नई दिल्ली। जीएसटी से जुड़े विवादों के तेजी से निपटारे की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल की चेन्नई बेंच ने अपनी पहली सुनवाई के साथ औपचारिक रूप से कामकाज शुरू कर दिया। इससे करदाताओं, कारोबारियों और उद्योग जगत को अपीलों के निपटारे के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध होगा। पहली सुनवाई का उद्घाटन जीएसटीएटी की प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली के प्रेसिडेंट जस्टिस डॉ.संजय कुमार मिश्रा ने वर्चुअल माध्यम से किया। उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल जीएसटी व्यवस्था के तहत उत्पन्न विवादों के समाधान के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा。
कार्यक्रम में जीएसटीएटी प्रिंसिपल बेंच के ज्यूडिशियल मेंबर जस्टिस मयंक कुमार जैन भी शामिल हुए। उन्होंने ट्रिब्यूनल की भूमिका और करदाताओं को मिलने वाली सुविधाओं पर प्रकाश डाला।
इससे पहले जीएसटीएटी तमिलनाडु और पुडुचेरी के वाइस प्रेसिडेंट प्रवीण कुमार जैन ने स्वागत भाषण दिया। चेन्नई बेंच के ज्यूडिशियल मेंबर गिरीश कुमार वैश और टेक्निकल मेंबर शेख खादर रहमान भी मौजूद रहे।
समारोह में तमिलनाडु सरकार के कमर्शियल टैक्स कमिश्नर एस. नागराजन, कस्टम्स के चीफ कमिश्नर एस.के. विमलनाथन और जीएसटी व सेंट्रल एक्साइज चेन्नई नॉर्थ कमिश्नरेट के प्रिंसिपल कमिश्नर प्रदीप कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में वकीलों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, उद्योग संगठनों, विभागीय अधिकारियों और करदाताओं ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने कहा कि जीएसटीएटी बेंच की शुरुआत से लंबित अपीलों के समाधान में तेजी आएगी और जीएसटी व्यवस्था में भरोसा मजबूत होगा।
•जीएसटी मामलों की अपील सुनने वाला विशेष ट्रिब्यूनल•करदाताओं और विभाग के विवादों का निपटारा करता है•हाईकोर्ट जाने से पहले प्रभावी अपीलीय मंच
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