Shreeom Singh
Date: 22-10-26 16:44
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए दाऊद इब्राहिम को लेकर आई एक रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं. भारत का कहना है कि रिपोर्ट में दाऊद को भारत में सक्रिय डी-कंपनी गैंग का सरगना बताना सही तथ्यों पर आधारित नहीं है.
संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में भारत के फर्स्ट सेक्रेटरी रघू पुरी ने कहा कि दाऊद इब्राहिम 1993 के मुंबई बम धमाकों का आरोपी है और भारत को उसकी तलाश है. संयुक्त राष्ट्र ने भी 2003 में उसे अल-कायदा से संबंधों के आधार पर प्रतिबंधित सूची में शामिल किया था. भारत ने कहा कि रिपोर्ट में दाऊद के आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े पुराने रिकॉर्ड का जिक्र नहीं करना बड़ी चूक है.
‘दाऊद भारत नहीं, पाकिस्तान में रहता है’
रघू पुरी ने कहा कि दाऊद इब्राहिम 2003 में प्रतिबंधित सूची में शामिल होने से काफी पहले भारत छोड़ चुका था. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की सूची का हवाला देते हुए कहा कि दाऊद उसी देश में रहता है, जहां अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को ढूंढकर मार गिराया गया था. उनका इशारा पाकिस्तान की ओर था.
भारत ने यह भी कहा कि मानवाधिकारों के नाम पर आतंकवादियों को बचाने या चरमपंथ को बढ़ावा देने की कोशिश नहीं होनी चाहिए. रघू पुरी ने रिपोर्ट में पक्षपात होने की आशंका जताते हुए संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों से निष्पक्षता और जवाबदेही बनाए रखने की मांग की.
‘गलतियों के लिए UN की जवाबदेही तय हो’
भारत ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर पाकिस्तान के दावों का भी विरोध किया. रघू पुरी ने पाकिस्तान के बयानों को राजनीतिक प्रचार बताया और कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं और हमेशा रहेंगे.
भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों में तथ्यात्मक गलतियां होने पर जवाबदेही तय होनी चाहिए. बिना सही जांच के ऐसी रिपोर्टों को सदस्य देशों के सामने रखने से संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है.
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