दरकने लगा फारुख अब्दुल्ला की NC का किला, बागी MP आगा रुहुल्ला ने किया इस्तीफे का ऐलान – Hindustan

Farooq Abdullah: जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस की परेशानी का सामना कर रही है। श्रीनगर से सांसद आगा रुहुल्ला ने इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब पूर्व मुख्यमंत्री और एनसी चीफ फारुख अब्दुल्ला ने उन्हें चुनौती दी थी कि अगर वह पार्टी की विचारधारा से मेल नहीं रखते, तो फिर सांसद पद से इस्तीफा दे दें। अब्दुल्ला की इस चुनौती को स्वीकार करते हुए आगा ने कहा है कि वह नवंबर महीने में अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।

NDTV से बात करते हुए श्रीनगर से सांसद आगा रुहुल्ला मेहदी ने पार्टी नेतृत्व के साथ अपने मतभेदों को खुलकर स्वीकार किया। उन्होंने आरोप लगाया की सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस अब जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिलवाने के चुनावी वादे से मुकर चुकी है। इसलिए उन्होंने पार्टी और सांसद पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया है।

आगा ने कहा, “हां, मैं पार्टी और श्रीनगर के सांसद पद से इस्तीफा दे रहा हूं। इस्तीफा औपचारिक रूप से सौंपने से पहले मुझे कुछ काम पूरे करने हैं। मुझे एमपी लैड्स (सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना) के तहत फंड बांटना है। मैंने जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए लड़ने की अपनी कोशिशों के तहत श्रीनगर में एक कॉन्फ्रेंस के लिए कुछ सांसदों को भी आमंत्रित किया है।”

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आगा ने कहा कि वह अपने पिता (आगा सैयद मेहदी) की पुण्यतिथि यानी 3 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और लोकसभा सांसद पद त्याग देंगे। बता दें, सांसद के पिता आगा सैयद मेहदी की 26 साल पहले आतंकवादियों ने IED धमाका करके हत्या कर दी थी।

अब्दुल्ला परिवार और नेशनल कॉन्फ्रेंस पर धोखा देने का आरोप लगाने वाले आगा रुहुल्ला अब श्रीनगर सीट से ही उनका मुकाबला करने की योजना बना रहे हैं। अगर वह इस्तीफा देते हैं, तो अगले 6 महीने के भीतर उस सीट पर उपचुनाव होंगे। ऐसे में जब उनसे उप चुनाव लड़ने की योजना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा, “एक बार उपचुनावों की घोषणा हो जाने के बाद, मैं लोगों से सलाह-मशविरा करूँगा और हो सकता है कि मैं निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उपचुनाव लड़ूँ।”

बता दें, जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी पार्टी के साथ आगा रुहुल्ला के रिश्ते पिछले कुछ समय से लगातार तनाव पूर्ण रहे हैं। वह पिछले लगभग एक साल से लगातार पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर आरोप है कि वह केंद्र सरकार के करीब जा रहे हैं और जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग नहीं कर रहे हैं।

बड़गाम विधानसभा उप चुनाव के ठीक पहले इस क्षेत्र से आने वाले आगा रुहुल्ला ने पार्टी नेता की जमकर आलोचना की। इसकी वजह से नेशनल कॉन्फ्रेंस के इस सीट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद उमर अब्दुल्ला ने उनकी आलोचना करते हुए कहा था कि आगा रुहुल्ला ने ‘राजनीतिक आत्महत्या’ की है।

बता दें, उमर अब्दुल्ला इस बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके हैं कि जब तक केंद्र में भाजपा सरकार है, धारा 370 की वापसी का कोई सवाल नहीं है। ऐसे में वह राज्य में पार्टी और अपनी सरकार को मजबूत करने के लिए लगातार सत्ता के साथ सामंजस्य बनाने के लिए केवल पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग करते हैं। दूसरी तरफ आगा का कहना है कि उन्हें विशेष दर्जे की ही मांग करनी चाहिए।

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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