डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट बीमारी दुनिया भर में 92% लोगों को प्रभावित करेगी
दुनियाभर में हर पांच में से एक व्यक्ति को कैंसर होने का अनुमान
हर साल कैंसर के अनुमानित 2.06 करोड़ मामले सामने आते हैं
2050 तक इसके बढ़कर 3.5 करोड़ होने का अनुमान
जेनेवा, एजेंसी। दुनियाभर में कैंसर के मामले आनेवाले दिनों में तेजी से बढ़ेंगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि 2050 तक दुनिया भर में कैंसर के नए मामलों की संख्या सालाना लगभग 3.5 करोड़ तक पहुंच सकती है। अभी यह संख्या 2.06 करोड़ सालाना है।
डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि कैंसर के खिलाफ प्रगति के बावजूद दुनिया भर के लाखों मरीजों की स्थिति में बहुत कम बदलाव आया है। बीमारी का पता चलने के बाद उन्हें गंभीर शारीरिक, भावनात्मक और आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमानों के अनुसार, हर पांच में से एक व्यक्ति को कैंसर होगा, और यह बीमारी 92% लोगों को प्रभावित करेगी । या तो वे खुद कैंसर से पीड़ित होंगे या उनके परिवार के किसी करीबी सदस्य को कैंसर होगा।
डब्ल्यूएचओ में कैंसर नियंत्रण टीम के प्रमुख डॉ. आंद्रे इल्बावी ने कहा, सालों से कैंसर के बारे में जो कहानी सुनाई जाती रही है, वह वैज्ञानिक प्रगति, नई तकनीकों, नए इलाज और नई उम्मीदों के बारे में रही है। वह कहानी सच है और उसे बताया जाना चाहिए, लेकिन यह पूरी कहानी नहीं है।
डब्ल्यूएचओ की ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट ऑन कैंसर 2026 बताती है कि कैंसर से पहले से ही हर दिन 26000 से अधिक मौतें होती हैं। हर साल लगभग 2.06 मिलियन नए मामले और लगभग एक करोड़ मौतें होती हैं, जिससे यह हृदय की बीमारी के बाद दुनिया में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण बन गया है। इस रिपोर्ट को इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर(आईएआरसी) के साथ मिलकर बनाया गया है।
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि तंबाकू कंट्रोल, वैक्सीनेशन और कैंसर की रोकथाम में तरक्की हुई है, फिर भी लाखों लोगों को जान बचाने वाली देखभाल तक पहुंच में बड़ी असमानताओं का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमीर और गरीब देशों में बचने की दर में बहुत ज्यादा अंतर है। अधिक आय वाले देशों में ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित 87 प्रतिशत महिलाएं कम से कम पांच साल तक जीवित रहती हैं, वहीं कम आय वाले देशों में यह आंकड़ा घटकर लगभग 42 प्रतिशत रह जाता है।
अभी तीन में से एक से भी कम देश अपने यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज पैकेज में कैंसर केयर को शामिल करते हैं, जिससे कई मरीजों को जरूरी डायग्नोसिस, इलाज या सपोर्टिव केयर तक पहुंच नहीं मिल पाती है।
-कम से कम 45 परसेंट लोग पैसे की तंगी का सामना करते हैं
-आधे से अधिक लोग मेंटल हेल्थ से जुड़ी परेशानियों से पीड़ित हैं
-2024 में, एशिया में कैंसर के आधे से अधिक मामले और मौतें हुईं
-यूरोप में कैंसर के 21 परसेंट मामले और 20 परसेंट मौतें हुईं
-मोटापा
-शारीरिक निष्क्रियता
-अस्वस्थ खान-पान
-वायु प्रदूषण और तंबाकू व शराब का सेवन प्रमुख वजहें
रिपोर्ट के अनुसार एशिया में कैंसर से सबसे अधिक मौतें हो रहीं हैं, इनमें भारत भी शामिल है। कैंसर की सबसे जरूरी 20 प्राथमिक दवाइयों की उपलब्धता भारत जैसे निम्न और निम्न-मध्यम आय वाले देशों में मात्र 9 से 54% के बीच ही है, जबकि अमीर देशों में यह 68% से 94% तक उपलब्ध है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के अनुमानों के अनुसार, भारत में हर साल कैंसर के लगभग 14.6 लाख से 15 लाख नए मामले सामने आते हैं। देश में वर्तमान में लगभग 25 लाख लोग कैंसर के साथ जी रहे हैं। 2050 तक 28 लाख सालाना यह संख्या पहुंचने का अनुमान है।
पुरुष
कैंसर के प्रकार मामले
फेफड़ों का कैंसर 1632033
प्रोस्टेट 1546112
आंत 1138656
पेट 638780
लीवर 586676
अन्य कैंसर 4391513
कुल 9933770
महिला
ब्रेस्ट 2434087
लंग 1004972
आंत 902351
थायरॉयड 713180
सर्वाइकल 604196
अन्य कैंसर 3905571
कुल 9564357
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