नेपाल में बाढ़ राहत के लिए 'वन-डोर पॉलिसी', हर घर तक कैसे पहुंचेगी मदद? पूरी डिटेल – Jagran

भोटेकोशी बाढ़ आपदा के बीच नेपाल सरकार ने राहत कार्यों में पारदर्शिता और त्वरित वितरण सुनिश्चित करने के लिए 'वन-डोर …और पढ़ें
नेपाल सरकार की ‘वन-डोर पॉलिसी’।
रसुवा की भोटेकोशी नदी में बाढ़ से भीषण तबाही, सैकड़ों की मौत।
नेपाल सरकार ने राहत कार्यों के लिए ‘वन-डोर पॉलिसी’ लागू की।
सहायता वितरण में पारदर्शिता और वित्तीय धांधली रोकने का लक्ष्य।
डिजिटल डेस्क, काठमांडू। नेपाल में रसुवा की भोटेकोशी नदी में आए फ्लैश फ्लड ने भीषण तबाही मचा दी है, जिसमें सैकड़ों जिंदगियां लील ली गई हैं और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। इस राष्ट्रीय आपदा के बीच राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की वित्तीय धांधली और अराजकता को रोकने के लिए, नेपाल सरकार ने अब ‘वन-डोर पॉलिसी’ लागू कर दी है।
इसके तहत देश-विदेश से आने वाली हर तरह की नकद और सामग्री सहायता केवल एक तयशुदा सरकारी चैनल के जरिए ही पीड़ितों तक पहुंचाई जा रही है। आपदा के इस संकटकाल में राहत वितरण को पारदर्शी, त्वरित और व्यवस्थित बनाने के लिए उठाया गया यह एक बेहद कड़ा और अहम प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
आइए आपदा के इस संकटकाल में नेपाल सरकार की तरफ से लागू किए गए ‘वन डोर पॉलिसी’ के बारे में जानते हैं।
नेपाली वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह नियम उन सभी व्यक्तियों, प्राइवेट सेक्टर, दाताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर लागू होता है जो प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में नकद या सामान के रूप में मदद देना चाहते हैं।
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सरकार ने वित्तीय अनियमितताओं को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है कि राहत सामग्री बिना किसी देरी के सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे। इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय ने विशेष केंद्र और अधिकारी तय किए हैं।
इस सवाल का जवाब है, हां दानदाता केवल नकद ही नहीं, बल्कि सामग्री भी दान कर सकते हैं। इसके लिए सरकार ने तीन मुख्य ड्रॉप-ऑफ हब भी बनाए हैं। 
इसके अलावा, दानदाता संबंधित जिले के मुख्य जिला अधिकारी (CDO) से भी सीधा संपर्क कर सकते हैं।
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नेपाल सरकार के अनुसार, बिल्कुल नहीं। सरकार ने किसी भी निजी संगठन, समूह या व्यक्ति को स्वतंत्र रूप से राहत कोष या सामग्री इकट्ठा करने की अनुमति नहीं दी है।
वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे ऐसे सभी अनधिकृत अभियान गैरकानूनी हैं। गृह मंत्रालय को ऐसे सभी अवैध फंड जुटाने के अभियानों को तुरंत रोकने का निर्देश दिया गया है।
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इस बात को ऐसे समझिए कि संग्रह की गई सहायता को पीड़ितों तक निष्पक्ष रूप से पहुंचाने के लिए सरकार ने एक एकीकृत वितरण प्रणाली बनाई है। इसमें सिविल प्रशासन, नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और स्थानीय व प्रांतीय सरकारों को शामिल किया गया है ताकि कोई भी पीड़ित अछूता न रहे।
नेपाल सरकार के अनुसार दान की राशि या सामग्री की मात्रा पर कोई पाबंदी नहीं है। आप अपनी इच्छा और क्षमतानुसार कितना भी दान दे सकते हैं। इस बात को ऐसे समझिए कि नेपाल में IBAN फॉर्मेट का उपयोग नहीं होता, इसलिए विदेशी दानदाताओं को अपने बैंक को लाभार्थी बैंक का SWIFT कोड, खाता नाम और खाता संख्या देनी होगी।
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पेमेंट विवरण में स्पष्ट रूप से ‘Rasuwa/Bhotekoshi flood relief, 26 AUG 2026’ लिखना अनिवार्य है। ध्यान देने वाली बात यह है कि ट्रांसफर के समय ‘OUR’ विकल्प चुनने से बैंक चार्ज नहीं कटेंगे और पूरी दान राशि बिना कटौती के पहुंचेगी।
गौरतलब है कि नेपाल सरकार की यह ‘वन-डोर पॉलिसी’ आपदा की इस घड़ी में राहत कार्यों को व्यवस्थित और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने का एक सख्त और जरूरी कदम है, ताकि हर एक पीड़ित तक सही समय पर मदद पहुंच सके।

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