दो हजार औद्योगिक इकाइयां हवा प्रदूषित कर रहीं – Live Hindustan

गुरुग्राम, कृष्ण कुमार। हरियाणा के 14 जिलों में संचालित 2912 औद्योगिक इकाइयां पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर हवा को प्रदूषित कर रही हैं। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचपीसीबी) द्वारा किए जा रहे सर्वेक्षण में इस बात का खुलासा हुआ है। दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे राज्य में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए बोर्ड की टीमों ने अब जमीनी स्तर पर जांच तेज कर दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस सर्वेक्षण के दौरान जिन भी उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण मानकों को लेकर लापरवाही मिलेगी, उन्हें तत्काल प्रभाव से पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इस बड़े अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हजारों उद्योगों, नामी कंपनियों और छोटी-बड़ी फैक्टरियों के प्रदूषण स्तर की गहन जांच की जा रही है। विशेषकर गैर-मान्यता प्राप्त (नॉन-कंफॉर्मिंग) और रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रहे उद्योगों के खिलाफ प्रशासन ने सबसे सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अलग-अलग टीमें दिन-रात इन क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। इस पूरे सर्वेक्षण को आगामी 30 जून तक अनिवार्य रूप से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद इसकी अंतिम रिपोर्ट वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को सौंप दी जाएगी.
वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू किया जा चुका है। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे क्षेत्र में कुल 2912 वायु प्रदूषण फैलाने वाले बड़े उद्योगों की पहचान की गई है। इन सभी उद्योगों को कड़े नियमों के दायरे में लाने और उनकी चौबीस घंटे निगरानी करने के लिए प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है। सरकार के इस कदम से औद्योगिक क्षेत्रों में हड़कंप मचा हुआ है और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सीधे पल-पल की रिपोर्ट भेजी जा रही है.
प्रदूषण पर वास्तविक समय में निगरानी रखने के लिए फैक्टरियों की चिमनियों को सीधे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य सर्वर से जोड़ा जा रहा है। कुल चिन्हित उद्योगों में से 1349 फैक्टरियों के लिए ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है। इनमें से 1286 उद्योगों ने इस आधुनिक सिस्टम को सफलतापूर्वक चालू करके खुद को सीधे बोर्ड के सर्वर से जोड़ लिया है, जबकि बचे हुए 63 उद्योगों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
हवा में तैरने वाले हानिकारक कणों को रोकने के लिए सभी फैक्टरियों में एंटी-पोल्यूशन कंट्रोल डिवाइस लगाना अनिवार्य है। आंकड़ों के मुताबिक कुल 986 उद्योगों को यह उपकरण लगाना था, जिनमें से 516 उद्योग इसे पूरी तरह अपना चुके हैं। बाकी बचे 470 उद्योगों के लिए सरकार ने जून से सितंबर तक का एक कड़ा मासिक प्लान तैयार किया है। इसके तहत जून में 68, जुलाई में 84, अगस्त में 104 और सितंबर में 214 उद्योगों में यह उपकरण हर हाल में चालू कराए जाएंगे.
प्रशासन ने गैर-मान्यता प्राप्त और रिहायशी क्षेत्रों में चल रहे अवैध उद्योगों के खिलाफ सबसे घातक प्रहार किया है। एनसीआर के पांच प्रमुख औद्योगिक क्लस्टरों में कुल 56 फैक्टरियां नियमों के विरुद्ध चलते हुए पाए गई थीं, जिनकी जांच पूरी कर ली गई है। प्रशासनिक टीमों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनवरी से अप्रैल के बीच ही 36 फैक्टरियों को पूरी तरह से बंद कर दिया था, जबकि बाकी बचे 20 उद्योगों को भी मई महीने में पूरी तरह सील कर दिया गया है। इन क्षेत्रों में अब दोबारा काम शुरू न हो, इसके लिए पुलिस बल की भी मदद ली जा रही है.
पर्यावरण मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन पूरे एनसीआर के सभी जिलों में वायु प्रदूषण फैलाने वाले अन्य छिपे हुए उद्योगों की पहचान के लिए जो सर्वेक्षण करवा रहा है, वह अब अपने अंतिम दौर में है। गैर-मान्यता प्राप्त क्षेत्रों में चल रहा यह सर्वेक्षण आगामी 30 जून तक अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों का साफ कहना है कि इस सर्वेक्षण की रिपोर्ट आने के बाद नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी छोटे या बड़े उद्योग को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा.
गुरुग्राम और मानेसर में दो हजार से अधिक कपंनियां,फैक्टरियां और उद्योग संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से कितने उद्योग प्रदूषण फैला रहे हैं, इनका सर्वेक्षण किया जा रहा है। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम शहर के उद्योगों का लगातार सर्वेक्षण कर रही है। फरीदाबाद, गुरुग्राम, नूंह, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, पलवल, महेंद्रगढ़, भिवानी,जींद और करनाल में लगे उद्योगों का सर्वेक्षण चल रहा है.
मानेसर क्षेत्र में लगे उद्योगों का सर्वेक्षण चल रहा है। अगले सप्ताह तक सर्वेक्षण का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की पहचान की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी.
-सिद्धार्थ भार्गव, क्षेत्रिय अधिकारी, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मानेसर
बीते सात दिन का शहर का एक्यूआई
दिनांक एक्यूआई
17 जून 90
16 जून 84
15 जून 195
14 जून 194
13 जून 99
12 जून 128
11 जून 208
10 जून 264
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