चित्तौड़गढ़ के यात्रियों के लिए दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा करने का मौका अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। आईआरसीटीसी की ओर से चलाई जा रही दक्षिण भारत दर्शन यात्रा ट्रेन में बुकिंग के लिए सिर्फ दो दिन का समय बचा है। इस यात्रा को लेकर
अब तक कुल 380 यात्री इस यात्रा के लिए बुकिंग करवा चुके हैं, जिनमें चित्तौड़गढ़ से 22 यात्री ट्रेन में सवार होंगे। यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण स्लीपर और सेकंड एसी श्रेणी की सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं। अब सिर्फ थर्ड एसी स्टैंडर्ड कैटेगरी में ही सीट उपलब्ध है।
चित्तौड़गढ़ होकर गुजरेगी भारत गौरव ट्रेन
भारतीय रेलवे के उपक्रम इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) की ओर से 21 अक्टूबर से दक्षिण भारत दर्शन यात्रा शुरू की जाएगी। भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन सीकर जंक्शन से रवाना होगी और जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा होते हुए चित्तौड़गढ़ पहुंचेगी।
यहां से यात्रियों को लेकर यह ट्रेन दक्षिण भारत के धार्मिक स्थलों के लिए रवाना होगी। 12 दिन की इस यात्रा में श्रद्धालुओं को तिरुपति बालाजी, रामेश्वरम, मदुरई, कन्याकुमारी और मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन करवाए जाएंगे।
आईआरसीटीसी जयपुर के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक मुकेश सैनी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को तैयार किया गया है।
इसमें वातानुकूलित कोच, आधुनिक किचन कार और बायो टॉयलेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। यात्रियों के बजट के अनुसार यात्रा को स्टैंडर्ड और कंफर्ट दो श्रेणियों में रखा गया है।
12 दिन में दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों के होंगे दर्शन
यात्रा की शुरुआत 21 अक्टूबर को सीकर जंक्शन से होगी। ट्रेन 23 अक्टूबर को रेणिगुंटा स्टेशन पहुंचेगी। यहां यात्रियों का रात्रि विश्राम रेणिगुंटा या तिरुपति में रहेगा। अगले दिन 24 अक्टूबर को यात्रियों को तिरुपति बालाजी मंदिर के दर्शन करवाए जाएंगे।
इसके बाद 25 अक्टूबर को ट्रेन रेणिगुंटा से रामेश्वरम के लिए रवाना होगी और 26 अक्टूबर को रामेश्वरम पहुंचेगी। यहां यात्री रामनाथ स्वामी मंदिर के दर्शन करेंगे और रात्रि विश्राम करेंगे। इसके बाद 27 अक्टूबर को ट्रेन रामेश्वरम से मदुरई के लिए रवाना होगी, जहां शाम को प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर के दर्शन करवाए जाएंगे।
कन्याकुमारी भ्रमण के बाद होंगे मल्लिकार्जुन के दर्शन
मदुरई के बाद ट्रेन रात में कन्याकुमारी के लिए रवाना होगी। 28 अक्टूबर की सुबह ट्रेन कन्याकुमारी पहुंचेगी। यहां यात्रियों को दिनभर कन्याकुमारी भ्रमण करवाया जाएगा। इसके बाद ट्रेन मकरपुर स्टेशन के लिए रवाना होगी।
30 अक्टूबर को मकरपुर पहुंचने के बाद यात्रियों को मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन करवाए जाएंगे। दर्शन के बाद उसी रात वापसी की यात्रा शुरू होगी।
इसके बाद ट्रेन जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ होते हुए 1 नवंबर को वापस सीकर जंक्शन पहुंचेगी और यात्रा पूरी होगी।
पैकेज में ट्रेन यात्रा से लेकर भोजन और ठहरने तक की सुविधा
आईआरसीटीसी की ओर से इस यात्रा पैकेज में यात्रियों को कई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसमें कंफर्म बर्थ के साथ होटल में रहने की व्यवस्था, सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना शामिल रहेगा। इसके अलावा मंदिरों तक पहुंचने के लिए स्थानीय बसों की सुविधा भी दी जाएगी। यात्रियों का इंश्योरेंस भी कराया जाएगा।
सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को भी नियमों के अनुसार इस यात्रा में एलटीसी सुविधा का लाभ मिल सकता है। इसके लिए वित्त मंत्रालय भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्रता तय होगी।
37 हजार 810 रुपए में होगी यात्रा, अब सिर्फ थर्ड एसी में सीट
दक्षिण भारत दर्शन यात्रा के लिए स्टैंडर्ड कैटेगरी का किराया 37 हजार 810 रुपए प्रति व्यक्ति रखा गया है। इसमें थर्ड एसी ट्रेन यात्रा, नॉन एसी आवास और नॉन एसी बसों की सुविधा शामिल रहेगी। यात्रियों की सुविधा और बजट के हिसाब से यह पैकेज तैयार किया गया है।
आईआरसीटीसी अधिकारियों के अनुसार यात्रा की बुकिंग को लेकर यात्रियों में लगातार रुचि दिखाई दे रही है। स्लीपर और सेकंड एसी की सभी सीटें बुक हो चुकी हैं। अब थर्ड एसी स्टैंडर्ड कैटेगरी में ही सीट उपलब्ध है।
ऐसे में चित्तौड़गढ़ सहित अन्य क्षेत्रों के जो यात्री दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा करना चाहते हैं, उन्हें जल्द बुकिंग करवानी होगी।
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