मेरठ ब्यूरो। गर्मियों में सबसे ज्यादा समस्या पेयजल की होती है। बावजूद इसके, अभी तक शहर में पेयजल की व्यवस्थाएं जर्जर हैं। पब्लिक प्लेस, मार्केट, सरकारी अस्पताल और सरकारी ऑफिस में पेयजल की व्यवस्था ठीक नहीं है। लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता है। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने पेयजल की इसी समस्या के बिंदुओं को टटोला।
सोशल मीडिया पर कराया सर्वे
दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की पेयजल की सुविधाओं को लेकर सोशल मीडिया पर सर्वे कराया। इसमें करीब 100 लोगों ने भाग लिया। शहरवासियों ने सोशल मीडिया के प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर अपने विचार रखे।
अस्पतालों में सुविधा नहीं
सिर्फ 157 ओवरहैड टैंक
मेरठ महानगर की करीब 18 लाख जनसंख्या है। 157 ओवरहैड टैंक से जलापूर्ति होती है। वहीं, नगर निगम ने हैंडपंप और पानी की टोंटी की व्यवस्था की है। इनमें अधिकतर हैंडपंप खराब हैं। पानी की टोंटियां सूखी पड़ी हैं। सरकारी अस्पताल, मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस डिपो, कचहरी परिसर, कलेक्ट्रेट में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। कई परिसरों में चिल्ड पानी के लिए वाटर एटीएम व कूलर लगे हैं, लेकिन संचालित नहीं हो रहे हैं। सार्वजनिक स्थलों पर हाइजीन के नाम पर शुद्ध पानी के बजाए गंदगी के बीच पेयजल की सुविधा मिल रही है।
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