परीक्षा में सिर्फ 30%… MBBS पास नहीं कर पा रहे पेपर लीक में घिरे बिवाल परिवार के बच्चे – AajTak

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राजस्थान में सामने आए नीट पेपर लीक मामले में अब बिवाल परिवार को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं. जांच में पता चला है कि परिवार के एक नहीं बल्कि दो बच्चों ने NEET UG 2026 की परीक्षा दी थी. इससे पहले दिनेश बिवाल के बेटे ऋषि बिवाल के परीक्षा देने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन अब मांगीलाल बिवाल के बेटे और विकास बिवाल के छोटे भाई अमन बिवाल का नाम भी जांच के दायरे में आ गया है.
पढ़ाई में कमजोर है विकास
सूत्रों के अनुसार अमन बिवाल ने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई छोड़ दी थी और वह प्रॉपर्टी के कारोबार में लग गया था. इसके बावजूद उसे भी नीट परीक्षा में बैठाया गया. जांच एजेंसियों को शक है कि पेपर लीक नेटवर्क के जरिए उसे परीक्षा दिलाई गई थी. इस मामले में मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.
जांच में सामने आया है कि विकास बिवाल सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है. कॉलेज प्रशासन के मुताबिक विकास पढ़ाई में बेहद कमजोर था. उसकी उपस्थिति भी काफी कम रही. जनवरी से अप्रैल तक वह मुश्किल से दस दिन कॉलेज आया था. इतना ही नहीं, प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में उसे केवल 30 प्रतिशत अंक मिले थे.
कॉलेज से जुड़े सूत्रों का कहना है कि विकास की शैक्षणिक स्थिति को देखते हुए उसके मेडिकल कॉलेज में दाखिले पर पहले से सवाल उठ रहे थे. अब एसओजी की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उसने स्वीकार किया है कि NEET 2025 का पेपर परीक्षा से पहले उसे मिल गया था. इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई हैं.
जांच टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और किन छात्रों तक यह पेपर पहुंचाया गया. सूत्रों के अनुसार कई अन्य छात्रों और एजेंटों के नाम भी एजेंसियों के रडार पर हैं.
नीट परीक्षा की पारदर्शिता पर खड़े हो रहे हैं सवाल
यह मामला पिछले साल सीकर में सामने आए कथित नीट पेपर लीक विवाद से भी जुड़ता दिखाई दे रहा है. मई 2025 में एसओजी ने झुंझुनूं के बनगोठड़ी निवासी पुलिसकर्मी हरदास जांगिड़, चूरू के गागड़वाल निवासी बलवान स्वामी और करौली के शेखपुरा निवासी मुकेश मीणा को हिरासत में लिया था. उन पर आरोप था कि वे 40-40 लाख रुपये में पेपर बेचने के नेटवर्क से जुड़े थे. हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था.
अब बिवाल परिवार से जुड़े लगातार खुलासों के बाद एक बार फिर नीट परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. एसओजी पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
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