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Census 2027 India: राज्य सरकार ने जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले 600 से अधिक राजस्व अधिकारियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इनमें म …और पढ़ें
इस खबर में प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
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जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Census Action: जनगणना कार्य में लापरवाही और असहयोग अब महंगा पड़ने लगा है। राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए 600 से अधिक राजस्व अधिकारियों पर आर्थिक दंड लगाया है।
सभी संबंधित अधिकारियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जो उनके वेतन से काटा जाएगा।
इस कार्रवाई की जद में मुजफ्फरपुर जिले के भी पांच अधिकारी आए हैं। विभागीय आदेश के अनुसार इन अधिकारियों पर जनगणना कार्य में अपेक्षित सहयोग नहीं देने का आरोप है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सह राज्य नोडल पदाधिकारी सीके अनिल ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या असहयोग करना नियमों का उल्लंघन है, जिस पर दंड का प्रावधान पहले से तय है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, कई अधिकारी सामूहिक अवकाश या हड़ताल पर रहे, जिससे जनगणना का काम प्रभावित हुआ। इसे गंभीर मानते हुए सेंसस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
जनगणना का पहला चरण 17 अप्रैल से 1 मई तक निर्धारित है, जिसमें सूचीकरण का कार्य किया जा रहा है। वहीं दूसरा चरण 2 मई से 31 मई तक चलेगा। ऐसे महत्वपूर्ण समय में कार्य बाधित होने पर विभाग ने सख्ती दिखाई है।
मुजफ्फरपुर जिले में जिन अधिकारियों पर दंड लगाया गया है, उनमें बोचहां के अंचल अधिकारी विश्वजीत सिंह, मीनापुर के अंचल अधिकारी कुणाल गौरव, बोचहां के राजस्व अधिकारी जितेंद्र कुमार, मुशहरी के राजस्व अधिकारी करुण करण और जिला अपर भू-अर्जन पदाधिकारी रंजन कुमार शामिल हैं।