पंजाब कांग्रेस कलह: सख्ती और सद्भाव से संकट टालेगा हाईकमान, अध्यक्ष बदलने के दबाव में पार्टी का झुकने से साफ इंकार – punjab congress crisis high command takes firm stance news in hindi – Jagran

पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह को सुलझाने के लिए हाईकमान ने सख्ती और सद्भाव का दोहरा रुख अपनाया है। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि बगावत और दबाव …और पढ़ें
सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे।
हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस कलह पर सख्त रुख अपनाया।
केसी वेणुगोपाल को विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी मिली।
दबाव की राजनीति और गुटबाजी स्वीकार्य नहीं होगी।
संजय मिश्र, नई दिल्ली। अगले विधानसभा चुनाव के लिए सिरदर्द बने पंजाब कांग्रेस के अंदरूनी घमासान का नए सिरे से समाधान निकालने के लिए पार्टी ने शीर्ष स्तर स्तर बातचीत का सिलसिला शुरू कर दिया है। इसके साथ ही कांग्रेस नेतृत्व ने यह साफ संकेत दे दिया है कि बगावत का झंडा उठाकर पार्टी हित की कीमत पर अपनी निजी राजनीतिक महत्वाकांक्षा साधने के प्रयासों को सहन नहीं किया जाएगा।
इन तेवरों के जरिए पार्टी हाईकमान ने यह इशारा भी कर दिया है कि गुटबाजी और सार्वजनिक बयानबाजी के जरिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने का दबाव बनाने का पैंतरा भी स्वीकार्य नहीं है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल ने संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को सूबे में पार्टी की अंदुरूनी गुटबाजी से संबंधित अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद इसका साफ संकेत देते हुए कहा कि प्रदेश के पार्टी प्रधान को बदलना कोई गुडडे-गुडियों का खेल नहीं है।
कांग्रेस हाईकमान के इन संदेशों से साफ है कि पंजाब में अंदरूनी कलह का हल आपसी बातचीत और सदभाव से ही निकाला जाएगा तथा किसी एक गुट के दबाव में पार्टी हित की कुर्बानी नहीं दी जाएगी। बघेल द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के बाद पार्टी सूत्रों की ओर से संकेत साफ हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सीधे तौर पर शायद ही गुटबाजी के संदर्भ में पंजाब के नेताओं से बातचीत करेंगे।
इसकी बजाय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा को हटाने के लिए विद्रोह का झंडा उठाने वाले चाहे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से लेकर सुखजिंदर सिंध रधावा जैसे तमाम नेताओं से बातचीत करेंगे।
इस संदर्भ में वेणुगोपाल अगले एक-दो दिनों में पंजाब से कांग्रेस के सांसदों से भी मशविरा करेंगे तथा हाईकमान के दृष्टिकोण से उन्हें रूबरू कराएंगे। पार्टी सूत्रों के दावों से स्पष्ट है कि हाईकमान चन्नी और रंधावा जैसे अपने वरिष्ठ नेताओं के व्यवहार से क्षुब्ध है।
इसलिए पंजाब के नाराज नेताओं से बातचीत में वेणुगोपाल यह स्पष्ट संदेश देने से गुरेज नहीं करेंगे कि गुट बनाकर दबाव की राजनीति का दांव चलकर नेतृत्व को पंजाब कांग्रेस के व्यापक हित में लिए गए फैसलों को बदलवाया नहीं जा सकता। साथ ही पार्टी अनुशासन की लक्ष्मण रेखा दुबारा लांघी गई तो कांग्रेस नेतृत्व उचित कार्रवाई करने से भी परहेज नहीं करेगा।
अंदरूनी विवाद का निकालने का जिम्मा शीर्ष नेतृत्व ने वेणुगोपाल को सौंपा है और यह बुधवार सुबह स्पष्ट भी हो गया जब भूपेश बघेल ने उनसे मुलाकात कर पंजाब संकट पर अपनी रिपोर्ट उनको सौंपी। पंजाब की छह दिनों की अपनी यात्रा और राज्य के तमाम नेताओं के साथ आमने-सामने हुई मुलाकातों के आधार पर बघेल ने यह रिपोर्ट सौंपी।
अंदरूनी कलह खत्म करने के लिए क्या प्रदेश अध्यक्ष बदला जाएगा इस पर बघेल ने कहा कि रिपोर्ट की अपनी सिफारिशों का वे कैसे खुलासा मीडिया में कैसे कर सकते हैं पर नेतृत्व परिवर्तन कोई बच्चों का खेल नहीं।बघेल के रिपोर्ट सौंपने के दरम्यान ही पंजाब में नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी वेणुगोपाल से मिलने उनके आवास पर पहुंचे और उनसे बातचीत कर चंडीगढ़ वापस लौट गए।
इस बीच पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजुकमार वेरका ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा केसी वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद उम्मीद जताई कि नेतृत्व की समाधान निकालने की पहल का सकारात्मक नतीजा निकलेगा। वेरका ने दावा किया कि पार्टी के अंदरूनी गिले-शिकवे दूर होने के बाद जल्द ही प्रदेश कांग्रेस के सभी नेता दिल्ली से राहुल गांधी के साथ बस में सवार होकर पंजाब की यात्रा पर निकलेंगे और एकजुट होकर चुनाव में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करना सबका एक ही लक्ष्य होगा।
संजय मिश्र, जागरण।नई दिल्ली।अगले विधानसभा चुनाव के लिए सिरदर्द बने पंजाब कांग्रेस के अंदरूनी घमासान का नए सिरे से समाधान निकालने के लिए पार्टी ने शीर्ष स्तर स्तर बातचीत का सिलसिला शुरू कर दिया है। इसके साथ ही कांग्रेस नेतृत्व ने यह साफ संकेत दे दिया है कि बगावत का झंडा उठाकर पार्टी हित की कीमत पर अपनी निजी राजनीतिक महत्वाकांक्षा साधने के प्रयासों को सहन नहीं किया जाएगा। इन तेवरों के जरिए पार्टी हाईकमान ने यह इशारा भी कर दिया है कि गुटबाजी और सार्वजनिक बयानबाजी के जरिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने का दबाव बनाने का पैंतरा भी स्वीकार्य नहीं है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल ने संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को सूबे में पार्टी की अंदुरूनी गुटबाजी से संबंधित अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद इसका साफ संकेत देते हुए कहा कि प्रदेश के पार्टी प्रधान को बदलना कोई गुडडे-गुडियों का खेल नहीं है।कांग्रेस हाईकमान के इन संदेशों से साफ है कि पंजाब में अंदरूनी कलह का हल आपसी बातचीत और सदभाव से ही निकाला जाएगा तथा किसी एक गुट के दबाव में पार्टी हित की कुर्बानी नहीं दी जाएगी। बघेल द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के बाद पार्टी सूत्रों की ओर से संकेत साफ हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सीधे तौर पर शायद ही गुटबाजी के संदर्भ में पंजाब के नेताओं से बातचीत करेंगे। इसकी बजाय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा को हटाने के लिए विद्रोह का झंडा उठाने वाले चाहे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से लेकर सुखजिंदर सिंध रधावा जैसे तमाम नेताओं से बातचीत करेंगे। इस संदर्भ में वेणुगोपाल अगले एक-दो दिनों में पंजाब से कांग्रेस के सांसदों से भी मशविरा करेंगे तथा हाईकमान के दृष्टिकोण से उन्हें रूबरू कराएंगे। पार्टी सूत्रों के दावों से स्पष्ट है कि हाईकमान चन्नी और रंधावा जैसे अपने वरिष्ठ नेताओं के व्यवहार से क्षुब्ध है।इसलिए पंजाब के नाराज नेताओं से बातचीत में वेणुगोपाल यह स्पष्ट संदेश देने से गुरेज नहीं करेंगे कि गुट बनाकर दबाव की राजनीति का दांव चलकर नेतृत्व को पंजाब कांग्रेस के व्यापक हित में लिए गए फैसलों को बदलवाया नहीं जा सकता। साथ ही पार्टी अनुशासन की लक्ष्मण रेखा दुबारा लांघी गई तो कांग्रेस नेतृत्व उचित कार्रवाई करने से भी परहेज नहीं करेगा।अंदरूनी विवाद का निकालने का जिम्मा शीर्ष नेतृत्व ने वेणुगोपाल को सौंपा है और यह बुधवार सुबह स्पष्ट भी हो गया जब भूपेश बघेल ने उनसे मुलाकात कर पंजाब संकट पर अपनी रिपोर्ट उनको सौंपी। पंजाब की छह दिनों की अपनी यात्रा और राज्य के तमाम नेताओं के साथ आमने-सामने हुई मुलाकातों के आधार पर बघेल ने यह रिपोर्ट सौंपी। अंदरूनी कलह खत्म करने के लिए क्या प्रदेश अध्यक्ष बदला जाएगा इस पर बघेल ने कहा कि रिपोर्ट की अपनी सिफारिशों का वे कैसे खुलासा मीडिया में कैसे कर सकते हैं पर नेतृत्व परिवर्तन कोई बच्चों का खेल नहीं।बघेल के रिपोर्ट सौंपने के दरम्यान ही पंजाब में नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी वेणुगोपाल से मिलने उनके आवास पर पहुंचे और उनसे बातचीत कर चंडीगढ़ वापस लौट गए। इस बीच पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजुकमार वेरका ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा केसी वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद उम्मीद जताई कि नेतृत्व की समाधान निकालने की पहल का सकारात्मक नतीजा निकलेगा। वेरका ने दावा किया कि पार्टी के अंदरूनी गिले-शिकवे दूर होने के बाद जल्द ही प्रदेश कांग्रेस के सभी नेता दिल्ली से राहुल गांधी के साथ बस में सवार होकर पंजाब की यात्रा पर निकलेंगे और एकजुट होकर चुनाव में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करना सबका एक ही लक्ष्य होगा।

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