ट्रंप का बड़ा एलान: हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर लगेगा 20% टैक्स – Jagran

पश्चिम एशिया में शांति समझौते फेल होने के बाद अमेरिका-ईरान में टकराव चरम पर है। ट्रंप ने होर्मुज जलमार्ग पर नियंत्रण का दावा किया, तो ईरान ने इसे बंद …और पढ़ें
पश्चिम एशिया संघर्ष।
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी कब्जे का एलान किया।
ईरान ने पलटवार करते हुए रणनीतिक समुद्री मार्ग बंद किया।
वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा पर कब्जे से बढ़ा तनाव।
डिजिटल डेस्त, वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में पिछले चार महीनों से जारी जंग अब एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है, जहां से तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। शांति समझौते की तमाम कोशिशें नाकाम होने के बाद, एक बार फिर अमेरिका और ईरान आमने-सामने हैं।
ऐसे में जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा माने जाने वाले ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ पर कब्जे का एलान कर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। दूसरी ओर, ईरान ने भी पलटवार करते हुए इस रणनीतिक समुद्री रास्ते को पूरी तरह बंद करने का दावा ठोक दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर साफ कर दिया है कि यह समुद्री रास्ता हर हाल में खुला रहेगा और अब अमेरिका यहां ‘इरानी नाकाबंदी’ लागू करने जा रहा है। ट्रंप ने घोषणा की कि अब से संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) को आधिकारिक तौर पर ‘होर्मुज जलडमरूमध्य का रखवाला’ कहा जाएगा।
ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलमार्ग खुला है और ईरान रहे या न रहे, यह रास्ता हमेशा खुला ही रहेगा। उन्होंने एलान किया कि अमेरिका यहां ‘ईरानी नाकाबंदी’ को फिर से लागू कर रहा है। इसका मतलब यह है कि इस रास्ते से सिर्फ ईरान के जहाजों या उनके ग्राहकों के आने-जाने पर रोक होगी। बाकी सभी देशों के लिए यह रास्ता पूरी तरह खुला और सुरक्षित रहेगा।
इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि दुनिया के इस सबसे संवेदनशील और खतरनाक इलाके को सुरक्षा देने में काफी खर्च आता है। इसलिए, ईमानदारी और न्याय के नाते अब से इस रास्ते से गुजरने वाले सभी मालवाहक जहाजों को उनके कुल सामान पर 20% का शुल्क अमेरिका को देना होगा।
ट्रंप ने अपने पोस्ट में बताया कि इन पैसों का इस्तेमाल सुरक्षा व्यवस्था के खर्च को पूरा करने के लिए किया जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक, इस नई व्यवस्था को बनाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जा रही है। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार और खाड़ी देशों के बीच हलचल काफी तेज हो गई है।
कुल मिलाकर दावों के दौर पर अमेरिका हो या फिर ईरान कोई कही से पीछे नहीं रहना चाहता है। खैर, इन दोनों देशों के बीच सातवें आसमान पर पहुंचा यह तनाव अब सिर्फ सैन्य टकराव नहीं रह, बल्कि एक बार फिर वैश्विक अर्थव्यवस्था को ठप करने वाला महासंकट बनने के कगार पर आ खड़ा हुआ है, जिसने इस वक्त पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
एक मशहूर अमेरिकी शो फॉक्स एंड फ्रेंड्स में बात करते हुए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को अपने कब्जे में ले रहा है।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हम इस समुद्री रास्ते को अपने पास रखेंगे और इसे चलाएंगे। अपने बयान में ट्रंप ने आगे इस बात पर भी जोर दिया कि वो अब होर्मुज के रखवाले बनेंगे और फिर वो इसे ‘गार्जियन एंजेल ऑफ द स्ट्रेट’ कहेंगे।
ट्रंप का कहना है कि अमेरिका अब तक इस रास्ते की सुरक्षा मुफ्त में करता आया है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब दुनिया के अमीर देशों को इस रास्ते की सुरक्षा के बदले अमेरिका को बहुत सारा पैसा देना होगा।
इसके अलावा ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका से चल रही लड़ाई में ईरान पूरी तरह पिछड़ चुका है। ईरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल ताकत लगभग पूरी तरह तबाह हो चुकी है और उसके कई बड़े नेता मारे जा चुके हैं।
इतना ही नहीं ट्रंप के मुताबिक, दोनों देशों के बीच 11 घंटे लंबी बातचीत हुई थी, जिसमें सब कुछ तय हो गया था, लेकिन बाद में ईरान अपनी बातों से मुकर गया। उन्होंने कहा कि वीकेंड पर युद्धविराम खत्म होने के बाद से अमेरिकी हमले अब भी जारी हैं।
दूसरी ओर जैसे ही ट्रंप का यह बयान आया, उसके कुछ ही मिनटों बाद ईरान ने भी अपनी तरफ से एक बड़ा एलान कर दिया। ईरान की संस्था ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (PGSA) ने सोशल मीडिया एक्स पर घोषणा की कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है।
ईरान का कहना है कि अमेरिकी सेना की तरफ से लगातार हो रहे हमलों की वजह से अब इस रास्ते से जहाजों का गुजरना मुमकिन नहीं है। जब हालात शांत होंगे, तब दोबारा रास्ता खोलने पर विचार किया जाएगा। ईरान ने कहा कि अब किसी भी जहाज को यहां से गुजरने के लिए उनकी वेबसाइट पर ऑनलाइन अनुमति लेनी होगी।

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