ट्रंप ने पहले की शांति की बात फिर दी बम गिराने की धमकी, क्या ख़तरे में है पीस डील – BBC

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अमेरिका और ईरान से आ रहे परस्पर विरोधी बयानों को लेकर अगर आप उलझन में हैं, तो सच यही है कि हालात वाकई बेहद उलझे हुए हैं.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कल पत्रकारों से बात करते हुए कई तरह के बयान दिए और बातचीत की प्रगति को लेकर सकारात्मक रवैया अख़्तियार किया.
उन्होंने कहा कि ईरान यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) नहीं करेगा और उसने अपने उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम के भंडार को छोड़ने पर सहमति जताई है.
हालांकि, उनके इन सभी दावों को ईरान की संसद के स्पीकर बग़र ग़ालिबाफ़ ने खारिज कर दिया. उनका कहना था कि ट्रंप ने "एक घंटे में सात दावे किए, और सभी सात गलत थे."
लेकिन ईरान की तरफ़ से भी तस्वीर पूरी तरह साफ़ नहीं रही है.
विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने पहले यह घोषणा की थी कि होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह खुला है, लेकिन बाद में इसे साफ़ करते हुए ईरान ने कहा कि तेल टैंकरों और जहाज़ों को ईरान के तय और नियंत्रित रास्तों से ही गुजरना होगा.
इसके बाद ईरान की सेना ने, सरकारी मीडिया के हवाले से, कहा है कि वह होर्मुज़ स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण फिर से स्थापित कर रही है.
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फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़ी है, साथ ही ईरानियन स्टूडेंट्स न्यूज़ एजेंसी और सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने आईआरजीसी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि होर्मुज़ को "उसकी पहले वाली स्थिति" में लौटाया जाएगा, जहां सशस्त्र बल इस क्षेत्र को नियंत्रित करेंगे.
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इससे पहले कुछ जहाज़ों को इस जलमार्ग से गुजरते हुए देखा गया था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इस अहम समुद्री मार्ग से कितना यातायात वास्तव में हो पाया है.
आईआरजीसी के बयान में अमेरिका पर "समुद्री डकैती" (पायरेसी) का आरोप लगाया गया है और कहा गया है कि उसकी तथाकथित "नौसैनिक नाकेबंदी" दरअसल समुद्री लूट के बराबर है.
ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि अगर अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखता है, तो वह इस स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) को बंद कर सकता है.
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वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.
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होर्मुज़ स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) को लेकर दुनिया भर के अलग-अलग नेताओं के ताज़ा बयान इस तरह हैं:
डोनाल्ड ट्रंप: उन्होंने कहा कि ईरान को लेकर मध्य पूर्व में स्थिति "काफ़ी अच्छी जाती हुई लग रही है." उन्होंने कहा कि सप्ताहांत में बातचीत होगी और उनके पास "कुछ अच्छी खबर" है, जिसे वह अभी साझा नहीं कर सकते.
कल ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक "ईरान के साथ सौदा 100% पूरा" नहीं हो जाता.
ईरानी संसद के स्पीकर बग़र ग़ालिबाफ़: मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने ट्रंप के उस दावे को "गलत" बताया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध जीत लिया है. ग़ालिबाफ़ ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका नाकेबंदी जारी रखता है, तो होर्मुज़ स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) "खुला नहीं रहेगा."
यूरोपीय नेता: फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने पेरिस से करीब 40 देशों की एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें होर्मुज़ को खुला रखने के लिए क्या कोशिश करनी चाहिए, इस पर चर्चा हुई.
स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन और फ़्रांस "जैसे ही हालात अनुमति देंगे", इस समुद्री मार्ग में शिपिंग की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन का नेतृत्व करेंगे, जो "सख्त लेकिन शांतिपूर्ण और रक्षात्मक" होगा.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग: ट्रंप के मुताबिक, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग "इस बात से बहुत खुश हैं कि होर्मुज़ स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) खुल रहा है."
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि 14-15 मई को चीन में शी जिनपिंग के साथ उनकी होने वाली बैठक "खास और संभावित रूप से ऐतिहासिक" होगी.
शांति की बातें, अच्छी ख़बर के बीच ट्रंप बीच-बीच में धमकियां भी दे रहे हैं. उन्होंने कहा है कि अगर बुधवार तक ईरान के साथ कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ, तो ईरान पर फिर से बमबारी होगी.
डोनाल्ड ट्रंप से पत्रकारों ने पूछा कि क्या वह युद्धविराम बढ़ाएंगे? इस पर ट्रंप ने कहा, "शायद मैं इसे आगे नहीं बढ़ाऊंगा. लेकिन नाकाबंदी जारी रहेगी. अफ़सोस की बात है कि हमें फिर से बम गिराना शुरू करना पड़ेगा."
यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच समझौता होने की उम्मीद की जा रही है.
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा, "उन्हें कुछ समय पहले ही बहुत अच्छी ख़बर मिली है. मध्य पूर्व में ईरान के साथ हालात बहुत अच्छे नज़र आ रहे हैं."
गौरतलब है कि पहले दौर की बातचीत पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई थी, लेकिन यह बेनतीजा रही थी.
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने कहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक घंटे में सात दावे किए और सभी सातों झूठे हैं.
मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "अगर ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रही तो होर्मुज़ स्ट्रेट खुला नहीं रहेगा."
यह बात उन्होंने ट्रंप के उस बयान के जवाब में कही जिसमें ट्रंप ने कहा था कि शांति समझौते तक ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी रहेगी.
ग़ालिबाफ़ ने लिखा, "होर्मुज़ स्ट्रेट खुला है या बंद है और उसके नियम क्या होंगे, यह ज़मीन पर हालात तय करेंगे, सोशल मीडिया नहीं. होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रना तय किए गए रास्ते और ईरान की अनुमति के आधार पर होगा."
ग़ालिबाफ़ ने कहा कि झूठ से जंग नहीं जीती जाती और बातचीत भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती है.
गौरतलब है कि ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ उस प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा थे, जो अमेरिका से बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचा था.
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