दिघवारा में मही नदी का बांध टूटा, तीन पंचायतों के दर्जनों गांवों में घुसा बाढ़ का पानी – livehindustan.com

हाजीपुर-गाजीपुर एनएच-19 पर डुमरी के समीप भी पानी चढ़ा बांध टूटने से मची अफरातफरी, सैकड़ों घर पानी घुसने से प्रभावित दरियापुर में मठिया के पास भी सुखमयी नदी का बांध टूटा सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे लोग 15 दिघवारा के केशरपुर ईश्मेला मही नदी का बांध टूटने के बाद बारह गांवा में पानी प्रवेश करता 13 सदर प्रखंड के डोरीगंज बाजार में शनिवार को प्रवेश किया बाढ़ का पानी 14 छपरा-पटना मुख्य सड़क के एन एच -19 के सिंगही चौक के पास सड़क पार करता बाढ़ का पानी दिघवारा, निज संवाददाता। प्रखंड की त्रिलोकचक पंचायत के केशरपुर गांव के समीप मही नदी का बांध शनिवार की अहले सुबह करीब 25 से 30 फीट की चौड़ाई में अचानक टूट गया।
वहीं दरियापुर में मठिया के पास भी सुखमयी नदी का बांध टूट गया है। केशरपुर में बांध टूटते ही मही नदी का पानी तेजी से आसपास के गांवों में प्रवेश करने लगा। देखते ही देखते त्रिलोकचक पंचायत के केशरपुर, टारवा, श्रीनगर व कुरैया और बरुआ पंचायत के कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए। कई अन्य गांवों में भी पानी प्रवेश करने का खतरा बना हुआ है। बाढ़ के कारण प्रखंड मुख्यालय से कई गांवों का संपर्क भंग हो गया है। सैकड़ों घरों के निचले हिस्से में पानी प्रवेश करने से लोगों की जिंदगी बेपटरी हो गई है। बांध टूटने की सूचना मिलते ही इलाके में अफरातफरी मच गई। पानी की तेज धार को देखकर बांध के समीप रहने वाले लोग घर छोड़कर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। कई परिवार जरूरी सामान लेकर सुरक्षित जगहों पर चले गए। पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। संपर्क सड़कों पर पानी चढ़ जाने से कई गांवों में आवागमन बाधित हो गया है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। सूचना मिलने पर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, एसपी रोशन कुमार, सोनपुर एसडीओ स्निग्धा नेहा, जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारियों समेत जिले के कई पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी की मौजूदगी में टूटे बांध की मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि बांध की मरम्मत करना काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ था। जिलाधिकारी करीब पांच घंटे तक मौके पर कैंप करते रहे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए मरम्मत कार्य को पूरा कराने का प्रयास करते रहे। जल संसाधन विभाग के पदाधिकारियों व कर्मियों ने उपलब्ध संसाधनों के सहारे बांध को दुरुस्त करने का प्रयास किया। मरम्मत कार्य में दिघवारा बीडीओ प्रशांत कुमार, सीओ मिट्ठू प्रसाद, थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सहित दरियापुर, परसा, नयागांव और अवतारनगर थाने की पुलिस टीम, पंचायत प्रतिनिधि व बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे रहे। देर शाम तक मरम्मत कार्य जारी रहा। बांध की मरम्मत के बाद पानी की रफ्तार में कुछ कमी आई, लेकिन पानी का बहाव पूरी तरह नहीं रुक सका। गंगा के बढ़ते जलस्तर से भी बढ़ी चिंता उधर, गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण प्रखंड के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बसतपुर गांव में तीन-चार स्थानों पर गंगा का पानी सड़क पर तीन से चार फीट तक बह रहा है। इससे मलखाचक होते हुए करीब एक दर्जन गांवों के लोगों का दिघवारा आने-जाने का रास्ता बंद हो गया है। रामदासचक गांव में भी गंगा का पानी ओवरफ्लो होकर गांव की ओर बढ़ रहा है। दरियापुर प्रखंड के कई गांवों में भी मही नदी का पानी प्रवेश कर गया है। करीब 25 घरों के लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। वहीं, हाजीपुर-गाजीपुर एनएच-19 पर डुमरी के समीप भी पानी चढ़ गया है। इससे सड़क पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन गई है। दूसरी ओर सरयू नदी का जलस्तर भी लाल निशान को पार कर गया है। जलस्तर बढ़ने के कारण रामघाट पर आवाजाही बंद कर दी गई है। लगातार बढ़ते जलस्तर और कई नदियों के ओवरफ्लो से दिघवारा व आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। — जब सुबह जमीन पर पैर रखा तो घर में पानी घुसने का पता चला दरियापुर में मठिया के पास सुखमयी नदी का बांध भी टूटा मही व सुखमयी नदी का कहर, दो दर्जन घर डूबे बांध पर शरण लेने को मजबूर बाढ़ पीड़ित, मठिया के पास सुखमयी नदी का बांध भी टूटा फोटो- 17 दरियापुर के सुतिहार मठिया के पास सुखमयी नदी के बांध टूटने की सूचना पर पहुंचे सीओ जयंत कुमार दरियापुर, एक संवाददाता। मही नदी के बढ़ते जलस्तर ने दरियापुर प्रखंड के निचले इलाकों में तबाही मचानी शुरू कर दी है।दरियापुर में मठिया के पास सुखमयी नदी का बांध टूट गया है। शर्मा टोला गांव में मही नदी का पानी घुसने से करीब दो दर्जन घर पूरी तरह डूब गए हैं। घरों में पानी भर जाने के बाद लोग परिवार और मवेशियों के साथ बांध पर शरण लेने को मजबूर हैं। घर में रखा अनाज व अन्य सामान भी पानी में बर्बाद हो गया है। खाने-पीने के सामान की कमी से बाढ़ पीड़ितों की परेशानी और बढ़ गई है। शनिवार को शर्मा टोला के बांध पर राजू सहनी अपने मवेशियों के लिए चारा काटते मिले। पास में उनकी दो भैंस बंधी थीं। पूछने पर उन्होंने बताया कि उनका घर मही नदी के पानी में डूब गया है और वे बांध पर शरण लिए हुए हैं। इसी दौरान वहां पहुंचीं राधिका देवी अपनी पीड़ा बताते हुए भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा कि पूरा घर डूब गया है। अनाज और अन्य सामान भी पानी में बर्बाद हो गया। अब बांध पर ही शरण है और खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा है। बाढ़ पीड़ित सत्यनारायण सहनी ने बताया कि शुक्रवार की सुबह जब वे सो रहे थे, तभी नदी का पानी चुपचाप घर में प्रवेश कर गया। सुबह जमीन पर पैर रखने पर घर में पानी घुसने का पता चला। इसके बाद किसी तरह घर का सामान बाहर निकाला गया। शर्मा टोला में मही नदी के बीच बसे उमेश सहनी, केवल सहनी, मुनटुन सहनी, सरयुग सहनी, रविन्द्र सहनी, बिजेंद्र सहनी, नंद किशोर सहनी और जय किशुन सहनी समेत करीब दो दर्जन लोगों के घर पानी में डूब गए हैं। शुक्रवार को प्रशासन की ओर से कुछ राहत सामग्री दी गई, लेकिन पीड़ितों का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने प्रशासन से रहने, भोजन और मवेशियों के चारे की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है। सुखमयी नदी का बांध टूटने से दो गांवों की ओर बढ़ रहा पानी इधर, शनिवार की दोपहर प्रखंड की सुखमयी नदी का बांध मठिया गांव के पास टूट गया। बांध टूटने के बाद पानी तेजी से मठिया और सुतिहार गांवों की ओर बढ़ने लगा। सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी जयंत कुमार मौके पर पहुंचे और बांध को बांधने के प्रयास में जुट गए। उधर, मही नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि के कारण विश्वंभरपुर, पथरा और पुर्दिलपुर समेत कई गांवों के समीप तटबंधों पर पानी का दबाव बढ़ गया है। प्रशासन की टीम तटबंधों की लगातार निगरानी कर रही है। सीमावर्ती गड़खा प्रखंड के बनवारी बसंत और सियारामपुर गांवों के समीप भी तटबंध पर खतरा बढ़ गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर और बांधों पर बढ़ते दबाव से दरियापुर प्रखंड में बाढ़ की आशंका गहरा गई है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मांझी में अटल घाट पानी में डूबा, रामघाट भी खतरे में फोटो- 7 मांझी के रामघाट पर बाढ़ के हालात का जायजा लेने पहुंचे एसडीपीओ 2 प्रेमचन्द सिंह एवम थानाध्यक्ष बिनोद कुमार मांझी। सरयू नदी में बाढ़ के बाद हालात गंभीर होते जा रहे हैं। मांझी में सरयू नदी खतरे के निशान पर बह रही है। इसका पानी रामघाट के पास बन रहे अटल घाट के चारों तरफ फैल गया है। पानी का स्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन अलर्ट मोड़ पर नजर आ रहा है। पानी का स्तर बढ़ने की सूचना पर शनिवार को छपरा सदर के एसडीपीओ-2 प्रेमचन्द्र सिंह और मांझी के थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने रामघाट और बन रहे अटल घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि अटल घाट पूरी तरह पानी में डूब गया है और रामघाट की सीढ़ियों तक बाढ़ का पानी पहुंचने वाला है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने रामघाट पर स्नान करने वालों और घूमने आने वालों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। साथ ही लोगों से अपील की है कि बाढ़ के दौरान मांझी चट्टी से रामघाट की ओर न जाएं। एसडीपीओ प्रेमचन्द्र सिंह ने बताया कि सरयू का जलस्तर खतरे के निशान पर है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के पानी में स्नान करना जान जोखिम में डालना है। थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लोगों से अपील है कि वे बच्चों को नदी किनारे न भेजें, अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें। अगर पानी का स्तर और बढ़ा तो आगे और सख्त कदम उठाए जाएंगे बाढ़ के कारण जेपीयू की सितंबर माह की खेल प्रतियोगिताएं स्थगित छपरा, एक संवाददाता। जयप्रकाश विश्वविद्यालय ने बाढ़, बारिश एवं वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सितंबर में प्रस्तावित अंतरमहाविद्यालय क्रीड़ा प्रतियोगिताओं को स्थगित कर दिया है। छात्र-छात्राओं व संबंधित लोगों से मिले आवेदनों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए कुलपति के आदेश से यह निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय के क्रीड़ा निदेशक प्रो. राजेश नायक ने बताया कि प्रतियोगिताओं का संशोधित कैलेंडर जल्द जारी किया जाएगा। इसे विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड भी किया जाएगा।
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