रगणकों को वही जानकारी भरनी है, जो घर का मालिक बताएगा। घर के सामने खड़ी गाड़ी को वे दूसरों का बता रहे हैं। घर के भतीर मार्बल या टाइल की जानकारी देने से बच रहे हैं। कच्चा फर्श ही बता रहे। साथ ही कमरों की संख्या की जानकारी भी कई लोग गलत दे रहे हैं।
जानिए क्या है कारण दरअसल पिछली जनगणना में आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों की सूची के आधार पर ही योजनाओं का लाभ दिया गया। आयुष्मान कार्ड हो या कोई अन्य सरकारी योजना, इस सूची का सहारा लिया गया। ऐसे में कई पक्के घर वाले भी शुरू में ही इस योजना का लाभ पा गए लेकिन जिन्होंने जनगणना के समय पक्का मकान, गाड़ी आदि की जानकारी दी थी, उनके नाम इस सूची से बाहर रहे। इस बार भी लोगों में इस बात की भ्रांति है कि यदि उन्होंने पक्के घर, गाड़ी, घर में मार्बल या टाइल की सही-सही जानकारी दे दी तो उन्हें संपन्न मान लिया जाएगा। भविष्य में आने वाली योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल पाएगा।
समझा रहे प्रगणक प्रगणक लोगों को समझा रहे हैं कि इससे योजनाओं के लाभ पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जिस तरह से लाभ मिल रहा है, वो जारी रहेगा। सूचनाएं सही दें लेकिन लोगों को उनकी बातों पर ही विश्वास नहीं हो रहा। एक प्रगणक ने बताया कि घर शहर में एक घर के बाहर चारपहिया व दोपहिया वाहन खड़े थे लेकिन घर के मालिक ने बताया कि यह उनकी नहीं है। किसी और ने उनके यहां खड़ी की है। इस पर प्रगणक को उनकी ही बात मानकर सूचना दर्ज करनी पड़ रही है। कुछ लोग प्रगणकों से भिड़ भी जा रहे हैं। वे सूचना देने से ही इनकार कर रहे हैं। कुछ ऐसे भी लोग मिल रहे हैं, जिन्होंने जनगणना कराने से ही इनकार कर दिया। समझाने पर बहस पर उतारू हो जा रहे हैं। कई घरों पर तो प्रगणकों को बार-बार जाना पड़ रहा है क्योंकि घर के मालिक सुबह ड्यूटी पर चले जाते हैं और शाम को बाजार।
धीमी प्रगति पर अधिकारी नाराज गोरखपुर में जनगणना की धीमी प्रगति पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई है। अब तक 20 प्रतिशत काम ही पूरा हो चुका है। आनलाइन बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने 23 में से 19 चार्ज अधिकारियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। शिक्षा विभाग की ओर से 100 से अधिक प्रगणकों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जा चुकी है।
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