दुश्मनी भुलाकर साथ आएंगे नेतन्याहू और आइजेनकॉट? बारी-बारी से बन सकते हैं इजरायल के प्रधानमंत्री! दावा – Bharat24live

Shreeom Singh
Date: 29-10-26 22:27
तेल अवीव: इजरायल के चुनाव में किसी भी गठबंधन को बहुमत नहीं मिलने के बाद सरकार बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सरकार बनाने के लिए अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रही है. इनमें अपने बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकॉट के साथ सत्ता साझा करने का विकल्प भी शामिल है. इस प्रस्ताव के तहत दोनों नेता बारी-बारी से दो-दो साल तक प्रधानमंत्री बन सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो यह इजरायल की राजनीति में बड़ा बदलाव होगा, क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा था.
क्या है 2-2 साल प्रधानमंत्री बनने का फॉर्मूला?
इजरायल नेशनल न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लिकुड पार्टी चुनाव के बाद बने राजनीतिक गतिरोध को खत्म करने के लिए सभी संभावनाओं पर विचार कर रही है. पार्टी की कोशिश है कि गठबंधन को लेकर लंबी बातचीत और नए चुनाव से बचा जा सके. इसी के तहत प्रधानमंत्री पद को दो-दो साल के लिए बांटने के प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है. इसके मुताबिक, नेतन्याहू पहले दो साल प्रधानमंत्री रहेंगे और उसके बाद गादी आइजेनकॉट अगले दो साल तक यह जिम्मेदारी संभाल सकते हैं. हालांकि, अभी यह सिर्फ एक विकल्प है और इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है.
चुनाव में किसी को नहीं मिला बहुमत
इजरायल में 27 अक्टूबर को चुनाव हुए थे. वोटों की गिनती लगभग पूरी होने के बाद भी किसी गठबंधन को सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिली हैं. नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी गठबंधन को 53 सीटें मिली हैं, जबकि गादी आइजेनकॉट की याशर पार्टी के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के खाते में 48 सीटें आई हैं.
इजरायल की संसद में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है. ऐसे में अरब पार्टियों को मिली 19 सीटें काफी अहम हो गई हैं. इन पार्टियों की भूमिका सरकार बनाने में निर्णायक हो सकती है.
नेतन्याहू के पास और कौन से विकल्प हैं?
गादी आइजेनकॉट के साथ सत्ता साझा करने के अलावा नेतन्याहू के सामने कुछ दूसरे विकल्प भी हैं. वह कट्टर धार्मिक पार्टियों को शामिल किए बिना राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने की कोशिश कर सकते हैं. इसके अलावा विपक्ष के कुछ सांसदों को अपने पक्ष में लाकर गठबंधन का समर्थन बढ़ाने का रास्ता भी खुला है.
रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल इन विकल्पों पर चर्चा चल रही है. गादी आइजेनकॉट या विपक्ष की ओर से नेतन्याहू के साथ सत्ता साझा करने के प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है.
धार्मिक पार्टियों को लेकर क्यों है विवाद?
लिकुड पार्टी के भीतर ऐसी सरकार बनाने की मांग उठ रही है, जिसमें कट्टर धार्मिक पार्टियां शामिल न हों. ये पार्टियां लंबे समय से धार्मिक शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को अनिवार्य सैन्य सेवा से छूट देने की मांग करती रही हैं. वहीं, दूसरे राजनीतिक समूहों का कहना है कि देश की सुरक्षा के लिए सैन्य सेवा की जिम्मेदारी सभी नागरिकों के बीच समान रूप से बांटी जानी चाहिए.
अगर नेतन्याहू और आइजेनकॉट के बीच सत्ता साझा करने का समझौता होता है, तो धार्मिक पार्टियों की भूमिका सीमित हो सकती है.
गादी आइजेनकॉट का क्या है रुख?
गादी आइजेनकॉट की याशर पार्टी ऐसी सरकार के पक्ष में है, जो यहूदी राष्ट्रीय पहचान के साथ सभी नागरिकों के लिए राष्ट्रीय सेवा की समान जिम्मेदारी पर जोर दे. चुनाव प्रचार के दौरान आइजेनकॉट ने कई बार कहा था कि नेतन्याहू को प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहिए.
हालांकि, सरकार बनाने के लिए अरब पार्टियों पर निर्भर रहने से बचना भी उनके लिए एक चुनौती हो सकती है. ऐसे में सत्ता साझा करने जैसे विकल्पों पर विचार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. फिलहाल इस दिशा में किसी समझौते की पुष्टि नहीं हुई है.
समझौता नहीं हुआ तो फिर होंगे चुनाव?
किसी भी बड़े राजनीतिक गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण सरकार गठन की बातचीत लंबी खिंच सकती है. कैबिनेट में पदों के बंटवारे और नीतियों को लेकर भी दलों के बीच चर्चा होगी. इस प्रक्रिया की देखरेख इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग को करनी होगी.
अगर राजनीतिक दल किसी समझौते पर नहीं पहुंचते हैं, तो देश में आने वाले महीनों में फिर से राष्ट्रीय चुनाव कराए जा सकते हैं. फिलहाल नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. नई सरकार बनने तक यह व्यवस्था जारी रह सकती है.
ये भी पढ़ें- अमीरों की लाइफस्टाइल से बढ़ रहा प्रदूषण! गर्मी और सूखे से 19 लाख मौतों का खतरा, करोड़ों लोग होंगे बेघर
भारत 24 लाइव — भारत का विश्वसनीय हिंदी समाचार पोर्टल। ताज़ा खबरें, विश्लेषण, वीडियो।
लाइव भारत 24 ऐप डाउनलोड करें और लाइव समाचार देखें

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News