टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद शूटर लगातार टीवी न्यूज चैनल देख रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उनके हैंडलर्स …और पढ़ें
टाइगर श्रॉफ शूटिंग मामला।
शूटर टीवी न्यूज देखकर भागने के रास्ते बदल रहे थे।
हैंडलर्स एन्क्रिप्टेड एप से शूटरों को अलर्ट कर रहे थे।
पुलिस ने कोटा से तीन मुख्य शूटरों को पकड़ा।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के मामले में एक बेहद चौकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 18 अक्टूबर की शाम अभिनेता पर फायरिंग करने के बाद भागे तीनों मुख्य शूटर लगातार टीवी न्यूज चैनल देख रहे थे।
सूत्रों का कहना है कि शूटर्स के हैंडलर्स मीडिया कवरेज के जरिए पुलिस की जांच की पल-पल की जानकारी उन तक पहुंचा रहे थे, जिससे वे बार-बार अपने भागने के रास्ते बदल रहे थे।
जांच में सामने आया है कि जैसे-जैसे मीडिया चैनल इस मामले की पल-पल की खबरें दिखा रहे थे, पर्दे के पीछे बैठे उनके हैंडलर्स एन्क्रिप्टेड एप के जरिए शूटरों को निर्देश दे रहे थे।
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, एक मौके पर जब टीवी पर हमले के विजुअल और संदिग्धों के चेहरे दिखाए गए, तो मुख्य आरोपी के फोन पर तुरंत एक मैसेज आया,’तुम्हारे चेहरे आ गए हैं, निकल जाओ वहां से।’
इतना ही नहीं डिजिटल सबूतों से पता चला है कि आरोपी रेहान राहीसुद्दीन अंसारी सिग्नल या झांगी जैसे इंटरनेट कॉलिंग एप के जरिए लगातार अपने हैंडलर्स के संपर्क में था।
मीडिया में जैसे ही यह खबर आई कि पुलिस ने अंधेरी से हमलावरों की मोटरसाइकिल बरामद कर ली है और वे ट्रेन से भाग रहे हैं, उनके हैंडलर्स ने तुरंत उन्हें रास्ता बदलने को कहा।
इसके बाद तीनों ने लगातार अपने वाहन बदले, पहले मोटरसाइकिल छोड़ी, फिर ट्रेन पकड़ी, उसके बाद कैब ली और सूरत से बस पकड़ने की योजना बनाई। हालांकि, सूरत बस टर्मिनल पर हुई देरी के कारण उन्हें अंततः दूसरी ट्रेन पकड़नी पड़ी और इसी दौरान मुंबई पुलिस के अलर्ट पर कोटा पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।
बता दें कि 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में अज्ञात हमलावरों ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर कई राउंड फायरिंग की थी। इस घटना में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक व्लॉगर घायल हो गए थे। इस बहु-राज्यीय जांच के तहत राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से कुल 10 लोगों को पकड़ा गया है।
वहीं कोटा पुलिस ने 19 अक्टूबर को ट्रेन से जिन तीन मुख्य शूटरों को दबोचा, उनकी पहचान फूल सिंह, रेहान राहीसुद्दीन अंसारी और रिठीक महतो के रूप में हुई है। ये सभी 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में हैं।