ट्रायल पर 23 साल से स्टे था, सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के हाईकोर्ट से मांगी रिपोर्ट – Morning News India –

Morning News India
Morning News India » भारत » ट्रायल पर 23 साल से स्टे था, सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के हाईकोर्ट से मांगी रिपोर्ट
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में चल रहे दहेज हत्या के एक मामले में 23 साल से ट्रायल पर रोक को लेकर संज्ञान लेते हुए नाराजगी जताई और देश के तमाम हाईकोट्र्स से लम्बित मामले की रिपोर्ट तलब कर ली।
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बैंच ने यह संज्ञान विजय कुमार और अन्य आरोपियों द्वारा दायर एसएलपी को खारिज करते हुए लिया। अदालत ने आपराधिक मामलों में इस तरह की देरी को न्याय प्रणाली से जुड़ी एक गंभीर समस्या करार दिया। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में ट्रायल पर अनिश्चितकालीन रोक आपराधिक न्याय प्रणाली को कमजोर करती है और इस पर कड़ी न्यायिक निगरानी आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि राजस्थान हाईकोर्ट से संपूर्ण रिकॉर्ड और सभी आदेश-पत्र विशेष दूत (स्पेशल मैसेंजर) के माध्यम से तलब किए जाए। कोर्ट ने राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा से पूछा कि वह बताए इतने सालों में सरकार ने इस मामलें में लगी रोक को हटाने के लिए क्या प्रयास किए।
साल 2003 में हाईकोर्ट ने लगाई थी रोक
सुप्रीम कोर्ट जब आरोपियों की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई कर रहा था, तब यह मामला उसके सामने आया। याचिका में यह तथ्य सामने रखे गए कि आरोपियों के खिलाफ ट्रायल कोर्ट ने नवंबर 2002 में आरोप तय कर दिए थे। साल 2003 में आरोप तय किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन पिटिशन दायर की गई। इस पर कोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगा दी, लेकिन उसके बाद मामला लगभग दो दशकों तक लंबित रहा जिसे अंतत साल 2025 में हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। जिसे आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
देशभर के हाईकोर्ट के लिए दिशा-निर्देश
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के हाईकोर्ट के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को आदेश दिया है कि वे हत्या, बलात्कार, दहेज हत्या जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े उन मामलों का विवरण एकत्र कर प्रस्तुत करें, जहां उच्च न्यायालयों द्वारा ट्रायल पर रोक लगाई गई है और मामले लंबे समय से लंबित हैं।
Sign in to your account

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News