वाराणसी के नारायणपुर वार्ड 31 स्थित उदय प्रताप कॉलेज के हिंदी विभाग ने डॉ. नामवर सिंह की जन्मशती पर राष्ट्रीय संगोष्ठी की। इसका विषय ‘डॉ. नामवर सिंह : हिंदी आलोचना का संवादी स्वर’ था।
पहले सत्र में प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने कहा, नामवर जी को उनकी परंपरा ने गढ़ा। प्रो. अरविंद त्रिपाठी ने उन्हें गंगा सा असीमित बताया। जनकवि शिवकुमार ‘पराग’ ने काव्य-सौंदर्य का जानकार और प्रो. कमलेश शर्मा ने छायावाद समझने को जरूरी बताया।
दूसरे सत्र में प्रो. संजीव कुमार ने नामवर जी को हिंदी आलोचना की जीवंत ताकत कहा। प्रो. रघुवंशमणि और प्रो. सूरज बहादुर थापा ने उनकी सोच को उपजाऊ और वैज्ञानिक बताया।
आखिरी सत्र में वरिष्ठ कवि नरेश सक्सेना ने नामवर जी को शब्दों का सच सामने लाने वाला आलोचक बताया। प्रो. अवधेश प्रधान ने उनके व्यक्तित्व के विरोधाभासों और मजबूत तर्क शक्ति पर बात की। संगोष्ठी का संयोजन प्रो. गोरखनाथ ने किया। इसमें मदन कश्यप, प्रो. तरुण कुमार, डॉ. रामसुधार सिंह, भालचंद्र जोशी, प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह, डॉ. गया सिंह, प्रो. शशिकांत द्विवेदी, अजय राय, प्रो. रमेश धर द्विवेदी, डॉ. विंध्याचल यादव, डॉ. प्रदीप कुमार सिंह शामिल थे।
Copyright © 2024-25 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.