भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने नेपियर घास की खेती से भारी आर्थिक नुकसान का आरोप लगाया है। सोमवार को पीड़ित किसानों ने उपखंड अधिकारी दीपक महावर को ज्ञापन सौंपकर मुआवजे की मांग की।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुईं तो 15 जून को ताथेड़ में सैकड़ों किसानों के साथ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
भारतीय किसान संघ की चंद्रावला ग्राम इकाई के अध्यक्ष हर्ष नागर ने बताया कि पर्याप्त खाद, दवा और सिंचाई के बावजूद आठ माह से अधिक समय बीत जाने पर भी फसल का उत्पादन 10 प्रतिशत तक नहीं पहुंच पाया। इससे उन्हें लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
भारतीय किसान संघ के कोटा जिलाध्यक्ष जगदीश कलमण्डा ने कहा कि उन्हें अपनी छह एकड़ भूमि में लगी नेपियर घास की फसल को जोतना पड़ा। उनका अनुमान है कि यदि इस भूमि पर कोई अन्य फसल उगाई जाती तो लगभग तीन लाख रुपये की आय हो सकती थी, लेकिन नेपियर घास से कोई लाभ नहीं मिला। इसी प्रकार रघुवीर चौधरी, श्याम चौधरी, ब्रजसुंदर प्रजापति, राजेंद्र प्रजापति, भुवनेश नागर, नरेश मीणा, गोविंद नागर, बद्रीलाल नागर, महेश मीणा, मुकेश गुर्जर और प्रहलाद मीणा सहित कई अन्य किसानों ने भी नुकसान की भरपाई और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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