बुरी नजर से बचने के लिए दुकान या फिर गाड़ी में नींबू-मिर्ची को लटकाना पुरानी परंपरा है। मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और लोगों की खराब नजर नहीं लगती है। इसे विशेष रूप से लोग शनिवार या फिर मंगलवार के दिन लगाते हैं। लोग नए काम की शुरुआत के वक्त भी ऐसा ही करते हैं। हालांकि सवाल ये हैं कि क्या वाकई में नींबू-मिर्ची को टांगने से बुरी बला टल जाती है या फिर इसके पीछे कोई वैज्ञानिक वजह भी छिपी हुई है? आइए जानते हैं कि इसके पीछे की असली वजह क्या है और इसको लेकर क्या मायने हैं?
दरअसल पुराने समय में लोग ये मानकर चलते थे कि नकारात्मक शक्तियां खट्टी और तीखी चीजों की ओर ज्यादा आकर्षित होती हैं। माना जाता था कि नींबू का खट्टापन और मिर्च का तीखापन जब मिलते हैं तो ये कहीं पर भी खराब ऊर्जा को आने नहीं देते हैं। इसी वजह से इसे लोग घर और दुकान के बाहर टांगने लगे। धीरे-धीरे लोगों की ये सोच ही परंपरा बनती चली गई।
नींबू-मिर्ची टांगे जाने वाली परंपरा के पीछे मुख्य रूप से वैसे तो कोई वैज्ञानिक वजह नहीं है। हालांकि पुराने दौर में ही लोग इसका इस्तेमाल कीड़े-मकौड़े को हटाने के लिए किया करते थे ताकि खाने के सामान पर मक्खी वगैरह ना आए। दरअसल नींबू में सिट्रिक एसिड होता है और मिर्च में कैप्साइसिन नाम का एक तत्व होता है। इन दोनों की गंध से कीड़े-मकौड़े दूर रहते हैं और बैक्टीरिया को भी खत्म होते हैं।
कई बार हमारा विश्वास ही सबसे बड़ी ताकत बन जाता है। जब कोई व्यक्ति अपनी दुकान या घर या किसी भी नए काम की शुरुआत में नींबू-मिर्ची लगाता है तो उसे भरोसा होता है कि अब सब सेफ है और किसी की बुरी नजर नहीं लगेगी। इससे एक तरह से मन में सुकून भी आता है। साइकोलॉजी की दुनिया में इसे प्लेसिबो इफेक्ट कहते हैं। इसका साफ-साफ मतलब यही होता है कि जब ऐसी चीजों पर भरोसा होता है ये सोच में भी दिखता है और हम उसे पूरे विश्वास के साथ अपनाते भी हैं।
बता दें कि आज तक ऐसी कोई भी वैज्ञानिक वजह नहीं मिली है जो यह साबित करे कि नींबू-मिर्ची को घर या दुकान के बाहर टांगने से बुरी नजर दूर होती है। इसे लोगों की आस्था और परपंरा से ही जोड़कर देखा जाता है। इस उपाय से मन में एक शांति सी रहती है या फिर सुरक्षा की भावना महसूस होती है और इसी वजह से ये परंपरा पुराने समय से चली आ रही है।
शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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